January 25, 2026

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कौशाम्बी21नवम्बर*यूपीआजतक न्यूज़ से कौशाम्बी की खास खबरे

कौशाम्बी21नवम्बर*यूपीआजतक न्यूज़ से कौशाम्बी की खास खबरे

[21/11, 19:18] +91 99191 96696: *सीएमओ कार्यालय के लिपिक के जाने के बाद अभिलेखों का नही लगा सुराग*

*अवैध नर्सिंग होम क्लीनिक से बड़े साहब के नाम पर करोड़ों की वसूली करने वाला लिपिक कौन*

*कौशांबी* मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में निजी नर्सिंग होम और क्लीनिक के अभिलेखों के रखरखाव के लिए निशांत बाबू को जिम्मेदारी सौंपी गई थी इनके कार्यकाल में तमाम नर्सिंग होम क्लीनिक का फर्जी अभिलेखों में रजिस्ट्रेशन कर दिया गया था जिसकी शिकायतें हुई थी लेकिन शिकायतों के बाद विभाग के अभिलेख गायब हो गए हैं वर्षो पूर्व लिपिक का स्थानांतरण गैर जनपद कर दिया गया जिससे इनका दायित्व दूसरे लिपिक को देने का निर्देश तो दिया गया लेकिन वर्षो बीत जाने के बाद दूसरे लिपिक को इनके दायित्व नहीं सौपे गए हैं निशान्त बाबू के समय में मौजूद निजी नर्सिंग होम क्लीनिक के अभिलेखों का विभाग में पता नहीं चल रहा है यह अभिलेख अभी सुरक्षित है या इनको नष्ट कर दिया गया है इस बारे में भी कोई जिम्मेदार जवाब देने को तैयार नहीं है आशंका जताई जा रही है कि निजी नर्सिंग होम और क्लीनिक के अभिलेखों को बड़े साहब के निर्देश पर नष्ट किया जा चुका है निजी नर्सिंग होम और क्लीनिक के अभिलेख विभाग से गायब हो जाने के बाद जिले में अवैध नर्सिंग होम अवैध क्लीनिक की बाढ़ आ गई है कोई लेखा-जोखा ना होने से मनमानी तरीके से सैकड़ो झोलाछाप डॉक्टर अस्पतालों और क्लीनिक का संचालन करने में लगे हैं

बताया जाता है कि एक चर्चित लिपिक अवैध क्लीनिक और अवैध अस्पताल के संचालन में बड़े साहब के नाम पर करोड़ों रुपए की वसूली कर रहा है लेकिन उसके बाद भी बड़े साहब ने अवैध वसूली के प्रकरण पर चुप्पी साध रखी है जिससे उनके दामन पर भी दाग लगना शुरू हो गया है आखिर बरसों बीत जाने के बाद अभिलेख ना देने वाले लिपिक पर मुकदमा क्यों नहीं दर्ज कराया गया है उसकी उसकी गिरफ्तारी क्यों नहीं कराई जाए गायब अभिलेख को खोजने का प्रयास क्यों नहीं किया गया यह तमाम सवाल सीएमओ को कठघरे में खड़ा कर रहा है साहब के अगल-बगल रहने वाले लिपिक द्वारा स्वास्थ्य विभाग के अवैध नर्सिंग होम और अवैध क्लीनिक करोड़ो की वसूली के मामले को अभी तक साहब ने गंभीरता से क्यों नहीं लिया गायब अभिलेखों को खोजने का प्रयास क्यों नहीं हुआ है आखिर योगी सरकार में स्वास्थ्य विभाग में गायब अभिलेख और वसूली करने के मामले में कि सीएमओ क्यों लापरवाही बरत रहे है उन्होंने इस मामले को गंभीरता से क्यों नहीं लिया है यह तमाम सवाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर खड़े हो रहे हैं वह लिपिक कौन है जो साहब के नाम से कई वर्षों से वसूली कर रहा है उसे चिन्हित कर कारवाही करने के बजाए साहब क्यो उत्तेजित हो जाते हैं यह तमाम बातें पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर रहा है पल-पल की खबर रखने वाले डीएम कमिश्नर ने वर्षों से अभिलेख के गायब होने के मामले को अभी तक संज्ञान नहीं लिया है

[21/11, 19:18] +91 99191 96696: *स्टाफ की कमी से जूझ रहा श्रमिक कार्यालय*

*निजी नर्सिग होम अस्पतालों में बेखौफ तरीके से श्रमिकों का उत्पीड़न हो रहा है उन्हें देखने वाला कोई नहीं है*

*कौशांबी* सरकारी कार्यालय में स्टाफ की कमी होने से विभागीय योजनाओं का पारदर्शी तरीके से संचालन नहीं हो पा रहा है श्रमिक कार्यालय में सृजित पद के विपरीत आधे लोगों की भी तैनाती शासन से नहीं है जिससे योजनाओं के संचालन में दिक्कत नहीं होती हैं लेकिन उसके बाद शासन ने विभाग में पद के अनुरूप तैनाती किए जाने का प्रयास नहीं किया है बताते चलें कि श्रमिक कार्यालय में सहायक श्रम आयुक्त का एक पद सृजित है श्रम अधिकारी के 4 पद सृजित है मंझनपुर सिराथू और भरवारी कार्यालय में लिपिक के 6 पद और चपरासी के 3 पद सृजित हैं

लेकिन पूरे जिले में सहायक श्रम आयुक्त की तैनाती नहीं है दो श्रम अधिकारी तैनात हैं जिनके पास जनपद मुख्यालय कार्यालय सहित चार कार्यालय का जिम्मा है वही पूरे जिले में एक लिपिक धर्मेंद्र कुमार मंझनपुर में तैनात है एक एक चपरासी की तैनाती सिराथू भरवारी में है सिराथू और भरवारी में लिपिक श्रम अधिकारी की भी तैनाती नहीं है दोनों कार्यालय चपरासी के हवाले हैं जिससे श्रमिकों को पूरी तरह से उनके अधिकार की सुरक्षा नहीं हो पा रही है जिले में निजी नर्सिग होम अस्पतालों में बेखौफ तरीके से श्रमिकों का उत्पीड़न हो रहा है उन्हें देखने वाला कोई नहीं है आखिर श्रमिक कहां जाएं उन्हें अधिकार कैसे मिले जब सरकार की ओर से ही कार्यालय की व्यवस्था ठीक नहीं की जा रही है

[21/11, 19:18] +91 99191 96696: *कई वर्षों से संचालित अवैध क्लीनिक पर सीएमओ की बनी मेहरबानी*

*एनजीटी के नियमों के विपरीत चल रहे अस्पताल और क्लीनिक को बंद कराए जाने की सिफारिश पूर्व में फायर विभाग के अधिकारियों ने सीएमओ से की*

*कौशाम्बी* प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करारी के अंतर्गत मुकीमपुर गांव में कथित डॉ दिलीप द्वारा बीते कई वर्षों से अवैध क्लीनिक का संचालन किया जा रहा है कथित डॉक्टर दिलीप की पत्नी मनोरमा द्वारा करारी कोतवाली में चोरी का मुकदमा दर्ज कराए जाने के बाद नामजद आरोपी और उनके परिजनों ने डॉ दिलीप के अवैध क्लीनिक की करतूत खोलना शुरू कर दिया है पुलिस कार्यालय पहुंचे लोगों ने बताया कि डॉ दिलीप का क्लीनिक अवैध तरीके से मुकीमपुर में संचालित है इनके पास चिकित्सा की डिग्री नहीं है लेकिन फिर भी कई वर्षों से डॉ दिलीप मरीजों का इलाज कर फीस के नाम पर उन्हें लूट रहा है बताया जाता है कि इनकी क्लीनिक में दवाइयां भी मौजूद है लेकिन मेडिकल का लाइसेंस नहीं है अग्निशमन विभाग की बातों को गौर करें तो इस क्लीनिक में एनजीटी के नियमों का पालन नहीं हो रहा है और एनजीटी के नियमों के विपरीत चल रहे अस्पताल और क्लीनिक को बंद कराए जाने की सिफारिश पूर्व में फायर विभाग के अधिकारियों ने सीएमओ से की है लेकिन उसके बाद भी एनजीटी के नियमों के विपरीत चल रहे क्लीनिक अस्पताल को स्वास्थ्य विभाग नहीं बंद करा सका है बताया जाता है कि सीएमओ कार्यालय डॉ दिलीप के अवैध क्लीनिक पर मेहरबान है और विभाग के लोग अवैध क्लीनिक के संचालन में वसूली कर मालामाल हो रहे हैं

 

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