June 11, 2026

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गोण्डा02दिसम्बर*गन्ने के बकाया भुगतान को लेकर किसानों में आक्रोश, आत्महत्या की दी चेतावनी*

गोण्डा02दिसम्बर*गन्ने के बकाया भुगतान को लेकर किसानों में आक्रोश, आत्महत्या की दी चेतावनी*

गोण्डा02दिसम्बर*गन्ने के बकाया भुगतान को लेकर किसानों में आक्रोश, आत्महत्या की दी चेतावनी*

(पीड़ित किसानों ने कहा गन्ने का पैसा न मिला और जोर जबरदस्ती हुई तो कर लेंगे आत्महत्या)

गोंडा। जिले के तहसील व विकास खंड कर्नलगंज अन्तर्गत गन्ना क्रय केंद्र रामपुर ‘ब’ पर गन्ना बेचने वाले किसानों में गन्ने का भुगतान न होने से काफी आक्रोशित किसानों ने शीघ्र ही गन्ने का पैसा न मिलने और जोर जबरदस्ती होने पर प्रशासन को आत्महत्या कर‌ लेने की चेतावनी दी है। मामला जनपद गोंडा के तहसील व ब्लॉक कर्नलगंज अन्तर्गत आने वाले गन्ना क्रय केंद्र रामपुर ‘ब’ का है, जहां पर गन्ना बेचने वाले किसानों में गन्ने का भुगतान न होने से काफी आक्रोश व्याप्त है । पीड़ित किसानों का कहना है कि बजाज चीनी मिल ने 20 दिसम्बर 2020 तक का ही भुगतान किया है और अभी शेष बकाया भुगतान नहीं हुआ है फिर भी मिल गन्ना सेंटर चलाने जा रही है। किसानों ने जिलाधिकारी व गन्ना अधिकारी गोंडा को दिये गए प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि अगर भुगतान से पूर्व गन्ना सेन्टर चालू हुआ तो सभी किसान मिल व सेन्टर पर धरना देंगे। वहीं किसानों ने कहा है कि जब तक सभी किसानों का भुगतान न हो जाए तब तक मिल व क्रय केंद्र न चलाया जाय अन्यथा इसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी,और अगर किसानों के साथ कोई जोर जबरदस्ती की गई तो सभी किसान आत्महत्या कर लेंगे।पीड़ित किसानों में रघुनाथ सिंह,मुरलीधर मिश्रा,राम बहादुर सिंह,शेषधर मिश्र,ओमप्रकाश मिश्रा,वीरेन्द्र सिंह,अनिल कुमार,तुंगनाथ पाण्डेय सहित भारी संख्या में किसानों द्वारा बजाज कुंदुरखी मिल के खिलाफ ऐसा सख्त कदम उठाया गया है।
ऐसे में गंभीर सवाल यह उठता है कि आखिर अन्नदाता कहे जाने वाले किसानों को उनका पैसा क्यों नहीं दिया जा रहा है तथा क्या किसानों को जानबूझकर आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया जा रहा है और अगर किसान आत्महत्या कर लेता है तो क्या बजाज कुंदुरखी गन्ना मिल उसकी जिम्मेदार होगी?
उक्त मामले में उप जिलामजिस्ट्रेट हीरालाल ने जिलाधिकारी गोंडा को भी पत्र लिखकर अवगत कराते हुए अग्रिम अनहोनी के प्रति सचेत किया है। जो जिम्मेदार शासन-प्रशासन और जिम्मेदार आला अधिकारियों की कार्यप्रणाली को सवालिया कटघरे में खड़ा रहा है।

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