मणिपुर8जून25*मणिपुर एक बार फिर बुरी तरह हिंसा की चपेट में।
🛑मणिपुर एक बार फिर से हिंसा की चपेट में है। करीब दो साल से राज्य के लोग हिंसा, हत्या, बलात्कार और पलायन झेल रहे हैं। सैकड़ों मौतें हो चुकी हैं, हजारों लोग बेघर हैं। आखिर क्या कारण है कि केंद्र का शासन होने के बावजूद वहां शांति बहाली नहीं हो पा रही है?
प्रधानमंत्री जी ने मणिपुर को उसके हाल पर क्यों छोड़ दिया है? आज तक न वे मणिपुर गए, न राज्य के किसी प्रतिनिधि से मिले, न कभी शांति की अपील की और न ही कोई ठोस प्रयास किया। यह संवेदनहीन और गैर-जिम्मेदार रवैया किसी लोकतंत्र के लिए अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
प्रधानमंत्री जी की जिम्मेदारी है कि वे देशवासियों के लिए शांति-सुरक्षा सुनिश्चित करें। इससे पीछे हटना अपने कर्तव्य से मुंह मोड़ना है।
*प्रियंका गांधी वाड्रा*

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