April 28, 2026

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प्रयागराज28अप्रैल26*संतों के विवाद में पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन निर्वाण का बैंक खाता सीज

प्रयागराज28अप्रैल26*संतों के विवाद में पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन निर्वाण का बैंक खाता सीज

*!! श्री राम समाज सेवा दल!!*
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प्रयागराज28अप्रैल26*संतों के विवाद में पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन निर्वाण का बैंक खाता सीज, लेन-देन नहीं कर पाएंगे

पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन निर्वाण के संतों का आपसी विवाद रुकने के बजाय निरंतर बढ़ता जा रहा है। इसके चलते अखाड़े का बैंक खाता सीज करने की बड़ी कार्रवाई की गई है। कार्यालय सहायक रजिस्ट्रार फार्म सोसाइटी चीट्स एंड फंड्स की इस कार्रवाई से संत अखाड़े के खाते से लेन-देन नहीं कर पाएंगे। यह कार्रवाई इलाहाबाद हाई कोर्ट के निर्देश पर की गई है।

13 अखाड़ों में पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन निर्वाण प्रमुख है। उदासीन परंपरा के इस अखाड़े की प्रयागराज के अलावा हरिद्वार, नासिक, उज्जैन सहित कई शहरों में शाखाएं हैं। बीते कुछ वर्षों में अखाड़े के संत दो गुट में बंटें हैं।

प्रयागराज महाकुंभ से पहले 2024 में अखाड़े के मुखिया महंत दुर्गा दास ने पंच परमेश्वर की बैठक बुलाई। इसमें महंत रघु मुनि, कोठारी महंत दामोदर दास, अग्रदास और दर्शन दास पर अखाड़े की जमीन बेचने और वित्तीय अनियमिता के आरोप लगाया गया। इसके आधार पर चारों संतों को अखाड़े से निष्कासित कर दिया है।

वहीं, रघुमुनि व अग्रदास ने महंत दुर्गा दास, महंत महेश्वर दास और महंत अद्वैतानंद पर आरोप लगाया है कि इन लोगों ने गलत तरीके से अखाड़े का डेढ़ करोड़ रुपये महाकुंभ के लिए मंजूर कर लिया है। साथ ही अखाड़े की संपत्ति का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए अग्रदास व रघु मुनि ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर दी।

कोर्ट ने 20 अगस्त 2025 को कार्यालय सहायक रजिस्ट्रार फार्म सोसाइटी चीट्स एंड फंड्स, प्रयागराज को मामले की जांच करने का निर्देश दिया। सहायक रजिस्ट्रार फार्म सोसाइटी चीट्स एंड फंड्स मनोज कुमार के अनुसार दो माह में जांच करनी थी, लेकिन उससे अधिक समय बीत गया। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप करते रहे। जांच में अपेक्षा के अनुरूप सहयोग नहीं दिया।

इसको देखते हुए बीते 23 अप्रैल को अखाड़े के सभी राज्यों की शाखाओ के खाता बैंक खाता सीज कर दिया गया है। कर्मचारियों के वेतन, बिजली का बिल, पानी का बिल या अन्य जरूरी आवश्यकता संबंधित भुगतान संबंधित अधिकारी से स्वीकृति लेकर किए जा सकते हैं, लेकिन अखाड़े की किसी संपत्ति को लीज और बिक्री पर आडिट होने तक रोक रहेगी।

महंत रघुमुनि ने इस कार्रवाई का स्वागत किया। कहा, खाता सीज होने से अखाड़े की संपत्ति का दुरुपयोग रुकेगा। साथ ही अखाड़े की परंपरा और मान्यता के विपरीत कार्य करने वालों के खिलाफ कानून और अखाड़ा परिषद के माध्यम से कार्रवाई कराई जाएगी।

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