नई दिल्ली22मई2025*सुप्रीम कोर्ट में आज बक्फ बिल पर बहस का समापन, फैसला सुरक्षित।
आज मैं सुप्रीम कोर्ट रूम नंबर 1 में सातवीं बार मौजूद थी। अदालत की गरिमा, बहसों की गंभीरता, और दलीलों की गूंज — सब मिलकर इतिहास लिखते महसूस हो रहे थे.
1. बहस का समापन और आदेश सुरक्षित (RESERVED):
सुप्रीम कोर्ट ने आज Waqf Amendment Act पर सुनवाई पूरी कर ली. अब फैसला सुरक्षित रख लिया गया है. ये तय करेगा कि वक़्फ़ पर हुआ ये संशोधन संविधान के खिलाफ है या नहीं.
2. Kapil Sibal की आख़िरी दलीलें:
• “जो एक बार अल्लाह को दे दिया गया, वो वापिस नहीं लिया जा सकता.”
• Section 3D का ज़िक्र करते हुए बोले: “अब सरकार खुद अपनी ग़लती को कानून बना कर ढक रही है.”
• CJI बोले — “हम इसे देखेंगे.”
3. Rajeev Dhawan:
• “Waqf इस्लाम के पाँच स्तंभों में से एक है.”
• “ये Places of Worship Act को भी ओवरराइड कर सकता है.”
4. Singhvi ने Section-5 3r, 3C, 3D, 3E, 9, 14, 36 (7a) और 41 हटाने की मांग की.
• “सिर्फ मुसलमानों से 5 साल का प्रमाण माँगना Article 15 का सीधा उल्लंघन है।”
• “किसी और धर्म को यह शर्त नहीं झेलनी पड़ी.”
5. Jammu-Kashmir से AM Dar की दलील:
• “Waqf की जड़ें 622 Hijri से हैं, खुद पैग़ंबर ने इसकी शुरुआत की.”
• “J&K में रजिस्ट्रेशन नहीं था फिर भी सैकड़ों दरगाहें वक़्फ़ ज़मीन पर हैं.”
6. Huzefa Ahmadi का आख़िरी वार:
• “Section 3E Scheduled Tribes को अधिकार देने के बजाय अधिकार छीनता है.”
• “Transfer रोका नहीं गया, वक़्फ़ बनाने का हक छीन लिया गया.”
7. Tamil Nadu से वकील ने कहा:
• “पूरा गाँव वक़्फ़ घोषित कर दिया गया, जबकि वहाँ मंदिर चोल राजा ने बनवाया था.”
• CJI का जवाब: “We will see.”
8. CJI का स्पष्ट संदेश:
• “1995 के कानून को 2025 में चुनौती नहीं दी जाएगी।”
• “हर बहस की सीमा तय है, प्रक्रिया का पालन ज़रूरी है।”
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*आज इतिहास गढ़ा गया — अब फैसला आने तक एक साँस थमी रहेगी*
*Khushboo Geeta Akhtar*

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