June 20, 2026

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नैनीताल20जून26*लालकुआं में ब्याजखोरों का बढ़ता मकड़जाल: बेकसूर बन रहे मौत का शिकार, आखिर कौन है जिम्मेदार?**

नैनीताल20जून26*लालकुआं में ब्याजखोरों का बढ़ता मकड़जाल: बेकसूर बन रहे मौत का शिकार, आखिर कौन है जिम्मेदार?**

नैनीताल20जून26*लालकुआं में ब्याजखोरों का बढ़ता मकड़जाल: बेकसूर बन रहे मौत का शिकार, आखिर कौन है जिम्मेदार?**

**लालकुआं (उत्तराखंड):**उत्तराखंड के लालकुआं क्षेत्र में इन दिनों अवैध रूप से फल-फूल रहा ब्याजखोरी का धंधा आम लोगों के लिए काल बन चुका है। क्षेत्र में पैर पसार चुके ब्याजखोरों के मायाजाल (मकड़जाल) में फंसकर कई बेकसूर लोग अपनी जान गंवाने को मजबूर हो रहे हैं। लगातार सामने आ रहे मामलों ने अब स्थानीय प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
### **मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं सूदखोर**
सूत्रों और स्थानीय लोगों के मुताबिक, आर्थिक तंगी या किसी आपातकालीन जरूरत के समय ये सूदखोर सीधे-सादे लोगों को अपने झांसे में लेते हैं। बेहद ऊंची और मनमानी ब्याज दरों पर पैसा देने के बाद, ये वसूली के लिए प्रताड़ना का ऐसा खेल शुरू करते हैं जिससे बाहर निकल पाना एक आम इंसान के लिए असंभव हो जाता है।
### **मानसिक प्रताड़ना और धमकियां दे रही हैं ‘मौत को दावत’**
मूलधन से कई गुना ज्यादा ब्याज वसूलने के बाद भी इन ब्याजखोरों का पेट नहीं भरता। कर्जदारों को समाज में बदनाम करने की धमकी, मानसिक रूप से प्रताड़ित करना और उनके घरों पर जाकर डराना-धमकाना अब आम बात हो चुकी है। इसी भारी तनाव और प्रताड़ना को न झेल पाने के कारण कई बेकसूर लोग सुसाइड जैसा आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर हो रहे हैं।
### **बड़ा सवाल: आखिर कौन है इसका जिम्मेदार?**
इस खौफनाक ट्रेंड को देखकर अब जनता में गहरा आक्रोश है। लोगों का पूछना है कि:
* क्या स्थानीय पुलिस और प्रशासन को इन अवैध ब्याजखोरों के नेटवर्क की भनक नहीं है?
* आखिर कब तक बेकसूर लोग इस मकड़जाल में फंसकर अपनी जान देते रहेंगे?
* इन दबंग सूदखोरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है?
> **बड़ी मांग:** क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि पुलिस प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आए। एक विशेष टीम का गठन कर लालकुआं और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय ऐसे सभी अवैध ब्याजखोरों को चिन्हित किया जाए और उनके खिलाफ रासुका व गैंगस्टर एक्ट जैसी कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाए, ताकि किसी और बेकसूर को अपनी जान न गंवानी पड़े।

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