पूर्णिया बिहार 8 सितंबर26* पंद्रह दिवसीय लोकगीत-लोकनृत्य प्रशिक्षण कार्यशाला का भव्य समापन,
डीएम अंशुल कुमार ने कहा – लोककला ही बिहार की असली पहचान
मोहम्मद इरफान कामिल यूपी आज तक न्यूज़ चैनल पूर्णिया डीवीजन बिहार
*पूर्णियां बिहार ।* कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार सरकार तथा जिला प्रशासन पूर्णिया के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पंद्रह दिवसीय लोकगीत एवं लोकनृत्य प्रशिक्षण कार्यशाला का भव्य समापन समारोह हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि पूर्णिया के जिलाधिकारी श्री अंशुल कुमार रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत और प्रशिक्षुओं द्वारा प्रस्तुत मनमोहक लोकगीत एवं लोकनृत्य की प्रस्तुतियों के साथ हुआ।
*बिहार की लोकसंस्कृति से रूबरू हुए प्रशिक्षु*
15 दिनों तक चली इस कार्यशाला में प्रशिक्षुओं ने बिहार की समृद्ध लोक सांस्कृतिक परंपराओं की विभिन्न विधाओं का गहन प्रशिक्षण प्राप्त किया। समापन समारोह में प्रशिक्षुओं ने जो प्रभावशाली प्रस्तुतियां दीं, उसमें उनके 15 दिनों के अभ्यास और लोक संस्कृति के प्रति लगाव साफ झलका। उनकी प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया।
*जिलाधिकारी ने कहा – नई पीढ़ी को जोड़ना जरूरी*
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि जिलाधिकारी श्री अंशुल कुमार ने कहा कि बिहार की लोककला, लोकगीत और लोकनृत्य हमारी सांस्कृतिक पहचान और गौरवशाली विरासत हैं। इस तरह की कार्यशालाएं नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने और विलुप्त हो रही लोक कलाओं के संरक्षण-संवर्धन में मील का पत्थर साबित होंगी। उन्होंने सभी प्रशिक्षुओं से अपनी प्रतिभा को निरंतर निखारने और इस विरासत को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
*अनुभवी कलाकारों ने दिया प्रशिक्षण*
कार्यक्रम में जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी श्री पंकज कुमार पटेल ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि कार्यालय का निरंतर प्रयास है कि जिले की लोक परंपराओं को संरक्षित कर नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाए।
इस कार्यशाला में लोकगीत का प्रशिक्षण प्रसिद्ध लोकगायिका *चांदनी शुक्ला* द्वारा और लोकनृत्य का प्रशिक्षण आम्रपाली पुरस्कार से सम्मानित वरिष्ठ कलाकार अमित कुमार द्वारा दिया गया। दोनों प्रशिक्षकों ने 15 दिनों तक बड़ी बारीकी से प्रशिक्षुओं को तैयार किया।
अंत में अपर समाहर्ता सह जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी श्री जयचंद्र यादव ने धन्यवाद ज्ञापन किया और कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यशाला का समापन लोककला के संरक्षण और संवर्धन के संकल्प के साथ हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अधिकारी, कलाकार, प्रशिक्षु और कला प्रेमी मौजूद थे।

More Stories
पूर्णिया8 सितंबर 26*12 सितंबर को तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत – जिला जज ने जागरूकता रथ को किया रवाना*
पूर्णिया बिहार 8 सितंबर26 *कटिहार / गेराबारी में निःशुल्क फर्टिलिटी शिविर – निःसंतान दंपतियों के लिए खुशखबरी*
जोधपुर8सितंबर 26*लोकदेवता बाबा रामदेव मंदिर में भव्य अखण्ड कीर्तन ‘खड़ी सप्ताह’ समारोह 13 सितंबर से, गूंजेगा रामसा पीर का जयकारा