सोनभद्र11मार्च*नाबालिग किशोरी की मौत मामले में मजबूर,पिता ने मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई।
नाबालिग किशोरी की मौत मामले में योगी सरकार मे न्याय मांग को लेकर पीड़ित दर दर भटकने को हुआ मजबूर,पिता ने मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई।
सोनभद्र। अनपरा। अनपरा थाना क्षेत्र के कहुआनाला निवासी सन्नी कनौजिया ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर अपने मृत बेटी को न्याय दिलाने की मांग की है। अनपरा थाने के कहुआनाला निवासी सन्नी कनौजिया ने पत्र के माध्यम से बताया की बीते वर्ष मई महिने मे उनकी अन्य लोगो के साथ 14 वर्षीय लडकी नीलम कुमारी को ओमसाई ट्रेडर्स सिनेमा रोड अनपरा के सुपरवाइजर अपने गोदाम पर वाहन से सामान उतारने के लिए लेकर गये। पैसों को लालच देकर 50 किलो की बोरिया उतरवाने लगे जहां बोरिया उठाने के दौरान दबकर बेहोश हो गई। अन्य लोगों ने सुचना दिया तो मौके पर पहुचकर बेटी को उपचार हेतु सदभावना अस्पताल मे भर्ती कराया। डाक्टरो ने प्राथमिक उपचार के बाद नेहरू अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। जहां 17 मई को अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते मे ही दम तोड दिया। इसके बाद अनपरा थाने से मुंशी व दो सिपाही आये और उसे व ससुर को थाने ले गये जहां दस हजार रुपये लेकर मामले को रफा दफा करने का दबाव बनवाने लगे। डरा धमकाकर कागज पर लिखवा लिया की मै पोस्टमार्टम एवं कानूनी कार्वाई नहीं चाहता हूँ। सादे कागज पर भी हस्ताक्षर करवाया लिया। इसके बाद बबलू भारुका उसका पुत्र व ड्राइवर जीप पर बैठाकर कहुआनाला मोड पर उतारने लगे और बोले की इस बारे मे किसी से शिकायत न करे। अगर कहा तो मारकर फेकवा देंगे। पत्र के माध्यम से सभी उच्चाधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी अबतक कोई कार्यवाही नहीं हुई। दुध्धि उपजिलाधिकारी ने द्वारा जांच की जानकारी अमर उजाला अखबार से मिला। अपर श्रमायुक्त मिर्जापुर पिपरी सोनभद्र द्वारा विवेचना किया गया जिसमें घटना सत्य पाया गया। बीते नवंबर माह मे एक पत्र प्राप्त हुआ जिसमें उपजिलाधिकारी ने घटना के बारे मे किसी और व्यक्ति को तहसील आकर जानकारी देने की बात कही गई इसके बाद पीडित ने एक पत्र लिखकर पुछा की विवेचना होने के बाद विवेचना दोबारा क्यों किया जा रहा है पत्र के साथ सारे साक्ष्य उपजिलाधिकारी को स्पीड पोस्ट द्वारा भेजा लेकिन टाइपिस्ट ने पत्र अपने पास रख लिया। मै जब उनसे मिलने तहसील गया तो ओमसाई ट्रेडर्स के मालिक दीपक जायसवाल से वह बातचीत कर रहे थे। उन्होंने किसी और दिन आने को कहा फोन भी रिसिव नहीं किया। थाने मे आश्वासन देने के बाद भी अबतक न्याय नहीं मिला।दीपक जायसवाल से पुछने पर उन्होंने अपने गोदाम पर घटना न होने की बात कही। वर्तमान मे वह अपना गोदाम अनपरा मोड़ से शक्तिनगर क्षेत्र के अंबेडकरनगर मे बना लिया है।इस मामले में पीड़ित के पास पुख्ता सबूत होने के बावजूद भी इंसाफ न मिलने पर योगी सरकार में दर दर भटकने को लेकर मजबूर हैं. जब इस विषय पर दीपक जायसवाल गोदाम मालिक से बात हुआ उनका कहना है कि कोरोना काल में नाबालिग लड़की की मौत हुई थी जो कि मामला लेबर कोर्ट में चल रहा है वहीं भारूका जी से बात हुई तो उन्होंने कहा कि हमें याद नहीं है ईस मामले में मेरा लड़का गया होगा,अब देखना यह है कि क्या पीड़ित व्यक्ति को मुख्यमंत्री द्वारा न्याय दिलाया जाता है या नहीं।।

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