January 19, 2026

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लखनऊ1सितम्बर25*आज से यूपी के सभी 75 जिलों में एक साथ चलेगा ये विशेष अभियान, जानिए आपको क्या रखनी होगी सावधानी

लखनऊ1सितम्बर25*आज से यूपी के सभी 75 जिलों में एक साथ चलेगा ये विशेष अभियान, जानिए आपको क्या रखनी होगी सावधानी

लखनऊ1सितम्बर25*आज से यूपी के सभी 75 जिलों में एक साथ चलेगा ये विशेष अभियान, जानिए आपको क्या रखनी होगी सावधानी

लखनऊ*यूपी में आज (1 सितंबर) से 30 सितम्बर तक ‘नो हेलमेट, नो फ्यूल’ अभियान चलेगा. योगी सरकार के निर्देश पर सभी 75 जिलों में जिलाधिकारी और जिला सड़क सुरक्षा समिति की निगरानी में अभियान संचालित होगा. सीएम योगी खुद इसकी मॉनिटरिंग करेंगे. पेट्रोल पम्प वाले बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं देंगे. पुलिस, प्रशासन व परिवहन विभाग इसकी निगरानी करेंगे. सरकार का संदेश है कि यह दंड नहीं, बल्कि नागरिक सुरक्षा का संकल्प है.

यूपी के सभी 75 जिलों में आज से एक साथ एक विशेष अभियान चलने जा रहा है. इसकी मॉनिटरिंग खुद सीएम योगी अदित्यनाथ करेंगे. जी हां, आज से यूपी की सड़कों पर अब बिना हेलमेट के चलने वाले दोपहिया चालकों को बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा. योगी आदित्यनाथ सरकार ने सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 1 से 30 सितम्बर तक पूरे प्रदेश में नो हेलमेट, नो फ्यूल विशेष अभियान शुरू कर दिया है. इस पहल के तहत, यदि कोई व्यक्ति बिना हेलमेट पेट्रोल पम्प पर पहुंचता है तो उसे पेट्रोल नहीं दिया जाएगा.

प्रदेश सरकार ने इस अभियान को लागू करने के लिए सभी जिलाधिकारियों, पुलिस विभाग, परिवहन विभाग और राजस्व प्रशासन को साफ निर्देश दिए हैं. अधिकारियों से कहा गया है कि वे न सिर्फ नियमों का पालन करवाएँ बल्कि लोगों को यह समझाएँ कि हेलमेट सिर्फ कानूनी बाध्यता नहीं, बल्कि जिंदगी बचाने की ढाल है. मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 129 स्पष्ट रूप से दोपहिया चालक और पीछे बैठने वाले सवार दोनों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य करती है. वहीं धारा 194D उल्लंघन करने वालों पर दंड का प्रावधान भी देती है. सर्वोच्च न्यायालय की सड़क सुरक्षा समिति ने भी राज्यों को चेताया है कि सड़क पर होने वाली मौतों को कम करने के लिए हेलमेट अनुपालन को सख्ती से लागू किया जाए.

75 जिलों में एक साथ बिगुल

अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत है कि यह पूरे यूपी के सभी 75 जिलों में एक साथ चलाया जा रहा है. जिलाधिकारी स्वयं इसकी निगरानी करेंगे. जिला सड़क सुरक्षा समिति को जिम्मेदारी दी गई है कि वह अभियान को प्रभावी बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों को जोड़े. पुलिस की जिम्मेदारी होगी कि वह जगह-जगह चेकिंग कराए और बिना हेलमेट वालों को चेतावनी दे. परिवहन विभाग नियम उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करेगा और राजस्व प्रशासन पूरे अभियान की मॉनिटरिंग में सहयोग देगा.

पेट्रोल पम्प पर अब नई तस्वीर

पेट्रोल पम्पों पर इस अभियान का सबसे सीधा असर दिखेगा. अब कोई भी बिना हेलमेट पहुंचेगा तो पम्प कर्मचारी उसे ईंधन देने से मना कर देंगे. इसके लिए सरकार ने सभी प्रमुख तेल विपणन कंपनियों—IOCL, BPCL और HPCL—के साथ बैठक कर उन्हें निर्देश दिए हैं. पम्प मालिकों को कहा गया है कि वे नियम का पालन सुनिश्चित करें. खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारी पेट्रोल पम्पों पर जाकर निगरानी करेंगे और कहीं भी लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

परिवहन आयुक्त ब्रजेश नारायण सिंह ने बताया कि ‘नो हेलमेट, नो फ्यूल’ अभियान दंड का तरीका नहीं है. इसका मकसद लोगों में सुरक्षित आदतें विकसित करना है. पिछले अनुभव बताते हैं कि लोग जल्दी ही हेलमेट लेकर आने की आदत डाल लेते हैं. इससे ईंधन बिक्री पर भी कोई नकारात्मक असर नहीं होता. उन्होंने आगे कहा कि सड़क सुरक्षा का यह प्रयास तभी सफल होगा जब नागरिक, प्रशासन और उद्योग सभी एक साथ कदम बढ़ाएं.

Taza Khabar