हरदोई 16 सितंबर 26*पुलिस का मानवीय चेहरा : हादसे के 8 मिनट में पहुंची खाकी, सरकारी गाड़ी से घायलों को पहुंचाया अस्पताल
कमानी टूटने से अनियंत्रित हुई टूरिस्ट बस पेड़ से टकराई, चालक घायल—पुलिसकर्मियों ने दिखाई संवेदनशीलता
हरदोई पिहानी। आमतौर पर पुलिस की वर्दी को सख्ती और कार्रवाई से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन खाकी का एक दूसरा चेहरा भी है—संवेदना, सेवा और इंसानियत का। योगी सरकार में पुलिस के इस मानवीय रूप की तस्वीर सोमवार रात पिहानी में देखने को मिली। सड़क हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस महज आठ मिनट में घटनास्थल पर पहुंच गई और घायल चालक को अपनी सरकारी गाड़ी से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाकर उपचार कराया।
जानकारी के अनुसार सोमवार रात करीब 10 बजे हरिद्वार धाम से लखीमपुर सवारियां छोड़कर लौट रही बस यूपी 14 डीटी 2177 पिहानी की ओर आ रही थी। बस में चालक आफताब हुसैन (35) पुत्र अल्ताफ हुसैन निवासी मोहल्ला खुरमुली, पिहानी तथा परिचालक/खलासी मलखान सिंह निवासी अलियापुर, लखीमपुर खीरी सवार थे। ग्राम हर्रैया के पास अचानक बस की कमानी टूट गई, जिससे बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई।
हादसे में चालक आफताब हुसैन के पैर में गंभीर चोट आई, जबकि आंख के नीचे और सिर में भी चोटें लगीं। टक्कर इतनी तेज थी कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि बस हरिद्वार से सवारियां छोड़कर लौट रही थी। यदि उस समय बस में यात्री सवार होते तो हादसा और भी बड़ा हो सकता था।
सूचना मिलते ही दौड़ी खाकी, खुद पहुंचाया अस्पताल
हादसे की सूचना मिलते ही कोतवाली प्रभारी श्याम नारायण सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने घायल चालक की हालत देख बिना देर किए उसे सरकारी वाहन में बैठाया और सीएचसी पिहानी पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने घायल का प्राथमिक उपचार किया।
इस दौरान कस्बा इंचार्ज राजेश सिंह, राजेश यादव, हेड कांस्टेबल आशीष सिंह, हेड कांस्टेबल आनंद शुक्ला, कांस्टेबल जयपाल और कांस्टेबल प्रफुल्ल यादव ने घायल की मदद में सक्रिय भूमिका निभाई।
वर्दी के पीछे धड़कता है इंसान का दिल
हादसे के बाद पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता ने यह संदेश दिया कि खाकी केवल कानून का पालन कराने के लिए नहीं, बल्कि जरूरत के समय इंसान के साथ खड़े होने के लिए भी है। घटनास्थल पर समय से पहुंचना और घायल को अपने सरकारी वाहन से अस्पताल पहुंचाना पुलिस की मानवीय संवेदना को दर्शाता है।
वहीं, बस की कमानी टूटने के कारण हुए हादसे ने एक बड़े खतरे की ओर भी इशारा किया। संयोग अच्छा रहा कि बस सवारियों को लखीमपुर में उतारने के बाद वापस लौट रही थी। हादसा यात्री भरी बस के साथ होता तो परिणाम कहीं अधिक भयावह हो सकते थे। ऐसे में लोगों के बीच यह कहावत भी चरितार्थ होती दिखी—‘जाको राखे साइयां, मार सके न कोय।’
More Stories
कानपुर15 सितंबर 26*कलयुगी ‘ममता’ का खौफनाक ड्रामा: आशिक़ी बचाने के लिए बेटे का घोंटा गला,
मुजफ्फरनगर ब्रेकिंग: 15 सितंबर 26*पीनना बाईपास पर 50 वर्षीय व्यक्ति की गोली मारकर हत्या, इलाके में मचा हड़कंप
शामली ब्रेकिंग: 15 सितंबर 26*गाड़ी की साइड लगने को लेकर विवाद में चली गोली, सदर कोतवाली के पास फायरिंग से मचा हड़कंप