March 19, 2026

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अयोध्या ३१ जनवरी २६ * दिव्यांग बच्चों की शिक्षा को लेकर शिक्षक हों संवेदनशील : खंड शिक्षा अधिकारी,BRC रुदौली में सहायक अध्यापकों का पांच दिवसीय प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न

अयोध्या ३१ जनवरी २६ * दिव्यांग बच्चों की शिक्षा को लेकर शिक्षक हों संवेदनशील : खंड शिक्षा अधिकारी,BRC रुदौली में सहायक अध्यापकों का पांच दिवसीय प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न

अयोध्या ३१ जनवरी २६ * दिव्यांग बच्चों की शिक्षा को लेकर शिक्षक हों संवेदनशील : खंड शिक्षा अधिकारी,BRC रुदौली में सहायक अध्यापकों का पांच दिवसीय प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न

भेलसर(अयोध्या)समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत विशेष रूप से दिव्यांग बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं समावेशी शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से सहायक अध्यापकों हेतु आयोजित पांच दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन B.R.C. केंद्र रुदौली में हुआ।यह प्रशिक्षण कार्यक्रम खंड शिक्षा अधिकारी श्री रमा कान्त राम के निर्देशानुसार आयोजित किया गया।प्रशिक्षण में ब्लॉक रुदौली के कुल 110 सहायक अध्यापकों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों की शैक्षिक, मानसिक एवं सामाजिक आवश्यकताओं को समझते हुए उन्हें मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ना रहा।प्रशिक्षण के दौरान पहले दिन प्री-टेस्ट का आयोजन किया गया, जिससे शिक्षकों की प्रारंभिक समझ का मूल्यांकन किया गया। साथ ही प्रतिदिन ऑनलाइन उपस्थिति एवं दैनिक फीडबैक भी लिया गया, जिससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता को बेहतर बनाया जा सके।ब्लॉक के विशेष शिक्षक अशोक कुमार एवं रविंद्र प्रजापति द्वारा शिक्षकों को दिव्यांग बच्चों की पहचान, उनकी आवश्यकताओं, शिक्षण विधियों, व्यवहारिक सहयोग एवं समावेशी शिक्षा की रणनीतियों पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। शिक्षकों को व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से यह बताया गया कि किस प्रकार दिव्यांग बच्चों को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाया जा सकता है।प्रशिक्षण के अंतिम दिन सभी प्रशिक्षार्थियों के लिए पोस्ट-टेस्ट का आयोजन किया गया, जिसमें सभी सहायक अध्यापकों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
समापन अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी श्री रमा कान्त राम ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि “दिव्यांग बच्चे समाज की मुख्यधारा से अलग नहीं हैं। शिक्षकों की जिम्मेदारी है कि वे इनके प्रति संवेदनशील रहें और उन्हें समान अवसर प्रदान करें। समावेशी शिक्षा ही सशक्त समाज की नींव है।”उन्होंने प्रशिक्षण में सक्रिय सहभागिता के लिए सभी शिक्षकों एवं प्रशिक्षकों की सराहना की और आशा व्यक्त की कि यह प्रशिक्षण विद्यालयों में सकारात्मक बदलाव लाएगा।कार्यक्रम के सफल आयोजन से क्षेत्र के शिक्षकों में उत्साह देखा गया और दिव्यांग बच्चों की शिक्षा को लेकर एक नई जागरूकता का संचार हुआ।

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