April 25, 2026

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पंजाब 19 अगस्त *उधार अफीम लाकर सरपंच के बेटे को साजिश के तहत फंसाया, जांच में निर्दोष पाए गए सहदेव

पंजाब 19 अगस्त *उधार अफीम लाकर सरपंच के बेटे को साजिश के तहत फंसाया, जांच में निर्दोष पाए गए सहदेव

पंजाब 19 अगस्त *उधार अफीम लाकर सरपंच के बेटे को साजिश के तहत फंसाया, जांच में निर्दोष पाए गए सहदेव
अबोहर, 19 अगस्त (शर्मा/सोनू):अबोहर। संगरिया में गत 10 जुलाई को मालारामपुरा सरपंच पुत्र सहदेव की कार में 6.600 किलो अफीम रखने के बहुचर्चित मामले की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। अफीम का यह सारा खेल मास्टरमाइंड ने रुपयों के लालच और पंचायत में सहदेव की ओर से उनकी पक्ष नहीं लेने के कारण किया था। रिमांड अवधि में मास्टरमाइंड ने स्वीकार किया कि वह जैसलमेर के पोकरण की अफीम सप्लायर कमला से उधार अफीम लेकर आया था। इसमें 90 हजार रुपए महिला सप्लायर को बाद में देना तय हुआ था लेकिन वह पकड़े गए। कम कीमत में 6.600 किलो अफीम मिलने से इसमें मिश्रण की आशंका है जिस पर सैंपल जांच के लिए एफएसएल भेजा गया है। खास बात है कि पुलिस और एसओजी ने इस मामले की जांच का दायरा बढ़ाते हुए जैसलमेर पुलिस से संपर्क किया तो पोकरण पुलिस ने अफीम सप्लायर कमला कंवर पत्नी रूपसिंह निवासी लोहटा को 250 ग्राम अफीम का दूध व 150 निर्मित अफीम सहित गिरफ्तार कर लिया। उसे पोकरण पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। तलवाड़ा थाना पुलिस कमला कंवर को जैसलमेर से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ करेगी जिसमें बड़ा खुलासा होने की उम्मीद है। इस मामले फरार पांचवे आरोपी पूनमचंद झाझड़ा निवासी माधोगढ़ बीकानेर की तलाश जारी है। पुलिस रिमांड अवधि समाप्त होने पर शुक्रवार को मास्टरमाइंड वेदप्रकाश बिश्नोई के अलावा उसके चचेरे भाई ओमप्रकाश पुत्र तुलछाराम, विकास भाटी पुत्र कन्हैयालाल भाटी को कोर्ट में पेश करेगी। वहीं अनजान नाम से सिम उपलब्ध करवाने वाले राहुल पुत्र बग्घाराम बिश्नोई जोधपुर को पहले ही जेल भेजा जा चुका है। इस मामले में वेदप्रकाश के मामा रामनिवास की कोई भूमिका सामने नहीं आई। यहां बता दें कि रामनिवास और पदमपुर के धर्मपाल के बीच करीब 90 लाख रुपए के लेनदेन के विवाद को लेकर पंचायत में पक्ष नहीं लेने के कारण ही सहदेव को फंसाना वेदप्रकाश ने कबूल किया है। इस मामले का सुपरविजन एसओजी कर रही है।
संगरिया पुलिस के मुखबिर की भूमिका संदिग्ध, जांच कर रही पुलिस
मामले की प्रारंभिक जांच में एक अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि इस प्रकरण में संगरिया पुलिस को एनडीपीएस कार्रवाई की सूचना देने वाले मुखबिर की भूमिका भी संदिग्ध है। वह इसमें पुलिस टीम को गच्चा दे गया ताकि वह दोनों तरफ से फायदा ले सके। ऐसा माना जा रहा है कि वह पुलिस से मुखबिरी का इनाम तो मास्टरमाइंड वेदप्रकाश से भी रुपए लेना चाहता था।
फोटो 3: सहदेव व आरोपी युवक

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