*ब्रेकिंग दिल्ली:
नई दिल्ली25जुलाई26*हारे प्रधान झुकी सरकार, शिक्षा मंत्री को बचाने के सारे दांव हुए नाकाम, Zen Z आंदोलन ने साबित की अपनी अहमियत…*
नई दिल्ली*एक कहावत है कि सिंहासन खाली करो कि जनता आती है!
ये वही मोदी सरकार है जिसने पिछले 12 वर्षों में देश में कई अप्रत्याशित फैसले लिए।
नोट बंदी जीएसटी देश बंदी देश पर अभूतपूर्व कर्ज सेना में अग्निवीर..
देश में बढ़ती बेरोजगारी महंगाई आदि बेलगाम हालातों पर देश की जनता इस सरकार से कभी सवाल इसलिए नहीं पूछ पाई थी कि वह उन्हें बदलाव लाने के लिए चुनी थी।
बार बार उन्हें मौके पर मौका दे रही थी….
लेकिन अब तो हद हो गई तब जब दिन रात मेहनत करने वाले प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने लगे।
नौकरी आप दे नहीं पा रहे हो किसी तरह छात्रों के अभिभावकों द्वारा लोन कर्ज लेकर उन्हें पढ़ाया जा रहा है तो पेपर लीक होते जा रहे हैं।
सबसे बड़ी बात एक सरकार के नाते जो नैतिक जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का प्रदर्शन होना चाहिए था
आप उससे भी भाग रहे हो।
फिर तो सब्र धैर्य आम आदमी का जवाब दे ही जायेगा…
धरना आंदोलन प्रदर्शन का दायरा पूरे देश देश के हर प्रदेशों हर जिलों हर घरों तक फैल गया।
यहां तक कि इसके विरोध में विदेशों में भी प्रदर्शन होने लगे।
अब जाकर पूरी मजबूरी में धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लिया गया।
जिसमें नैतिकता से ज्यादा दबाव का प्रभाव नजर आ रहा है।
ऐसी स्थितियां हालात और खराब करेंगी।
आपको अपनी जिम्मेदारी का एहसास होना चाहिए।
जो मन की बात से संभव नहीं है धरातल पर उसका प्रदर्शन आवश्यक है।
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