October 31, 2026

UPAAJTAK

TEZ KHABAR, AAP KI KHABAR

पूर्णिया बिहार 31 अक्टूबर 26 *पूर्णिया ने किया कमाल: राजस्व रैंकिंग में DM कोर्ट के निपटारे में पूरे बिहार में नंबर-1, प्रदेश के 38 जिलों को पछाड़ा!*

पूर्णिया बिहार 31 अक्टूबर 26 *पूर्णिया ने किया कमाल: राजस्व रैंकिंग में DM कोर्ट के निपटारे में पूरे बिहार में नंबर-1, प्रदेश के 38 जिलों को पछाड़ा!*

पूर्णिया बिहार 31 अक्टूबर 26 *पूर्णिया ने किया कमाल: राजस्व रैंकिंग में DM कोर्ट के निपटारे में पूरे बिहार में नंबर-1, प्रदेश के 38 जिलों को पछाड़ा!*

मोहम्मद इरफान कामिल ब्यूरो चीफ़ यूपी आज़तक न्यूज़ चैनल पूर्णिया डीवीजन बिहार

*कुल रैंकिंग में भी तीसरे स्थान पर पहुंचा पूर्णिया, किशनगंज-शेखपुरा को दे रहा टक्कर*

पूर्णिया बिहार / पूर्णिया जिले ने एक बार फिर प्रशासनिक दक्षता में अपना लोहा मनवाया है। सितंबर 2026 की राजस्व रैंकिंग में पूर्णिया ने डीएम कोर्ट के मामलों के निपटारे में प्रदेश के सभी 38 जिलों को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया है।

*91.06% डिस्पोजल के साथ पूर्णिया अव्वल*

जारी रैंकिंग के अनुसार पूर्णिया का डिस्पोजल रेट 91.06% रहा, जो राज्य में सबसे ज्यादा है। इसके लिए पूर्णिया को 20 में से 18.21 अंक मिले हैं, जो भी सबसे अधिक हैं। इस मानक का वेटेज 20% है। इस मामले में पूर्णिया के बाद भोजपुर दूसरे स्थान पर रहा जिसका डिस्पोजल 86.96% और 17.39 अंक रहा, जबकि सुपौल 86.09% के साथ तीसरे स्थान पर रहा।

*कुल रैंकिंग में लगाई छलांग, अब तीसरे नंबर पर पूर्णिया*

कुल राजस्व रैंकिंग में भी पूर्णिया ने एक पायदान की छलांग लगाई है। कुल 74.60 अंकों के साथ पूर्णिया राज्य में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है, जबकि अगस्त में वह चौथे स्थान पर था। पहले स्थान पर किशनगंज 77.57 अंकों के साथ और दूसरे पर शेखपुरा 76.48 अंकों के साथ है।

*समाहर्ता न्यायालय के आंकड़े भी दमदार, सिर्फ 335 केस पेंडिंग*

जून 2025 से अक्टूबर 2026 तक समाहर्ता न्यायालय, पूर्णिया में कुल 666 वादों का निष्पादन किया गया। सबसे ज्यादा जुलाई 2026 में 152 वाद निपटाए गए, जबकि उस माह सिर्फ 9 नए वाद आए। अगस्त और सितंबर 2026 में 63-63 वाद निपटाए गए, जबकि नए वाद क्रमशः 10 और 8 ही आए। अक्टूबर 2026 में 14 नए वादों के मुकाबले 41 वादों का निष्पादन हुआ। हर महीने निपटारे की संख्या नए वादों से कई गुना ज्यादा रही, जिसके कारण अब सिर्फ 335 मामले ही लंबित रह गए हैं।

Taza Khabar