नई दिल्ली ३१ दिसंबर २५ * भारत के लिए नए साल से पहले आई खुशखबरी! बना दुनिया की चौथी अर्थव्यवस्था…
*🏵️भारत के लिए नए साल से पहले आई खुशखबरी! बना दुनिया की चौथी अर्थव्यवस्था, जापान को छोड़ा पीछे*
*भारत की अर्थव्यवस्था पिछले कई वर्षों से तेज रफ्तार से आगे बढ़ रही है और बीते एक दशक में इसका आकार लगभग दोगुना हो चुका है.*
* चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था: सिर्फ नए भारत की विजय गाथा नहीं, कल की ‘महाशक्ति’ का उद्घोष है
* यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों की मेहनत, आकांक्षा और आत्मविश्वास की प्रत्यक्ष अभिव्यक्ति है
* *2014 में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेतृत्व संभाला, भारत दुनिया की दसवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था*
* केवल एक दशक में भारत ने ब्रिटेन को पछाड़कर 2023 में पांचवां स्थान प्राप्त किया
* 2025 में जापान को पीछे छोड़कर चौथे स्थान पर आ गया
* भारत 4,180 अरब अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था के साथ जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है
* भारत लगातार मजबूत वृद्धि दर के साथ दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है
* 2026-27 तक भारत जर्मनी को पीछे छोड़कर तीसरे स्थान पर पहुंच सकता है, 2030 में जब इसकी जीडीपी 7,300 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँचने की संभावना है
*भारतमाला, सागरमाला, स्मार्ट सिटी मिशन, और PLI स्कीम जैसी योजनाओं ने देश की आधारभूत संरचना को मजबूत किया। 2014 से 2024 के बीच 80,000 किलोमीटर से अधिक राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण हुआ। प्रधानमंत्री आवास योजना, हर घर जल और स्वच्छ भारत जैसे अभियानों ने सामाजिक जीवन को भी बदल दिया।*
■ प्रधानमंत्री जनधन योजना के अंतर्गत 2024 तक 53.13 करोड़ से अधिक बैंक खाते, उज्ज्वला योजना के अंतर्गत 11 करोड़ से अधिक गैस कनेक्शन, और आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से 50 करोड़ से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा दी गई। यह दिखाता है कि भारत का आर्थिक विकास समावेशिता पर आधारित है।
■ वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि 8.2 प्रतिशत रही। यह आंकड़ा पहली तिमाही के 7.8 प्रतिशत और पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही के 7.4 प्रतिशत से अधिक है।
■ यह छह तिमाहियों में सबसे उच्च वृद्धि दर है, जो वैश्विक व्यापार में अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाती है।
■ भारत की आर्थिक वृद्धि में घरेलू कारकों का बड़ा योगदान रहा है। मजबूत निजी उपभोग और निवेश के कारण अर्थव्यवस्था ने इस तेजी को बनाए रखा। इसमें आम लोगों की बढ़ती खर्च करने की क्षमता और बाजार में मांग के मजबूत संकेत प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं।
■ भारत की इस वृद्धि को अंतरराष्ट्रीय संस्थानों ने भी मान्यता दी है। विश्व बैंक ने भारत की 2026 में 6.5 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया है।
■ मूडीज का अनुमान है कि भारत 2026 में 6.4 प्रतिशत और 2027 में 6.5 प्रतिशत की वृद्धि के साथ जी-20 देशों में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना रहेगा।
■ अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भी 2025 के लिए भारत की वृद्धि दर का अनुमान बढ़ाकर 6.6 प्रतिशत और 2026 के लिए 6.2 प्रतिशत कर दिया है।
■ भारत की अर्थव्यवस्था में यह मजबूत प्रदर्शन वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद जारी रहेगा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव और वैश्विक व्यापार में बाधाओं के बावजूद भारत का घरेलू आर्थिक मॉडल और मजबूत निजी खपत इसे स्थिर बनाए रखने में मदद कर रहा है।
■ अभी दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका है, जबकि चीन दूसरे स्थान पर है। भारत की चौथी स्थिति इसे वैश्विक आर्थिक मानचित्र पर प्रमुख भूमिका देने में मदद करेगी। अनुमान है कि आने वाले वर्षों में भारत तीसरे स्थान पर जाकर जर्मनी को पीछे छोड़ सकता है। यह न केवल आर्थिक ताकत का संकेत है, बल्कि निवेश और व्यापार के अवसरों के विस्तार का भी संकेत देता है।
*भारत की लगातार बढ़ती अर्थव्यवस्था, मजबूत घरेलू मांग, और अंतरराष्ट्रीय अनुमानों के समर्थन ने इसे वैश्विक आर्थिक मानचित्र पर नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। भविष्य में इसके तीसरे स्थान तक पहुँचने की संभावनाएँ इसे दुनिया की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने की दिशा में ले जा रही हैं।*

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