September 6, 2026

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लखनऊ 6 सितम्बर 26*चित्रकूट में बाढ़ और अतिवृष्टि पर सीएम योगी सख्त, राहत एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा

लखनऊ 6 सितम्बर 26*चित्रकूट में बाढ़ और अतिवृष्टि पर सीएम योगी सख्त, राहत एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा

लखनऊ 6 सितम्बर 26*चित्रकूट में बाढ़ और अतिवृष्टि पर सीएम योगी सख्त, राहत एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा

लखनऊ/चित्रकूट। यूपीआजतक।

लखनऊ *उत्तर प्रदेश में अतिवृष्टि और बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं पुनर्वास कार्यों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंभीर रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने आज अतिवृष्टि प्रभावित जनपद चित्रकूट के भ्रमण से लौटने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर राहत एवं पुनर्वास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।

उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता तत्काल उपलब्ध कराई जाए और प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया कि बाढ़ और अतिवृष्टि के कारण जिन परिवारों की फसलें प्रभावित हुई हैं, उनकी क्षति का तत्काल सर्वे कराया जाए। इसी प्रकार जिन लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनका भी पारदर्शी तरीके से आकलन कराकर पात्र लाभार्थियों को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और जरूरतमंद लोगों तक सरकारी सहायता समय से पहुंचना प्राथमिकता होनी चाहिए।
पूर्ण क्षतिग्रस्त मकानों के परिवारों को मिलेगा आवास
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना से जोड़ने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, उन्हें आवास उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। वहीं, आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत के लिए पात्र परिवारों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने चित्रकूट धाम के प्रभावित व्यापारियों और मठ-मंदिरों को हुए नुकसान का भी आकलन कराने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रभावित व्यापारियों तथा धार्मिक स्थलों को हुए नुकसान का सर्वे कर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाए।

48 घंटे के भीतर राहत किट वितरण के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री शीघ्र पहुंचाई जाए। उन्होंने राहत किट का वितरण 48 घंटे के भीतर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

इसके साथ ही बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत रखने, लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने और साफ-सफाई की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ के बाद बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतनी होगी। प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक दवाओं, चिकित्सकीय सेवाओं और स्वच्छता व्यवस्था को लगातार मजबूत रखा जाए।

मंदाकिनी नदी के कैचमेंट एरिया से हटेगा अतिक्रमण
चित्रकूट की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी पवित्र मंदाकिनी नदी को लेकर भी मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने मंदाकिनी नदी के कैचमेंट एरिया में मौजूद अतिक्रमण का चिन्हांकन कर नियमानुसार उसे हटाने की कार्रवाई करने को कहा।

इसके अलावा नदी पर बने फुट ओवर ब्रिज का सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बाढ़ और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इसलिए नदी और उसके आसपास मौजूद सभी महत्वपूर्ण संरचनाओं की सुरक्षा का परीक्षण कराया जाए।

मंदाकिनी में नहीं जाएगा सीवर और नालों का पानी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पवित्र मंदाकिनी नदी की स्वच्छता को लेकर भी सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी दशा में सीवर और नालों का पानी मंदाकिनी नदी में नहीं जाना चाहिए।

इसके लिए पर्यटन, सिंचाई और नगर विकास विभाग को आपसी समन्वय के साथ एक कार्ययोजना तैयार कर उसे प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने मंदाकिनी नदी के घाट के विस्तारीकरण की कार्ययोजना तैयार करने पर भी जोर दिया, ताकि आने वाले समय में श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और नदी क्षेत्र का व्यवस्थित विकास किया जा सके।

भविष्य में बाढ़ से नुकसान रोकने पर जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राहत और पुनर्वास के तत्काल कार्यों के साथ-साथ भविष्य में अतिवृष्टि और बाढ़ से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए दीर्घकालिक कार्ययोजना भी तैयार की जाए। उन्होंने बाढ़ के संभावित कारणों, जल निकासी व्यवस्था और संवेदनशील क्षेत्रों का चिन्हांकन कर स्थायी समाधान की दिशा में काम करने के निर्देश दिए।

बैठक में पशुधन की सुरक्षा को लेकर भी मुख्यमंत्री ने आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। गोशालाओं में पर्याप्त मात्रा में चारे की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि आपदा के दौरान गोवंश और अन्य पशुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने लंपी डिजीज से बचाव के लिए भी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। संबंधित विभागों को निगरानी बढ़ाने और पशुधन को संक्रमण से बचाने के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा गया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों से स्पष्ट है कि सरकार तत्काल राहत पहुंचाने के साथ-साथ चित्रकूट जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में भविष्य में बाढ़ और अतिवृष्टि के प्रभाव को कम करने के लिए स्थायी एवं दीर्घकालिक उपायों पर भी जोर दे रही है। अब प्रशासन के सामने मुख्यमंत्री के निर्देशों को समयबद्ध तरीके से जमीन पर लागू करने की बड़ी जिम्मेदारी है।

Taza Khabar