रुड़की हरिद्वार5जुलाई24*स्लग मजबूरी की इंतहा हो गयी
एंकर भगवान किसी को इतना भी मजबूर ना करें की जहां किसी इंसान को ओकसिजन के सहारे सांस लेना पड़ रहा हो वह इंसान या तो किसी अस्पताल में भर्ती होगा या फिर अपने घर पर बैड पर होगा
एक मामला रुड़की से सामने आया है जिसे देखकर आप भी रोज पड़ेंगे
गुल मोहसिन नाम के एक व्यक्ती जिसके दिल में छेद और किडनी भी खराब है जिस कारण गुल मोहसिन को सांस लेने में दिक्कत है और गुल मोहसिन को ओकसिजन के सहारे सांस लेनी पड़ रही है लाचारी देखिये इस नाजुक हालत में पिडित को अपने इलाज और ग्रहस्ती के लिए रिक्शा चलाना पड रहा है ऊपर से रिक्शे की किस्त का तकाजा पिडित ने बताया की पांच किस्त रिक्शे की भी उनको अदा करनी है जिसको लेकर उन पर रिक्शे की किस्त के पेसो का तकाजा भी बना है पीड़ित अपनी दास्तां सुनाते हुए रो पड़ा
हम तो यही प्रार्थना करेंगे की भगवान ना करे किसी को इस हालत से गुजरना पड़े
गुल मोहसिन ने बताया की उनके पांच बच्चे हैं जिनमें दो बेटे और तीन बेटियां और गुल मोहसिन अपने पांचों बच्चों की शादी कर चुके हैं दोनों बेटे मजदूरी कर अपनी गुजर-बसर करते हैं गुल मोहसिन अपनी बीवी के साथ रहते हैं

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