जबलपुर1मई26*💦विस्तृत भावनात्मक लेखन : मां की ममता जीवन की अंतिम सांस तक,,
*✍️मध्यप्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी बांध में घटी यह दुर्घटना केवल एक हादसा नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं को भीतर तक झकझोर देने वाला ऐसा दृश्य है, जिसे शब्दों में समेटना भी कठिन है। नर्मदा नदी की शांत लहरों के बीच अचानक आई तेज़ आंधी और तूफान ने कुछ ही क्षणों में खुशियों से भरे एक सफर को मातम में बदल दिया। एक क्रूज नाव, जिसमें परिवार, बच्चे और पर्यटक सवार थे, देखते ही देखते बेकाबू लहरों के बीच डूब गई।*
*इस भयावह हादसे में कई लोगों ने अपनी जान गंवाई, लेकिन सबसे अधिक हृदय को द्रवित करने वाला दृश्य तब सामने आया, जब बचाव दल को एक मां और उसका मासूम बेटा मृत अवस्था में एक-दूसरे से लिपटे हुए मिले। मां ने अपने बच्चे को इस तरह सीने से चिपका रखा था, मानो वह अंतिम सांस तक उसे जीवन देने की कोशिश कर रही हो। वह दृश्य केवल एक तस्वीर नहीं, बल्कि मातृत्व की उस अटूट ममता का प्रतीक बन गया, जो मृत्यु के बाद भी खत्म नहीं होती।*
*बताया जाता है कि जब नाव डूब रही थी, तब चारों ओर चीख-पुकार मची हुई थी। लोग अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहे थे, लेकिन उस मां के लिए सबसे महत्वपूर्ण उसका बच्चा था। उसने अपनी परवाह किए बिना अपने बेटे को अपनी बाहों में कसकर पकड़ लिया—जैसे कह रही हो, “जब तक मैं हूं, तुझे कुछ नहीं होने दूंगी।” दुर्भाग्यवश, प्रकृति के इस प्रचंड रूप के सामने उसकी ममता भी हार गई, पर उसका प्रेम अमर हो गया।*
*जब गोताखोरों बचाव दल ने पानी के भीतर हृदय को द्रवित करने वाला पल मां-बेटे को देखा, तो वे भी भावुक हो उठे। उन्हें अलग करना तक मुश्किल हो रहा था, क्योंकि मां ने अपने बच्चे को इतनी मजबूती से पकड़ा हुआ था। यह दृश्य वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखों में आंसू ले आया—चाहे वह रेस्क्यू टीम का सदस्य हो, अधिकारी हो या आम नागरिक।रवींद्र सिंह मंजू सर मैहर की कलम कहती है कि यह घटना हमें एक गहरी सीख भी देती है—मां का प्यार इस संसार की सबसे सच्ची और निस्वार्थ भावना है। वह जीवन भर अपने बच्चों की रक्षा करती है, और यदि समय आए, तो मृत्यु के बाद भी उन्हें अपने सीने से लगाए रखती है। क्योंकि मां मां होती है क्योंकि भगवान को भी जन्म देती है मां।बरगी बांध की यह त्रासदी केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि उस असीम मातृत्व का जीवंत उदाहरण बन गई है, जो हर कठिनाई, हर डर और यहां तक कि मृत्यु को भी चुनौती देता है।*
*आज यह घटना पूरे समाज राष्ट्र को भावुक कर रही है। यह हमें याद दिलाती है कि जीवन कितना अनिश्चित है, और रिश्तों का मूल्य कितना गहरा। उस मां की अंतिम झलक एक सवाल भी छोड़ जाती है—क्या हम जीवन में अपने प्रियजनों के साथ उतना ही सच्चा और समर्पित प्रेम कर पाते हैं, जितना एक मां अपने बच्चे से करती है?यह दृश्य हमेशा लोगों के दिलों में अंकित रहेगा—एक मां, जो अंतिम क्षण तक अपने बच्चे की ढाल बनी रही। मां और पुत्र की ममता मय वात्सल्य रूपी प्रेम को प्रणाम। परमपिता परमात्मा दोनों को अपने हृदय स्थल में स्थान प्रदान करते हुए अपने बैकुंठ धाम में सदा के लिए निवासरत रखे एवं अपने में समाहित कर ले। सादर हृदय से संपूर्ण धरा की ओर से हृदय से भाव विभोर श्रद्धा सुमन अर्पित। ॐ शांति ॐ शांति ॐ शांति।🌼🌸🌼🌸🌼🌸🌼*
*✍️ रवींद्र सिंह (मंजू सर )मैहर, राष्ट्रीय अधिमान्य पत्रकार संगठन मध्यप्रदेश सचिव एवं राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन (ए ) नई दिल्ली मध्यप्रदेश उपाध्यक्ष ,एवं प्रेस मीडिया पत्रकार कल्याण संघ प्रदेश उपाध्यक्ष एवं राष्ट्रीय रेलवे उपभोक्ता संरक्षण सलाहकार फोरम नई दिल्ली राष्ट्रीय सयुक्त सचिव,एवं सर्वजन न्यायमंच नई दिल्ली राष्ट्रीय सचिव एवं जिला, संभागीय संवाददाता ब्यूरो जिला मैहर एवं भाजपा जिला मीडिया प्रभारी जिला मैहर 8770112319,9993510721*

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