March 28, 2026

UPAAJTAK

TEZ KHABAR, AAP KI KHABAR

ग्वालियर11मई23*ऑनलाइन जॉब के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के एक सदस्य को नागपुर से किया गिरफ्तार*

ग्वालियर11मई23*ऑनलाइन जॉब के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के एक सदस्य को नागपुर से किया गिरफ्तार*

ग्वालियर11मई23*ऑनलाइन जॉब के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के एक सदस्य को नागपुर से किया गिरफ्तार*

*टेलीग्राम के माध्यम से ऑनलाइन जॉब के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के एक सदस्य को साइबर विंग(क्राइम ब्रांच) ने नागपुर से किया गिरफ्तार*

ग्वालियर 11.05.2023 । *पुलिस अधीक्षक ग्वालियर श्री राजेश सिंह चंदेल(भापुसे)* को आवेदिका ने एक शिकायती आवेदन पत्र दिया था कि उसके व्हाट्सएप नंबर पर एक अंजान नम्बर से मैसेज आया, जिसमें ऑनलाइन पार्ट टाइम जॉब करने हेतु एक लिंक दी गई थी। उस लिंक पर क्लिक करने पर आवेदिका टेलीग्राम ग्रुप में जॉइन हो गई और ग्रुप में ठगों द्वारा बताया गया कि यह F-K MALL अमेजोन मर्चेंट कमीशन बेस कंपनी है। जिसमें आपको ऑनलाइन प्रॉडक्ट खरीदने होंगे और इसके लिए आपको कमीशन मिलेगा। ठगों द्वारा बनाए गए उस टेलीग्राम ग्रुप में ठगों के ही अन्य साथी भी जुड़े हुए थे। ठगों द्वारा टॉस्क के नाम पर फरियादिया से 4,78,000/- रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी की गई। आवेदिका की उक्त शिकायत को गंभीरता से लेते हुये पुलिस अधीक्षक ग्वालियर ने सायबर क्राइम करने वाले अपराधियों पर कार्यवाही करने हेतु *अति.पुलिस अधीक्षक शहर(पूर्व/क्राइम) श्री राजेश दंडोतिया* को क्राइम ब्रांच की सायबर टीम से उक्त शिकायत पर कार्यवाही करवाने हेतु निर्देशित किया।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशो के परिपालन में डीएसपी अपराध श्री षियाज़ के.एम (भापुसे) एवं डीएसपी द्वितीय श्री संदीप मालवीय के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी क्राइम ब्रांच ग्वालियर निरीक्षक श्री अमर सिंह सिकरवार ने उक्त शिकायत पर से थाना क्राइम ब्रांच में अपराध क्र0 78/22 धारा 420 भादवि, 66 (डी) आईटीएक्ट का प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। दौराने विवेचना बैंक व वॉलेट कंपनियों से प्राप्त जानकारी व एकत्रित किये गए तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पाया गया कि फरियादिया के खाते से ट्रांसफर हुई राशि जिस बैंक खाते में ट्रांसफर हुई है वह नागपुर का खाता है। उक्त खाते की तस्दीक हेतु एक टीम साइबर विंग प्रभारी निरीक्षक श्रीमती नरेश गिल के नेतृत्व में नागपुर भेजी गई। सायबर टीम द्वारा जो पता खाताधारक द्वारा बैंक में दिया गया था, उस पते पर जाकर खाता धारक का पता किया तो ज्ञात हुआ कि इस नाम का कोई व्यक्ति नहीं है, उक्त फर्जी पते पर खाता खुलवाया गया है। टीम द्वारा नागपुर में रुककर अन्य तकनीकी साक्ष्य एकत्रित किए गए और उसके बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस टीम द्वारा आरोपी के कब्ज़े से दो मोबाइल फोन भी बरामद किये गए। आरोपी अपने पड़ोस में रहने वाले अन्य साथी के साथ मिलकर सायबर फ्रॉड करता था। और आरोपी के बैंक खातें में जो भी फ्रॉड की राशि आती थी उसमें से अपना हिस्सा ले लेता था। आरोपी द्वारा पूछताछ में बताया गया कि आरोपी डीमार्ट कंपनी नागपुर में जॉब करता था साथ ही सायबर फ्रॉड कार्य में भी अपने दोस्त के साथ संलिप्त रहता था। आरोपी का साथी फरार है जिसकी पुलिस टीम द्वारा तलाश की जा रही है।

*सराहनीय भूमिका* – निरी0 अमर सिंह सिकरवार, निरी0 नरेश गिल, निरी0 वर्षा सिंह, उनि0 धर्मेन्द्र शर्मा, उनि0 हरेन्द्र सिंह, प्रआर0 भगवती सोलंकी, प्रआर0 सत्येंद्र कुशवाह आर0 सुमित सिंह भदौरिया, आर0 श्याम मिश्रा, शिवशंकर शर्मा, ओमशंकर सोनी, गौरव पवार, सुनील शर्मा, कपिल पाठक, नवीन पाराशर, मआर0 सुनीता कुशवाहा, मेघा श्रीवास्तव, भानुप्रिया की सराहनीय भूमिका रही।

*एडवाइजरी* – किसी भी अंजान टेलीग्राम अथवा व्हाट्सएप नंबर से आने वाले ऑनलाइन जॉब ऑफर पर भरोसा न करें तथा उसकी सत्यता की जाँच करने के बाद ही उस पर एप्लाई करें। किसी भी अंजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही किसी भी अंजान एप को अपने मोबाइल में इंस्टॉल करें।