October 12, 2026

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लखनऊ 12 अक्टूबर 26**लम्पी वायरस से गौवंश की सुरक्षा को लेकर उठाई आवाज*

लखनऊ 12 अक्टूबर 26**लम्पी वायरस से गौवंश की सुरक्षा को लेकर उठाई आवाज*

लखनऊ 12 अक्टूबर 26**लम्पी वायरस से गौवंश की सुरक्षा को लेकर उठाई आवाज*
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👉*जिलाधिकारी एवं मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी से तत्काल कार्रवाई की मांग*

*लखनऊ/बहराइच।* गौवंश में लम्पी स्किन डिजीज (Lumpy Skin Disease) के संक्रमण की आशंका एवं इससे बचाव की आवश्यकता को देखते हुए राष्ट्रीय हिन्दू रक्षा परिषद ने जिला प्रशासन और पशुपालन विभाग से गौवंश की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। परिषद ने जिलाधिकारी बहराइच एवं मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी से अपील की है कि गौवंश के स्वास्थ्य की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं, टीकाकरण और निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

राष्ट्रीय हिन्दू रक्षा परिषद के जिला उपाध्यक्ष संतोष सनातनी के नेतृत्व में गौ रक्षक सिद्धनाथ सनातनी, अवधेश सनातनी एवं प्रमोद सनातनी ने गौवंश की सुरक्षा का विषय उठाते हुए प्रशासन से इस दिशा में गंभीरता से कार्य करने की मांग की।

परिषद का कहना है कि गौवंश ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पशुपालकों की आजीविका और समाज की आस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। ऐसे में पशुओं को संक्रामक बीमारियों से बचाने के लिए समय रहते सतर्कता, उचित उपचार और पशु चिकित्सा विभाग की सक्रियता आवश्यक है। यदि किसी क्षेत्र में लम्पी रोग के लक्षण सामने आते हैं, तो संबंधित विभाग द्वारा तत्काल जांच कराकर आवश्यक उपचार एवं रोकथाम के कदम उठाए जाने चाहिए।
परिषद की प्रमुख मांगें
राष्ट्रीय हिन्दू रक्षा परिषद ने जिलाधिकारी एवं मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी के समक्ष निम्नलिखित मांगें रखी हैं—
पशु चिकित्सा विभाग के माध्यम से निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों में टीकाकरण अभियान चलाया जाए।

ग्रामीण क्षेत्रों, गौशालाओं और गो-आश्रय स्थलों पर आवश्यकता के अनुसार चिकित्सा शिविर लगाए जाएं। लम्पी रोग के लक्षण वाले पशुओं की शीघ्र जांच कराकर उचित उपचार उपलब्ध कराया जाए।

सरकारी पशु चिकित्सालयों में आवश्यक दवाइयां और उपचार संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
संक्रमित पशुओं की देखभाल: पशु चिकित्सकों की सलाह के अनुसार संक्रमित पशुओं को अन्य पशुओं से अलग रखकर उनकी समुचित देखभाल की व्यवस्था की जाए।

गो-आश्रय स्थलों में साफ-सफाई, स्वच्छ पेयजल, पर्याप्त चारे और पशुओं के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।

ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों को रोग के लक्षण, बचाव के उपाय और समय पर पशु चिकित्सक से संपर्क करने के संबंध में जागरूक किया जाए।
त्वरित सहायता व्यवस्था: बीमार एवं बेसहारा गौवंश की सूचना मिलने पर संबंधित विभाग द्वारा समयबद्ध सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए।

जिलाधिकारी एवं मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी से विशेष अपील
राष्ट्रीय हिन्दू रक्षा परिषद ने जिलाधिकारी बहराइच से अनुरोध किया है कि पशुपालन विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर गौवंश की सुरक्षा के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं। साथ ही मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी से मांग की गई है कि जनपद में पशुओं के स्वास्थ्य की स्थिति की निगरानी की जाए और जहां आवश्यकता हो, वहां तत्काल चिकित्सा दल भेजकर जांच एवं उपचार सुनिश्चित किया जाए।

परिषद ने कहा कि गौवंश की रक्षा केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि पशुओं के प्रति संवेदना, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का भी प्रतीक है। बीमार पशुओं को समय पर उपचार मिलना चाहिए तथा पशुपालकों को उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाना चाहिए। प्रशासन और पशुपालन विभाग के समन्वित प्रयासों से बीमारी के प्रसार को रोकने और गौवंश की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहायता मिल सकती है।
राष्ट्रीय हिन्दू रक्षा परिषद ने जिला प्रशासन से इस विषय को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की है। परिषद ने कहा कि गौवंश की सेवा, सुरक्षा और संरक्षण के लिए संगठन निरंतर जनजागरूकता एवं सहयोग के प्रयास करता रहेगा।
प्रमुख रूप से उपस्थित/मांग उठाने वाले:
संतोष सनातनी — जिला उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय हिन्दू रक्षा परिषद
सिद्धनाथ सनातनी — गौ रक्षक
अवधेश सनातनी — गौ रक्षक
प्रमोद सनातनी — गौ रक्षक

Taza Khabar