September 15, 2026

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पूर्णिया बिहार 15 सितंबर 26 *पत्रकार सुरक्षा पर उठे सवाल: प्रभात खबर के रिपोर्टर की पिटाई पर कब जागेगा विभाग?*

पूर्णिया बिहार 15 सितंबर 26 *पत्रकार सुरक्षा पर उठे सवाल: प्रभात खबर के रिपोर्टर की पिटाई पर कब जागेगा विभाग?*

पूर्णिया बिहार 15 सितंबर 26 *पत्रकार सुरक्षा पर उठे सवाल: प्रभात खबर के रिपोर्टर की पिटाई पर कब जागेगा विभाग?*

मोहम्मद इरफान कामिल यूपी आज तक न्यूज़ चैनल पूर्णिया डिविजन बिहार
*पत्रकार के साथ नाजायज हरकत नाकाबिले बर्दाश्त, मानवाधिकार संगठन ने स्वास्थ्य मंत्री से की उच्चस्तरीय जांच की मांग*

*सहरसा/पूर्णिया।*रिपोर्टर की पिटाई, लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर एक बार फिर हमला हुआ है। खबर संकलन करने गए पत्रकार के साथ मारपीट का मामला अब तूल पकड़ने लगा है।

*क्या है पूरा मामला?*

जानकारी के अनुसार प्रभात खबर डिजिटल के पत्रकार अभिषेक कुमार मिड-डे मील खाने के बाद बीमार हुए बच्चों की खबर कवर करने के लिए 12 सितंबर को सहरसा सदर अस्पताल पहुंचे थे। इसी दौरान अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ उनका विवाद हो गया और पत्रकार ने गाली-गलौज, मारपीट और मोबाइल छीनने का आरोप लगाया।
इसी तरह पूर्णिया मेडिकल कॉलेज में भी प्रभात खबर डिजिटल के पत्रकार राजा झा, दैनिक जागरण के अविनाश एवं स्थानीय पत्रकार श्रवण कुमार के साथ मारपीट की घटना सामने आई थी। 20cb

*प्रदर्शन और पुतला दहन, 48 घंटे का अल्टीमेटम*

इस घटना के विरोध में छात्र-युवा संगठनों ने वीर कुंवर सिंह चौक पर प्रदर्शन कर सिविल सर्जन का पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक डॉ एसके आजाद और प्रबंधक ने पैरामेडिकल छात्रों को बुलाकर पत्रकार से मारपीट कराई। 48 घंटे में गिरफ्तारी नहीं हुई तो सहरसा बंद की चेतावनी दी गई है।

*मानवाधिकार संगठन आया सामने, कहा- अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला*

राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है। संगठन के राष्ट्रीय सचिव डॉ. विभूति सिंह ने स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन भेजा है और कहा है कि यह घटना केवल मारपीट नहीं, बल्कि संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है।

*मांगें क्या हैं?*

संगठन ने मांग की है कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन से अलग स्वतंत्र जांच समिति बने, CCTV फुटेज सुरक्षित रखा जाए और दोषी चिकित्सकों/कर्मचारियों पर BNS की धाराओं में FIR दर्ज कर निलंबन हो।
इधर सहरसा के प्रभारी मंत्री मिथिलेश तिवारी ने मामले में संज्ञान लिया है और शाम तक का समय मांगा है, जिसके बाद प्रदर्शन को फिलहाल रोक दिया गया है।

Taza Khabar