मथुरा 30 अक्टूबर 26*विद्या भारती ब्रज प्रदेश के नवीन कार्यालय का भूमि पूजन वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न
समाज और राष्ट्र के निर्माण में शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका : यतीन्द्र जी
कु0 सोनम
मथुरा । विद्या भारती ब्रज प्रदेश, माधवकुञ्ज, मथुरा के नवीन कार्यालय के भूमि पूजन समारोह का आयोजन हर्षोल्लास एवं वैदिक परंपराओं के अनुरूप संपन्न हुआ। कार्यक्रम में अखिल भारतीय सह संगठन मंत्री श्री यतीन्द्र जी, मुख्य अतिथि महामंडलेश्वर पूज्य मां साध्वी ध्यानमूर्ति जी, ब्रज प्रदेश संगठन मंत्री श्री हरीशंकर जी, राष्ट्रीय सेविका समिति की अखिल भारतीय बौद्धिक प्रमुख सुश्री शरणरेणु दीदी, पूर्व मंत्री भारतीय शिक्षा समिति श्री कृष्णदयाल अग्रवाल जी एवं कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. रोशन लाल जी ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन कर नवीन कार्यालय की नींव की ईंट रखी।
कार्यक्रम का शुभारंभ मंचस्थ अतिथियों द्वारा ईश वंदना के साथ हुआ। इसके पश्चात विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री विनय कुमार सिंह ने उपस्थित अतिथियों का परिचय कराया। विद्या भारती ब्रज प्रदेश के मंत्री प्रोफेसर डॉ. प्रभास्कर राय ने कार्यक्रम की प्रस्ताविकी प्रस्तुत करते हुए बताया कि वर्तमान में ब्रज प्रदेश में भारतीय शिक्षा समिति , शिशु शिक्षा समिति, जन शिक्षा समिति एवं भारतीय श्री विद्या परिषद सहित चार समितियां कार्यरत हैं, जिनके अलग-अलग कार्यालय हैं। प्रस्तावित नवीन कार्यालय में सभी समितियों के कार्यालय एक ही परिसर में संचालित होंगे। यह कार्यालय आधुनिक सुविधाओं से परिपूर्ण होगा तथा संगठनात्मक गतिविधियों को गति प्रदान करेगा।
इस अवसर पर विद्यालय के भैया माधव ने ‘निर्माणों के पावन युग में’ एकल गीत प्रस्तुत कर उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मुख्य वक्ता अखिल भारतीय सह संगठन मंत्री श्री यतीन्द्र जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज शिक्षा में परिवर्तन की चर्चा व्यापक स्तर पर हो रही है। विद्या भारती वर्ष 1952 से शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रही है। शिक्षा में परिवर्तन से समाज में परिवर्तन और समाज में परिवर्तन से वैचारिक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं के परिश्रम, समर्पण और साधना के बल पर विद्या भारती आज वनवासी, गिरवासी, ग्रामीण, शहरी एवं चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में शिक्षा का कार्य कर रही है। हमारा उद्देश्य हिन्दुत्वनिष्ठ पीढ़ी का निर्माण करना है।
उन्होंने कहा कि कुछ लोग शिक्षा के भारतीयकरण को हिन्दूकरण अथवा भगवाकरण कहकर आरोप लगाते हैं, जबकि हिन्दुत्व का विचार केवल किसी संगठन का विचार नहीं, बल्कि हमारे ऋषियों की जीवन दृष्टि है। विद्या भारती अगले वर्ष अपने 75 वर्ष पूर्ण करने जा रही है और वर्तमान में पुस्तक लेखन के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि कार्य और कार्यकर्ताओं दोनों के लिए कार्यालय की आवश्यकता होती है। विद्या भारती ने सीमित साधनों में भी महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। संगठन महिला सशक्तीकरण की दिशा में भी निरंतर प्रयासरत है।
कार्यकर्ताओं को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि हमें यह विचार करना चाहिए कि हम समाज के लिए क्या कर सकते हैं। कार्यकर्ता को नाम और यश की कामना किए बिना साधना भाव से कार्य करना चाहिए। राजनीतिक अनुकूलताओं के बीच भी सावधान रहते हुए समाज के द्वारा समाज के लिए कार्य करने की प्रवृत्ति बनी रहनी चाहिए। कार्य और कार्यकर्ताओं के विचार में किसी प्रकार की विकृति न आए तथा हमारी साधना कभी खंडित न हो।
मुख्य अतिथि महामंडलेश्वर पूज्य मां साध्वी ध्यानमूर्ति जी ने अपने आशीर्वचन में कहा कि खुशियां बांटने से खुशियां ही प्राप्त होती हैं, इसलिए सदैव प्रसन्नता बांटते रहना चाहिए। उन्होंने नवीन कार्यालय के शीघ्र निर्माण की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमें अखंड भारत के निर्माण का विचार करना चाहिए। व्यक्ति के बजाय व्यक्तित्व निर्माण पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि व्यक्तिगत सोच स्वार्थ की ओर ले जाती है, जबकि व्यक्तित्व की दृष्टि से सोचने पर समाज और राष्ट्र का हित सर्वोपरि होता है।
उन्होंने कहा कि सरस्वती शिशु मंदिर विद्यार्थियों के व्यक्तित्व एवं संस्कारों का निर्माण करते हैं। हमारा प्रयास होना चाहिए कि प्रत्येक विद्यार्थी संस्कारयुक्त शिक्षा प्राप्त करे। विद्या भारती ने शरीर के साथ-साथ हृदय को भी हिन्दुत्वनिष्ठ बनाने का कार्य किया है। संगठन को अपनी पहुंच और प्रभाव का विस्तार करते हुए अपने विचारों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना चाहिए।
कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. रोशन लाल जी ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में सभी अतिथियों एवं कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि हम अपने कार्य की गति को और बढ़ाएं तो समाज की विद्या भारती से जो अपेक्षाएं हैं, वे निश्चित रूप से फलीभूत होंगी।
कार्यक्रम के अंत में भारतीय श्री विद्या परिषद की मंत्री श्रीमती नीरजा शर्मा ने सभी अतिथियों, कार्यकर्ताओं एवं उपस्थित जनसमूह का हार्दिक आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगीत वंदेमातरम् के सामूहिक गायन के साथ हुआ। कार्यक्रम का सफल संचालन श्री राजीव पाठक जी के द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संयोजन श्री यशवीर सिंह जी, श्री हरवीर सिंह जी व श्री विनय कुमार सिंह जी ने किया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से श्रीमती प्रेमापानू, श्री पद्मनाभ गोस्वामी जी, डाॅ आर पी सिंह, विभाग कार्यवाह अरूण दीक्षित जी , श्री देवेंद्र यादव, डॉ. मालती मिश्रा, अध्यक्ष डॉ. गुलशन कुमार, प्रबंधक श्री कामता प्रसाद गुप्ता, प्रोफेसर सुनील कुमार राय, डॉ. रामसेवक, श्री राजीव पाठक, श्री विनय कुमार, श्री उमेश शर्मा, श्री केशव सिंह, श्री नरेंद्र कुमार सहित अनेक गणमान्यजन एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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