February 11, 2026

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दुनिया भर में चलेगा UPI! इस प्लेटफॉर्म के साथ हाथ मिलाने की तैयारी में सरकार, विदेशों में भी पेमेंट होगा आसान

नई दिल्ली ११ फरवरी 26*दुनिया भर में चलेगा UPI! इस प्लेटफॉर्म के साथ हाथ मिलाने की तैयारी में सरकार, विदेशों में भी पेमेंट होगा आसान

नई दिल्ली ११ फरवरी  26*दुनिया भर में चलेगा UPI! इस प्लेटफॉर्म के साथ हाथ मिलाने की तैयारी में सरकार, विदेशों में भी पेमेंट होगा आसान

फिलहाल भारतीय यात्री फ्रांस, UAE, नेपाल, मॉरिशस, पेरू, सिंगापुर, श्रीलंका, जापान, कतर और भूटान जैसे देशों में UPI से भुगतान कर सकते हैं.

दुनिया की टॉप-10 पेमेंट सिस्टम के ट्रांसक्शन-2025

Visa (अमेरिका) – 257 अरब
UPI (भारत) – 228 अरब
UnionPay (चीन) – 220 अरब
Alipay (चीन) – 210 अरब
WeChat Pay (चीन)- 190 अरब
SEPA (यूरोप) – 185 अरब
Mastercard (अमेरिका)- 170 अरब
PIX (ब्राज़ील) – 98 अरब
SKCP (साउथ कोरिया)- 31 अरब
PromptPay (थाईलैंड) – 29 अरब
PayPal (अमेरिका)- 27 अरब

भारत ने एक बार फिर डिजिटल पेमेंट के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व साबित कर दिया है. यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) अब दुनिया का सबसे तेज़ और सबसे बड़ा रीयल-टाइम डिजिटल पेमेंट सिस्टम बन गया है.

भारत सरकार कथित तौर पर डिजिटल पेमेंट को वैश्विक स्तर पर आसान बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने पर विचार कर रही है.

◆ इस सिलसिले में चीन से जुड़ी लेकिन सिंगापुर में आधारित फिनटेक कंपनी एंट इंटरनेशनल से बातचीत चल रही है ताकि उसके प्लेटफॉर्म Alipay+ को भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी UPI से जोड़ा जा सके.
◆ अगर यह योजना साकार होती है तो भारतीय यूजर्स विदेशों में भी UPI के जरिए भुगतान कर सकेंगे.
◆ इस संभावित साझेदारी का सबसे बड़ा फायदा भारतीय पर्यटकों को मिल सकता है.
◆ Alipay+ से जुड़े देशों में मौजूद दुकानों और सर्विस प्रोवाइडर्स पर भारतीय यात्री सीधे UPI से पेमेंट कर पाएंगे.
◆ इससे न तो विदेशी करेंसी बदलने की झंझट रहेगी और न ही महंगे इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन चार्ज का बोझ पड़ेगा.
◆ Alipay+ दुनिया भर में करीब 1.8 अरब यूजर अकाउंट्स और 15 करोड़ से ज्यादा मर्चेंट्स को जोड़ता है. इसका नेटवर्क एशिया से लेकर यूरोप, मिडिल ईस्ट और लैटिन अमेरिका तक फैला हुआ है. ऐसे में UPI को इससे जोड़ना भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम को ग्लोबल पहचान दिला सकता है.
◆ देश के भीतर UPI पहले ही डिजिटल भुगतान की रीढ़ बन चुका है.
◆ हर महीने इसके जरिए लगभग 18 अरब लेनदेन किए जा रहे हैं.
◆ सरकार और रिजर्व बैंक लंबे समय से चाहते हैं कि UPI का इस्तेमाल सीमाओं के बाहर भी बढ़े ताकि भारतीय यात्री और प्रवासी भारतीय रुपये में ही भुगतान कर सकें और क्रॉस-बॉर्डर ट्रांजैक्शन आसान हो.

पिछले कुछ वर्षों में भारत और चीन के रिश्तों में आई तल्खी के चलते पूंजी, तकनीक और टैलेंट का आदान-प्रदान धीमा पड़ा था. कई बड़े निवेश प्रस्ताव भी अटक गए थे. लेकिन बीते साल से दोनों देशों के बीच संबंधों में धीरे-धीरे सुधार के संकेत दिखने लगे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लंबे अंतराल के बाद चीन यात्रा, सीधी उड़ानों की बहाली और वीजा नियमों में ढील इसी दिशा की ओर इशारा करते हैं.

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