April 18, 2026

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पूर्णिया बिहार18अप्रैल26* इंसानियत की जीत : 30 साल का दर्द खत्म, GMCH पूर्णिया में गरीब मजदूर का फ्री ऑपरेशन*

पूर्णिया बिहार18अप्रैल26* इंसानियत की जीत : 30 साल का दर्द खत्म, GMCH पूर्णिया में गरीब मजदूर का फ्री ऑपरेशन*

पूर्णिया बिहार18अप्रैल26* इंसानियत की जीत : 30 साल का दर्द खत्म, GMCH पूर्णिया में गरीब मजदूर का फ्री ऑपरेशन*

पूर्णिया बिहार से मोहम्मद इरफान कामिल की खास रिपोर्ट यूपीआजतक न्यूज़ चैनल

पूर्णिया बिहार : भवानीपुर के गरीब मजदूर गुरुदेव मुखिया के लिए जीएमसीएच पूर्णिया के डॉक्टर मसीहा बनकर उतरे। डॉ. तारकेश्वर कुमार और डॉ. विकास कुमार की टीम ने 30 साल से 3 किलो के मांस के लोत्‍हड़े का बोझ ढो रहे मजदूर का जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक कर दिया, डॉक्टरों ने बताया कि अगले 24 घंटे नाजुक हैं, मगर मरीज के जल्द ठीक होकर सामान्य जिंदगी में लौटने की पूरी उम्मीद है,
गुरुदेव मुखिया की कहानी रुला देने वाली है। 30 साल पहले गले में निकला छोटा सा मस्सा गरीबी के कारण हॉस्पिटल तक नहीं पहुंच सका, होम्योपैथी से इलाज कराते-कराते वह मस्सा बढ़कर 3 किलो के लोत्‍हड़े में बदल गया, कटहल की तरह गले से लटकता यह बोझ हर सांस को सजा बना देता था, खाना, सोना, मजदूरी , हर काम में तकलीफ, फिर भी वह पेट के लिए दर्द दबाकर काम करता रहा,
किस्मत तब पलटी जब डॉक्टर विकास कुमार ने उसे होटल में बड़ी मुश्किल से खाना खाते देखा, मंजर देखकर डॉक्टर का दिल पिघल गया, उन्होंने तुरंत जीएमसीएच लाने का फैसला किया, जेब में एक फूटी कौड़ी नहीं थी, लेकिन डॉक्टरों ने ठान लिया कि इलाज होगा और एक रुपया भी नहीं लिया जाएगा,
मरीज का कोई अपना साथ नहीं था, प्रेस क्लब पूर्णिया, श्रीराम सेवा संघ और अन्य सामाजिक संगठनों को जोड़ा गया, पवन झा ने केयरटेकर बनकर जिम्मेदारी उठाई, जीएमसीएच के मेडिकल छात्र-छात्राओं ने गुरुदेव को पिता मानकर सेवा का वचन दिया, अस्पताल में इंसानियत का सैलाब उमड़ पड़ा
डॉक्टर तारकेश्वर और डॉक्टर विकास की टीम अब तक सैकड़ों गरीबों का मुफ्त इलाज कर चुकी है, इनकी वजह से कई परिवार जमीन-जेवर बेचने से बच गए, जहां फर्जी नर्सिंग होम दलालों के जरिए मरीजों को लूटते हैं, वहीं पूर्णिया के ये युवा डॉक्टर साबित कर रहे हैं कि इलाज धंधा नहीं, धर्म है,
डॉक्टर तारकेश्वर कुमार बोले, अगर डॉक्टर की नजर सिर्फ नोट पर होगी तो मानवता मर जाएगी। भगवान का दिया हुनर गरीब की सेवा में लगे, यही असली इलाज है। डॉक्टर विकास कुमार ने कहा पैसा आता-जाता है, पर किसी की जिंदगी बचाकर जो सुकून मिलता है वह अनमोल है,
जीएमसीएच की इस पहल ने पूरे इलाके में उम्मीद जगा दी है, यह खबर सिर्फ एक ऑपरेशन की नहीं, मरती हुई इंसानियत के जिंदा होने का सबूत है,

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