भागलपुर रिपोर्ट=शैलेन्द्र कुमार गुप्ता यूपीआजतक
भागलपुर05जुलाई23*साईबर क्राइम कंट्रोल को लेकर पुलिस अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण,
साइबर अपराध पर लगेगी लगाम*
भागलपुर नवगछिया साइबर क्राइम कंट्रोल को लेकर नवगछिया पुलिस जिला के पुलिस पदाधिकारियों को ट्रेंड किया जा रहा है। इसको लेकर पटना से आए साइबर एक्सपर्ट दीपक कुमार के द्वारा पुलिस पदाधिकारियों को नवगछिया में ट्रेंनिग दिया गया। ट्रेनिंग के बाद पुलिस पदाधिकारियों को एक परीक्षा से भी गुजरना पड़ रहा है। पुलिस पदाधिकारियों को ट्रेनिंग के बाद परीक्षा के माध्यम से उनकी जानकारी को भी आंकी जा रही है। राज्य में साइबर अपराध की घटनाएं जिस रफ्तार से बढ़ती जा रही हैं। इससे मुकाबला करने के लिए पुलिस महकमा ने भी कई स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। इसमें दारोगा से लेकर डीएसपी तक के पदाधिकारियों को ट्रेनिंग देना सबसे महत्वपूर्ण है। आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने सभी पदाधिकारियों के लिए विशेष साइबर ट्रेनिंग कार्यक्रम तैयार किया है। अब तक दारोगा से लेकर डीएसपी रैंक के पदाधिकारियों को साइबर ट्रेनिंग दी गई। नवगछिया एसपी ने जानकारी देते हुए बताया कि ट्रेनिंग के दौरान साइबर अपराध के बारे में जानने के साथ उसे कैसे उद्भेदन किया जाए और अपराधियों को कैसे पकड़ा जाए इसके बारे में बताया गया। बता दें कि साइबर अपराध में काफी बढ़ोतरी के बाद सरकार के पुलिस पदाधिकारियों को ट्रेंड करने को लेकर कार्य किया जा रहा है। अक्सर साइबर अपराध के बाद पुलिस मात्र एफआईआर दर्ज करने तक ही फिलहाल सीमित रह जा रही है। टाउन थाना समेत जिला के विभिन्न थाना में सैकड़ों साइबर अपराध के केस पेंडिंग पड़े हुए है। जिसके नवगछिया सहित पूरे बिहार में साइबर थाना भी खोला गया है। साइबर मामले का केस होने के बाद आईओ बदल जाते है लेकिन मामले में कोई सफलता पुलिस को नहीं मिलती है। साइबर अपराध होने के बाद पुलिस केस करने में भी पीड़ित के साथ काफी हिल-हुज्जत करती है। काफी प्रयास के बाद पीड़ित अगर केस दर्ज कराने में सफल हो जाते है तो उन्हें कोई फायदा नहीं दिखता। समय गुजरने के साथ केस भी फाइलों में बंद हो जाती है। सुशांत कुमार सरोज, एसपी नवगछिया ने कहा कि साइबर क्राइम को लेकर दो बाते है, पहला है जागरूकता। हमारी पुलिस प्रस्नल साइबर क्राइम के बारे मे जाने, जागरूक हो और जो ज्ञान यहां पर अर्जित करेंगे वो अपने अन्य पदाधिकारी को और अपने घरवालों को और अपने समाज को बताएंगे, ताकि साइबर ठगी से बच सके। दूसरा पहलू है यहां जो भी पुलिस पदाधिकारी है साइबर क्राइम से जुड़ा जो भी जांच है वो बारिकी से इनलोगो को जानकारी दी जा रही है। इस से हमारे दो फायदे है पहला होगा जागरूकता, दूसरा होगा जांच।

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