कौशाम्बी17फरवरी24*डायट में आयोजित हुआ सामाजिक विज्ञान का पांच दिवसीय प्रशिक्षण*
*कौशाम्बी जिला* शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, मंझनपुर में उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों हेतु सामाजिक विज्ञान के पांच दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन दिनांक 12 फरवरी से 17 फरवरी के मध्य किया गया। इस अवसर पर उप शिक्षा निदेशक प्राचार्य भारती त्रिपाठी ने अपने उद्बोधन में कहा कि सामाजिक विज्ञान को रोचकपूर्ण व सरल तरीके से बच्चों को कैसे पढ़ाया जाए कौन-कौन सी विधा अपनाई जाएं इसी संदर्भ में यह आवश्यकता आधारित सामाजिक विज्ञान का प्रशिक्षण कराया जा रहा था। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य सामाजिक विज्ञान विषय की शिक्षण विधा को छात्रों के लिए रोचक और ग्राह्य बनाना है ताकि इन विषयों में उनका प्रदर्शन बेहतर हो सके। साथ ही बच्चों को खेल-खेल में समाज के बारे में बताते इस तरह शिक्षा दी जाए कि बच्चे को आसानी से विषय-वस्तु समझ में आ जाए।
इस प्रशिक्षण के नोडल तथा प्रवक्ता सुश्री शबनम सिद्ददीकी एवं डॉ. प्रमोद कुमार सेठ ने बताया कि इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण में सामाजिक अध्ययन विषय से संबंधित विभिन्न अवधारणों और गतिविधियों से शिक्षकों को अवगत कराया गया। प्रशिक्षण के पहले दिन डायट प्रवक्ता डॉ. प्रमोद कुमार सेठ ने विद्यालयों में सामाजिक अध्ययन विषय की आवश्यकता, महत्ता और उपादेयता पर प्रकाश डाला तथा डायट प्रवक्ता सुश्री शबनम सिद्ददीकी ने शिक्षण के विभिन्न कौशलों से सभी को अवगत कराता हुए बताया कि एक अच्छे शिक्षण योजना और पाठ योजना की क्या विशेषता होती है और वह कक्षा-कक्ष में अध्यापन में किस तरह सहायक होता है तथा शिक्षण के कौन कौन से कौशल होते है। संदर्भदाता व्योमेश मिश्रा ने मानचित्र की अवधारणा और प्रयोग पर विस्तृत चर्चा की। द्वितीय दिवस वायुमंडल, मौसम एवं जलवायु क्रियाएं पर परिचर्चा की गई। डॉ. संदीप तिवारी द्वारा प्रशिक्षण की महत्ता पर चर्चा करते हुए शिक्षकों का उत्साहवर्धन किया गया। तृतीय दिवस ए.आर.पी आशुतोष शुक्ला द्वारा बताया गया कि हम सामाजिक अध्ययन को रूचिपूर्ण तरीके से बच्चों को कैसे पढ़ा सकते है कौशलेंद्र मिश्र द्वारा वर्तमान समय के समाज में परिवार की उपयोगिता तथा सामाजिक अध्ययन किस तरह समाज निर्माण में अपना योगदान देता है विषय पर चर्चा की। चतुर्थ दिवस आनंद पाठक द्वारा एन.ई.पी. 2020 के विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा करते हुए नागरिक शास्त्र के महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया और कई गतिविधियों को भी कराया अंतिम दिवस धीरज कुमार द्वारा आकलन, मापन और मूल्यांकन के विविध पक्षों पर चर्चा करते हुए बताया कि विद्यालय में इसका प्रयोग किस तरह किया जा सकता है। प्रशिक्षण समापन के अवसर पर वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ. अनिरुद्ध श्रीवास्तव द्वारा प्राचीन समय और वर्तमान समय की शिक्षण पद्धतियों पर विस्तृत चर्चा करते हुए सभी शिक्षकों को उनके कर्तव्य एवं दायित्वों के प्रति ईमानदार रहते हुए अच्छी तरह से शिक्षण कार्य करने के लिए कहा। प्रशिक्षण के समापन पर जनपद के समस्त ब्लॉक से आए हुए प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किया गया। इस अवसर पर संस्थान के प्रवक्ता नीतीश यादव सुरेश चंद्र मिश्र, डॉ. वंदना सिंह सहित अन्य प्रवक्ता उपस्थित रहें।

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