August 31, 2025

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पूर्णिया बिहार 25 जुलाई 25*PK विधानसभा घेराव मामले में FIR होने पर बोले

पूर्णिया बिहार 25 जुलाई 25*PK विधानसभा घेराव मामले में FIR होने पर बोले

पूर्णिया बिहार 25 जुलाई 25*PK विधानसभा घेराव मामले में FIR होने पर बोले – गरीब लोगों के लिए आवाज उठाने पर अगर FIR होना है तो एक के बदले 10 FIR हो जाए कोई चिंता नहीं है*
पूर्णिया बिहार से मोहम्मद इरफान कामिल की खास खबर यूपी आज तक न्यूज़ चैनल

*प्रशांत किशोर ने विधानसभा में हाथापाई पर नेताओं को घेरा, बोले – जब शराब और बालू माफिया विधानसभा में बैठेंगे तो मारपीट ही होगा, कोई संवाद तो होगा नहीं*

*तेजस्वी के विधानसभा बहिष्कार पर बोले PK – तेजस्वी धमकी क्यों दे रहे हैं, चुनाव बहिष्कार कर के दिखाएं*
पूर्णिया बिहार । जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर अपनी बिहार बदलाव यात्रा के क्रम में आज सुपौल में बिहार बदलाव जनसभा करने पहुंचे। राघोपुर में जनसभा के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने पटना में विधानसभा घेराव के बाद हुई FIR को लेकर कहा कि हम बिहार की गरीब जनता की आवाज उठाने के लिए गए थे। इसके लिए एक के बदले 10 एफआईआर हो जाए, कोई चिंता नहीं है।
उन्होंने बताया कि बिहार के 94 लाख गरीब परिवारों के साथ धोखा हुआ है। तेजस्वी यादव के साथ जब सरकार थी, तब ही नीतीश कुमार ने जातीय गणना के बाद विधानसभा में यह बात कही थी। सभी गरीब परिवारों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देना था, जो अभी तक नहीं मिला। 20 साल से कह रहे हैं कि दलित-अतिपिछड़ा समाज को घर बनाने के लिए तीन डिसमिल जमीन देंगे, आज तक सिर्फ सवा लाख परिवार को ही मिल सका है। अब जमीन के दाख़िल खारिज में लूट मची है, भ्रष्टाचार है। इसी के विरोध में हमलोग आवाज उठाने गए थे।
वहीं प्रशांत किशोर ने बिहार विधानसभा में विधायकों के बीच मारपीट पर भी तंज किया। उन्होंने कहा कि लोग जब विधानसभा में गुंडा-बदमाश, शराब और बालू माफिया को जीताकर भेजेंगे तो संवाद तो होगा नहीं। बिहार की जनता ने देखा है कि पक्ष हो या विपक्ष, मारपीट और गाली गलौज ही यहां की राजनीति की संस्कृति बन गया है। जन सुराज इसी व्यवस्था को हटाने के लिए है।
प्रशांत किशोर ने इसी बीच विधानसभा चुनाव बहिष्कार के बयान को लेकर तेजस्वी यादव पर हमला करते हुए कहा कि लोकतंत्र में नेता और दल अपना विचार रखने के लिए, अपना निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हैं। अगर उनको लगता है कि बहिष्कार करना चाहिए तो करें। यह धमकी…गीदड़भभकी क्यों देते हैं? बहिष्कार कर दें, यह उनका निर्णय है।

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