कानपुर04जनवरी* खाकी का रौब
जिस थाने के अंतर्गत आने वाले दारू के ठेके से महीना या हफ्ता पहुंचता रहता है वहां उस दारू के ठेके के बाहर खुलेआम दारू पिलाई जाती है वहां पुलिस वाले अनजान बने रहते है या कह सकते देखकर भी नहीं देखते जहां से हफ्ता या महीना नहीं पहुंचता वहां दारू के ठेके के अंदर दारू पीने वालो को पुलिस वाले खाकी के रौब से उठा कर ले जाते है जबकि वो जानते है उत्तर प्रदेश सरकार को दारू से कितना रेवेन्यू आता है
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