February 22, 2026

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कौशाम्बी18नवम्बर23*डीएपी उर्वरक के लिए मची मारामारी*

कौशाम्बी18नवम्बर23*डीएपी उर्वरक के लिए मची मारामारी*

कौशाम्बी18नवम्बर23*डीएपी उर्वरक के लिए मची मारामारी*

*बीते दो दशक से सहकारी समितियां से लेकर निजी दुकानों में लूट जा रहा है किसान*

*सहकारी समिति पश्चिम शरीरा में किसानों की भीड के अक्रोश से सेल्स मैन ने वितरण बंद कर दिया*

*कौशाम्बी* किसानों को जिस समय डीएपी खाद की जरूरत पड़ती है उस समय सहकारी समितियां से लेकर खुले बाजार में डीएपी खाद की मारामारी हो जाती है कालाबाजारी की खाद खरीदने के लिए किसान मजबूर हैं बीते दो दशक से कृषि विभाग के अधिकारी डीएपी खाद की कालाबाजारी पर रोक नहीं लगा पा रहे हैं विभाग का एक बाबू कालाबाजारी में लिप्त व्यापारियों से वसूली में मशगूल है जिससे ऊंचे दाम पर डीएपी खाद खरीदने के लिए किसान मजबूर है यह प्रत्येक वर्ष का रूटीन वर्क बन गया है कालाबाजारी करने वाले व्यापारियों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती उन पर मुकदमा नहीं दर्ज कराया जाता है उनकी गोदाम सीज कर माल जब्त नहीं किया जाता उनकी गिरफ्तारी नहीं होती है जिससे कालाबाजारी में लिप्त व्यापारियों का हौसला बुलंद है और देखते-देखते फटीचर से दिखने वाले उर्वरक व्यापारी करोड़ों में खेलने लगे हैं

गेहूं और आलू की बुवाई के समय डीएपी खाद की कालाबाजारी का यह खेल दो दशक पूर्व शुरू हुआ है जो बंद होने का नाम नहीं ले रहा है निजी दुकानों के साथ-साथ सहकारी समितियां में भी जमकर कालाबाजारी होती है पूरे जिले के सहकारी समितियां में डीएपी उर्वरक के लिए इन दिनों मारामारी मची है सुबह से काम छोड़कर के किसान उर्वरक के लिए लाइन में खड़े हो जाते हैं लेकिन नंबर आते-आते उनका उर्वरक खत्म हो जाती है फिर दूसरे दिन बुलाया जाता है शनिवार को सहकारी समिती पश्चिम शरीरा मे डीएपी खाद के लिए मारामारी मची देखी गयी है भीड के अक्रोश से सेल्स मैन ने वितरण बंद कर दिया जिससे मजबूर होकर किसानों को वापस लौटना पड़ा है सवाल उठता है कि दो दशक से उर्वरक की कालाबाजारी में मशहूर कौशांबी की धरती पर कालाबाजारी करने वाले व्यापारियों पर आखिर कब अधिकारी कार्रवाई करेंगे या केवल कृषि विभाग के अधिकारियों के सहारे आला अधिकारी उर्वरक की आपूर्ति की जिम्मेदारी का ढिढोरा पीटते रहेंगे

*शशिभूषण सिंह पत्रकार जनपद कौशांबी 9648709715*

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