नई दिल्ली24जून26*FCRA: एनजीओ पर सरकार ने कसा शिकंजा; विदेशी चंदे के नियमों में बड़े बदलाव किए गए, जुर्माने में भारी इजाफा*
नई दिल्ली*धर्म के नाम पर विदेशी चंदे वाली संस्थाओं के लिए गाइडलाइन जारी*
* नए नियमों के अनुसार, जिन संगठनों में भारतीय मूल के अलावा अन्य विदेशी नागरिक प्रमुख पदों पर होंगे, उन्हें सामान्यतः FCRA पंजीकरण नहीं मिलेगा। हालांकि विशेष परिस्थितियों में सरकार अनुमति दे सकती है।
*FCRA नियम सख्त: प्रमुख बातें*
*🇮🇳 भारत सरकार ने विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) के तहत नियमों को और सख्त करने का प्रस्ताव रखा है।*
● FCRA के तहत पंजीकृत सभी NGO और संस्थाओं को अब अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स की जानकारी देना अनिवार्य होगा।
● संस्थाओं को अपनी गतिविधियों और कार्यक्षेत्र (Geographical Scope) का स्पष्ट विवरण देना होगा।
● विदेशी फंड प्राप्त करने वाले NGO राजनीतिक गतिविधियों या राजनीतिक सामग्री के प्रचार-प्रसार में शामिल नहीं हो सकेंगे।
● सरकार का उद्देश्य विदेशी फंड के उपयोग में पारदर्शिता, जवाबदेही और निगरानी बढ़ाना है।
*अमेरिकी सांसदों की चिंता*
● 🇺🇸 डेमोक्रेट और रिपब्लिकन दोनों दलों के अमेरिकी सांसदों ने प्रस्तावित बदलावों पर चिंता जताई है।
● उनका कहना है कि ये नियम भारत में काम कर रहे कई सामाजिक और नागरिक संगठनों के कामकाज को प्रभावित कर सकते हैं।
*₹92.55 करोड़ विदेशी फंडिंग मामला*
● कर्नाटक हाई कोर्ट ₹92.55 करोड़ की कथित अवैध विदेशी फंडिंग से जुड़े मामले की सुनवाई कर रहा है।
● आरोप है कि अमेरिका स्थित The Timothy Initiative ने अमेरिकी बैंक डेबिट कार्डों के जरिए भारत में नकदी निकाली।
● कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और असम के एटीएम से बड़ी मात्रा में नकदी निकाले जाने का आरोप है।
● नवंबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच लगभग ₹92.55 करोड़ ($9.9 मिलियन) का लेनदेन कथित रूप से FCRA और FEMA नियमों का उल्लंघन करते हुए किया गया।
● जांच एजेंसियों का दावा है कि पिछले कुछ वर्षों में 1,000 से अधिक विदेशी डेबिट कार्ड भारत में वितरित किए गए थे।
● आरोप है कि फंड का कुछ हिस्सा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों तक भी पहुंचा।
● आरोपियों पर BNS और Unlawful Activities (Prevention) Act (UAPA) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
● हाई कोर्ट ने फिलहाल पुलिस को आरोपियों के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई न करने का मौखिक निर्देश दिया है और आदेश सुरक्षित रख लिया है।
*क्यों महत्वपूर्ण है?*
● 🇮🇳 विदेशी फंडिंग से जुड़े मामलों में राष्ट्रीय सुरक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही प्रमुख मुद्दे हैं।
● FCRA नियमों को सख्त करने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विदेशी धन का उपयोग केवल घोषित और वैध उद्देश्यों के लिए हो।
● यह मामला भविष्य में विदेशी फंडिंग और NGO नियमन की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण उदाहरण बन सकता है।
*संशोधित नियमों के तहत गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) को अपने सोशल मीडिया अकाउंट, वेबसाइट और पुस्तकों, पत्रिकाओं तथा लेखों जैसे प्रकाशनों की जानकारी भी देनी होगी। इससे विदेशी फंड प्राप्त करने वाली संस्थाओं की गतिविधियों की निगरानी और पारदर्शिता बढ़ाने का उद्देश्य है।*

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