January 14, 2026

UPAAJTAK

TEZ KHABAR, AAP KI KHABAR

कौशाम्बी01अप्रैल*यूपीआजतक न्यूज़ से कौशाम्बी की खास खबरे

कौशाम्बी01अप्रैल*यूपीआजतक न्यूज़ से कौशाम्बी की खास खबरे

[4/1, 19:51] +91 99191 96696: *बालिकाओं को भगाने के मुख्य सूत्रधार तक नहीं पहुंची पुलिस की नजर*

*शरणदाता पर नहीं हुई कार्यवाही सोने के मंगलसूत्र लेकर प्लान बनाने वाले पर भी नहीं हो सकी कार्यवाही*

*कौशांबी* संयुक्त जिला चिकित्सालय मंझनपुर में संचालित वन स्टॉप सेंटर से 2 महीने पूर्व दो बालिकाओं के भाग जाने के बाद मामले में अधिकारियों ने तमाम जांच शुरू कराई लेकिन दो महीने की जांच के दौरान जांच अधिकारियों की नजर मुख्य सूत्रधार तक नहीं पहुंच रही है जिससे इस गंभीर अपराध के दोषी अभी मौज कर रहे हैं जांच अधिकारी मुख्य सूत्रधार को जानबूझकर नजरअंदाज कर रहे हैं या फिर उनकी जांच की दिशा में खामियां हैं यह तो एक अलग जांच का विषय है बालिकाओं के भाग जाने के बाद उन्हें शरण देने वालों पर अभी तक मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने शरण दाताओं की गिरफ्तारी नहीं की है जबकि शरणदाताओं के नाम सार्वजनिक हो चुके हैं आखिर पुलिस हिरासत से भागी बालिकाओं को शरण देने वाले लोगों पर मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी में आखिर इतनी उदारता क्यों बरती जा रही है उनसे पुलिस के क्या रिश्ते हैं

संयुक्त जिला चिकित्सालय परिसर में संचालित वन स्टॉप सेंटर के दूसरे मंजिल की खिड़की तोड़कर पुलिस अभिरक्षा से भागी बालिकाओं की सुरक्षा में होमगार्ड पीआरडी के जवान और महिला सिपाहियों की ड्यूटी लगाई गई थी लेकिन अभी तक इन पर भी मुकदमा नहीं दर्ज हुआ है पुलिस अभिरक्षा से भागी बालिकाओं को शरण देने वालों को पुलिस ने गिरफ्तार कर इस घटना कांड के खुलासे का प्रयास किया होता तो अब तक घटना की कलाई परत दर परत खुल जाती लेकिन पुलिस ने इस दिशा में ठोस पहल नहीं की है चर्चाओं पर जाएं तो बालिका को अपने प्रेम जाल में फंसाकर शादी का झांसा देकर भगाने वाले युवकों के रिश्तेदार भी वन स्टॉप सेंटर पर ड्यूटी करते थे आखिर युवकों के रिश्तेदारों की गतिबिधियों पर पुलिस अधिकारियों ने क्यों नहीं जांच की दिशा बढ़ाई है उनके मोबाइल के कॉल डिटेल्स को खंगाला जाना चाहिए लेकिन अभी तक बालिका को भगाने वाले लोगों के रिश्तेदारों के मोबाइल कॉल डिटेल को सर्विलांस पर लगाकर खंगालने का प्रयास नहीं हो सका है जिससे पुलिस की जांच दिशा तमाम सवाल खड़ा कर रही है इतना ही नहीं बालिका का सोने का मंगलसूत्र लेने वाला वन स्टॉप सेंटर का वह कौन है जिसकी चर्चा तेजी से हो रही है बताया जाता है कि बालिकाओं के भगाने के बदले में सोने की चैन मंगलसूत्र ले लिया गया था और योजनाबद्ध तरीके से बालिकाओं को वन स्टॉप सेंटर से निकाला गया है जिसकी कीमत 25 हजार रुपए बताई जाती है मंगलसूत्र लेने वाला वह कौन है उसकी तलाश करने में 2 महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस की तलाश नहीं पूरी हो सकी है बालिका के भागने के प्रकरण पर शुरू हुई जांच पर इस तरह के तमाम सवाल खड़े हो रहे हैं यदि पुलिस अधिकारियों ने सूक्ष्म जांच की तो इस घटना की हकीकत खुलने में ज्यादा देर नहीं लगेगी और बड़े गिरोह के सदस्य गिरफ्तार होंगे

[4/1, 19:51] +91 99191 96696: *एक सप्ताह बीते मोबाइल की कॉल डिटेल नहीं निकाल सकी पुलिस*

*आशंका के आधार पर आधा दर्जन से अधिक संदिग्ध लोगों को पुलिस ने पकड़ा लेकिन हत्याकांड के खुलासे मे पुलिस के हाथ खाली*

*कौशाम्बी* पश्चिम शरीरा थाना क्षेत्र के पुलिस चौकी चम्पहा बाजार अन्तर्गत अमीना ग्राम में 25 मार्च की रात्रि को शशि देवी उम्र लगभग 45 वर्ष के गले में धारदार हथियार से प्रहार कर मौत के घाट उतार दिया गया है घटना के बाद पुलिस ने आशंका के आधार पर उनके पड़ोसियों समेत आधा दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है कई दिनों से आधी रात को अमानवीय बर्ताव कर पुलिस लोगों से जुर्म कबूल करवाना चाहती है लेकिन महिला हत्याकांड की घटना के खुलासे में 7 दिन बाद भी पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है इस हत्याकांड में उसके पति के मोबाइल का लोकेशन भी जांच की दिशा में सहयोग कर सकता है लेकिन घटना को 7 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस घटना के वक्त उसके पति के मोबाइल का लोकेशन नहीं तलाश सकी है महिला हत्याकांड के खुलासे में थाना पुलिस के जांच की दिशा सुस्त चलने से थाना पुलिस पर भी सवाल उठने लगे हैं आखिर मुख्य बिंदु को छोड़कर पुलिस इधर-उधर के मामलों में इस हत्याकांड के जांच में अपनी ऊर्जा क्यों लगा रही है तमाम घटनाएं पूर्व में हो चुकी हैं जिनका खुलासा समय बीत जाने के बाद भी पुलिस नहीं कर सकी है इस मामले में भी थाना पुलिस की जांच की दिशा की गति देखकर यह लगता है कि पुलिस इस मामले को भी ठंडे बस्ते में डाल देने की फिराक में लगी है

गौरतलब है कि जिस कमरे में महिला की हत्या हुई है उसके बगल के कमरे में 4 बच्चे सो रहे थे उन्हें घटना की जानकारी सुबह मिली है खून से लथपथ लाश देखकर बच्चों ने हो-हल्ला मचाया घटनास्थल से एक नाजायज तमंचा भी बरामद हुआ है जिसके फिंगरप्रिंट की जांच भी 7 दिन बाद पुलिस नहीं कर सकी है मृतक महिला के कपड़े अस्त-व्यस्त थे पुलिस ने महिला के वस्त्र के भी फ्रिंगर प्रिंट की जांच कराने का प्रयास नहीं किया है महिला की हत्या के बाद घर के पीछे का दरवाजा बाहर से बंद था जिससे आशंका जताई जाती है कि महिला की हत्या करने वाले पीछे के दरवाजे से भाग गए हैं उस दरवाजे से भी पुलिस ने फिंगर प्रिंट उठा कर जांच कराने का प्रयास नहीं किया है महिला का पति जय चंद्र सिंह इलाहाबाद में रहता है उसके पति के बीच अक्सर खटपट होती थी आधी रात को महिला के फोन पर उसके पति का फोन भी आया था महिला के पति द्वारा पुलिस को दिए गए बयान के मुताबिक पड़ोसियों पर उसने आशंका जाहिर की है लेकिन जिस तरह से पड़ोसियों पर महिला के पति ने आशंका जाहिर की है उससे प्रतीत होता है कि महिला का पति जैसे चश्मदीद था जिन पड़ोसियों पर महिला के पति ने आशंका जाहिर की है उनसे मामूली विवाद थे और महिला का पति का कहना है कि पड़ोसियों से मृतिका के संबंध थे अब सवाल उठता है कि जिस व्यक्ति से महिला के संबंध होंगे वह अपने संबंध के बीच हत्या क्यों करेगा पड़ोसियों से महिला के संबंध के चलते यह बात किसे खराब लग रही थी इस घटना के पीछे उसका अहम रोल हो सकता है पश्चिम शरीरा थाना क्षेत्र में शशि देवी की हत्या के बाद उसके पति ने अज्ञात लोगों के नाम पुलिस को तहरीर दी है पुलिस इस हत्याकांड में संदिग्धता के आधार पर आस पास के लोगों को पकड़ कर जुर्म के खुलासे में लगी है लेकिन हत्याकांड खुलासे के किसी नतीजे पर पुलिस नहीं पहुंच सकी हैं आधी रात को महिला के पति ने फोन किया था पति के मोबाइल फोन का लोकेशन हत्याकांड के खुलासे में मदद कर सकता है

[4/1, 19:51] +91 99191 96696: *माह मार्च में वितरित किये जाने वाले गरीब कल्याण अन्न योजना का खाद्यान्न का वितरण 02 अप्रैल से*

*कौशाम्बी* जिलापूर्ति अधिकारी अमित तिवारी ने जनपद के समस्त कार्डधारकों को सूचित किया है कि जनपद में माह मार्च 2022 के सापेक्ष वितरित किये जाने वाले प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अन्तर्गत खाद्यान्न का वितरण 02 अप्रैल से 10 अप्रैल 2022 तक किया जायेगा। इस योजना के अन्तर्गत प्रत्येक अन्त्योदय एवं पात्र गृहस्थी कार्डधारक को प्रति यूनिट 05 किलोग्राम खाद्यान्न (03 किलोग्राम गेहू एवं 02 किलोग्राम चावल) वितरित किया जाएगा माह अप्रैल 2022 में भी 02 बार निःशुल्क खाद्यान्न का वितरण कार्डधारकों में किया जायेगा जिलापूर्ति अधिकारी ने बताया है कि वितरण को पारदर्शी बनाने हेतु प्रत्येक उचित दर दुकान पर नोडल अधिकारियों की तैनाती की गयी है। ई-पॉस मशीनों से वितरण प्रत्येक दिवस प्रातः 06 बजे से रात्रि 09 बजे तक किया जायेगा। किसी कार्डधारक को राशन प्राप्त करने में यदि असुविधा होती है तो इसके लिए सम्बन्धित क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी पूर्ति निरीक्षक से सम्पर्क कर सकतें हैं। वितरण से सम्बन्धित किसी भी समस्या के समाधान हेतु उनके मोबाइल नम्बर-7839564632, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी मझनपुर चायल 7355395814 क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी सिराथू 7007172381 पूर्ति निरीक्षक चायल नेवादा 9451572412, पूर्ति निरीक्षक सरसवां 9473957809, पूर्ति निरीक्षक कौशाम्बी 9473525538 तथा पूर्ति निरीक्षक कडा 9161131301 पर सम्पर्क किया जा सकता

[4/1, 19:51] +91 99191 96696: *पुलिस चौकी और उसके आसपास की सरकारी भूमि नहीं है सुरक्षित*

*खाद्य एवं रसद विभाग के गोदाम बनाए जाए जाने के लिए सरकारी अभिलेखों में दर्ज है 7 बीघा जमीन*

*कौशांबी* सिराथू तहसील क्षेत्र के बिसारा टावर के पास साढ़े सात बीघा से अधिक सरकारी भूमि पर लेखपाल और प्रधान की सांठगांठ से अवैध कब्जा हो रहा है मंझनपुर भरवारी मुख्य रोड पर स्थित इस जमीन की कीमत करोड़ों में बताई जाती है इसी सरकारी भूमि के एक हिस्से पर सिंघिया पुलिस चौकी का निर्माण प्रस्तावित है महकमे ने भवन निर्माण के लिए शासन को प्रस्ताव भी भेजा है लेकिन शासन से पुलिस चौकी निर्माण का धन ना मिलने से पुलिस चौकी निर्माण अधर में लटका हुआ है और इसी भूमि पर खाद एवं रसद विभाग के गोदाम बनाए जाने के लिए 7 बीघा जमीन विभाग को सौंप दी गई है लेकिन विभागीय उपेक्षा के चलते वह अपनी जमीन भूल गए हैं अवैध कब्जा धारकों के चलते जमीन का दो तिहाई हिस्सा कब्जे का शिकार हो चुका है सरकारी भूमि पर बीते कई वर्षों से अवैध कब्जे हो रहे हैं भू प्रबंधन समिति के जिम्मेदार मूक सहमति दे रहे हैं चर्चाओं पर जाएं तो भूमि प्रबंधन समिति के जिम्मेदार अवैध कब्जा धारकों से धनादोहन कर उन्हें सरकारी जमीन में कब्जा करने की छूट दे रहे हैं कई बार ग्रामीणों ने मामले की शिकायत तहसील प्रशासन से की लेकिन जांच के नाम पर लेखपाल से आख्या मांगी जाती है और लेखपाल की भूमिका संदिग्ध है जिससे आला अधिकारियों को गुमराह करके झूठी रिपोर्ट प्रेषित करके लेखपाल शिकायती पत्रों का निस्तारण करा देता है जिससे अवैध कब्जा धारकों के हौसले बुलंद हैं और बार-बार शिकायत के बाद भी अवैध कब्जा धारकों को बेदखल नहीं किया गया है प्रत्येक महीने अतिक्रमण समिति की बैठक में भी इस अवैध कब्जे को कब्जा मुक्त बता कर शासन को झूठी रिपोर्ट भेजी जा रही है जो सरकारी जमीन की सुरक्षा पर बड़ा सवाल है

गौरतलब है कि सिराथू तहसील क्षेत्र के बिसरा गांव की सरकारी भूमि खाता संख्या 1027 में 14 बिस्वा जमीन सिंधिया पुलिस चौकी के नाम अभिलेखों में दर्ज है इसी ग्राम सभा के खाता संख्या 223 पर 7 बीघा जमीन खाद एवं रसद विभाग के गोदाम हेतु अभिलेखों में दर्ज है लेकिन उक्त दोनों सरकारी भूमि पर सरकारी विभाग का कब्जा नहीं हो सका ग्राम प्रधान लेखपाल के साठगांठ से अवैध कब्जा धारक भवन निर्माण कर रहे हैं कई लोगों के पूर्व में भवन बन चुके हैं खाद्य एवं रसद विभाग के लोग गोदाम के लिए अधिग्रहित भूमि को भूल कर बैठे हैं सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के मामले में यदि शासन प्रशासन ने मामले को संज्ञान लेकर कार्यवाही की तो कई अवैध कब्जा धारकों के भवन पर योगी सरकार का बुलडोजर चल सकता है लेकिन क्या अवैध कब्जा धारकों पर योगी सरकार का बुलडोजर चलेगा यह जिले की व्यवस्था पर बड़ा सवाल है

[4/1, 20:36] +91 97921 21202: *योगी के निर्देश पर चलाई गई बस 2 दिन बाद हुई बंद*

*कौशाम्बी* सिराथू तहसील क्षेत्र के अफजलपुर वारी और उसके आसपास के ग्रामीणों को यातायात संसाधन ना होने से दिक्कतों से जूझना पड़ता है जिस पर प्रदीप कुमार ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार को पत्र भेजकर रोडवेज बस अफजलपुर वारी तक चलाए जाने की मांग की थी प्रदीप कुमार के पत्र पर प्रबंध निदेशक रोडवेज को योगी सरकार ने अफजलपुर वारी तक बस चलाए जाने का निर्देश दिया प्रबंध निदेशक रोडवेज ने सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक प्रयागराज लीडर रोड को निर्देशित करते हुए अफजलपुर वारी से कानपुर और प्रयागराज तक बस चलाए जाने का निर्देश दिया अधिकारियों के निर्देश पर रोडवेज बस तो चलाई गई लेकिन 2 दिन बाद यह कहकर रोडवेज बसें बंद कर दी गई थी बसों में आमदनी नहीं हो रही है क्योंकि यात्रियों की संख्या कम होती है जिससे रोडवेज के हित में नहीं होगा और 2 दिन बस चलाए जाने के बाद अफजलपुर वारी से बस को बंद कर दिया गया है जिससे फिर अफजलपुर वारी और उसके आसपास क्षेत्र की जनता को परिवहन के दिक्कत पूर्ण संसाधनों से गुजरना पड़ रहा है इलाके के लोगों ने उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का ध्यान आकृष्ट कराते हुए फिर से अफजलपुर वारी से कानपुर और प्रयागराज बस चलाए जाने की मांग करते हुए बस बंद करने वाले अधिकारियों पर कार्यवाही की मांग की है

[4/1, 20:36] +91 97921 21202: *वन स्टॉप सेंटर और बाल कल्याण समिति को क्लीन चिट देते हुए महिला थानेदार पर बालिका की मां ने लगाए गंभीर आरोप*

*कौशाम्बी* वन स्टॉप सेंटर से दो बालिकाओं के 03 फरवरी को रहस्यमय तरीके से भाग जाने के मामले में रोज नए-नए मोड़ आ रहे हैं महिला थानेदार के सामने दिए बयान से बालिकाएं मुकर गई हैं बालिकाएं और उनके परिजनों का कहना है कि महिला थानेदार ने उन पर दबाव डालकर अपने मनमर्जी का बयान दर्ज कराया है जिला अधिकारी को भेजे पत्र में बालिका की माता सुशीला देवी ने बताया कि 27 फरवरी को उसकी बेटी को वन स्टॉप सेंटर में दाखिला किया गया था जहां से वह 03 फरवरी को भाग गई है बालिका की माता का कहना है कि बाद में बालिका बरामद हो गई जिस पर महिला थानेदार ने बालिका पर नाजायज दबाव बनाकर गलत बयान दर्ज किया है पुलिस के भय में बालिका ने गलत बयान दर्ज कराया है जिलाधिकारी को भेजे पत्र में बालिका की माता का कहना है कि वन स्टॉप सेंटर और बाल कल्याण समिति का इस मामले में कोई दोष नहीं है उनका कहना है महिला थानेदार के सामने दिया गया बयान दबाव में दिया गया है जो गलत है

बालिकाओं के बयान बदलने के बाद इस प्रकरण पर फिर नया मोड़ आ गया है जबकि बाल कल्याण समिति की सदस्य और और वन स्टॉप सेंटर की प्रबंधक सहित कई लोगों पर कार्यवाही हो चुकी है लेकिन बाद में जिलाधिकारी को दिए गए पत्र के आधार पर यदि जांच हुई तो महिला थानेदार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं

[4/1, 20:38] +91 98397 86493: *छेड़खानी के मुकदमे में सुलह ना करने पर युवती पर किया एसिड अटैक*

*कौशांबी* छेड़खानी के दर्ज मुक़दमें में सुलह न करने पर दबंगो ने महिला के चेहरे पर एसिड अटैक कर दिया, जिससे महिला का चेहरा गंभीर रूप से झुलस गया। घटना को अंजाम देने के बाद बाइक सवार दबंग मौके से फरार हो गए। महिला ने 3 लोगों को पहचान लिया। जबकि दो लोगों को नहीं पहचान सकी। परिजन उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल ले गए। हालत गंभीर देख चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल रेफर कर दिया। जहां महिला का इलाज चल रहा है।

पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने दो नामजद और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ एसिड से हमला करने सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर घटना की छानबीन शुरू कर दी है । मंझनपुर कोतवाली क्षेत्र के मलाक सदी गांव की सविता देवी ने महीनों पहले कुछ लोगों के खिलाफ छेड़खानी का मुकदमा दर्ज कराया था। तहरीर पाकर पुलिस ने छेड़खानी सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर घटना की छानबीन शुरू कर दी । पीड़िता ने बताया कि वह लोग सुलह का दबाव बनाने लगे।

बावजूद इसके पीड़िता मुकदमे में सुलह नहीं हो रही थी। 28 मार्च की शाम पीड़िता खेत से वापस अपने घर आ रही थी। रास्ते में ही कुछ लोगों ने बाइक से आकर रोक लिया। दबंग मुकदमे में सुलह के लिए गाली गलौज करने लगे। महिला ने इंकार कर दिया तो उसके चेहरे पर तेजाब फेंक कर भाग निकले, जिससे महिला का चेहरा गंभीर रूप से झुलस गया। चीख पुकार सुन मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। किसी ने परिजनों को घटना की जानकारी दी। मौके पर पहुंचे परिजन महिला को इलाज के लिए मंझनपुर के जिला अस्पताल ले गए। जहां पर चिकित्सकों ने उसका इलाज शुरू किया।

लेकिन हालत गंभीर होने पर प्राथमिक उपचार के बाद उसे प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल रेफर कर दिया। महिला का इलाज चल रहा है। पीड़ित ने घटना की तहरीर मंझनपुर कोतवाली पुलिस को दी। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने एसिड अटैक एवं धमकी देने का मुकदमा दर्ज कर घटना की छानबीन शुरू कर दी अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मंझनपुर कोतवाली इलाके में एक ऐसा प्रकरण आया हुआ है। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

[4/1, 20:40] +91 98397 86493: *मुकदमा दर्ज होते ही बालिका की मौत में आया नया मोड़*

*विधि विज्ञान प्रयोगशाला के वैज्ञानिकों की तरह 2 महीने बाद नर कंकाल देखकर परिजनों ने कर लिया मृतक बालिका की पहचान*

*कौशाम्बी* 2 महीने पूर्व एक बालिका की मौत होने के मामले में 29 मार्च को महेवाघाट थानेदार ने मुकदमा दर्ज कर लिया है थाना में मुकदमा दर्ज होते ही बालिका की मौत के प्रकरण में नया मोड़ आ गया है 2 महीने से पुलिस बालिका की मौत को स्वाभाविक मौत मान रही थी और बालिका के परिजन भी 2 महीने से बालिका की मौत को स्वाभाविक मौत मान रहे थे लेकिन अचानक बालिका के परिजनों ने ही बालिका की मौत को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की कहानी बताते हुए पुलिस को तहरीर दी है जिस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है मामले में सबसे रोचक तथ्य यह है कि 2 महीने पूर्व बालिका की मौत के मामले में परिजनों ने पुलिस को बताया कि 29 मार्च को यमुना नदी में नर कंकाल दिखाई पड़ा है और नर कंकाल के कपड़ों को भी परिजनों ने पहचान कर लिया है यमुना नदी में मिले नर कंकाल देख करके उन्होंने बालिका की पहचान की है परिजनों के पास तो विधि विज्ञान प्रयोगशाला के वैज्ञानिकों से अधिक शोध करने की क्षमता है यह एक बड़ी जांच का विषय है

जानकारी के मुताबिक महेवाघाट थाना क्षेत्र के हीरागंज दलेला गंज मवई निवासी श्याम सुंदर की बेटी लक्ष्मी देवी की 29 जनवरी को मौत हो गई थी मौत के बाद बालिका का अंतिम संस्कार कर दिया गया 29 मार्च को महेवा घाट थाना क्षेत्र के यमुना नदी में एक नर कंकाल दिखाई पड़ा नर कंकाल देखने के बाद बालिका के परिजनों ने पुलिस को सूचना दिया कि उनकी बेटी को आत्महत्या के लिए प्रेरित किया गया है और बेटी के आत्महत्या करने के बाद उसके शव को यमुना नदी में फेंक दिया गया है पुलिस ने बालिका के परिजनों की बात को मान कर यमुना नदी में मिले नर कंकाल को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और बालिका के परिजनों की तहरीर पर 29 मार्च को महेवाघाट थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया है अब सवाल उठता है कि 29 जनवरी को बालिका को नदी में प्रवाहित किया जा चुका है तो 2 महीने बाद मिले नर कंकाल से कैसे शिनाख्त की जा सकती है यह विधि विज्ञान प्रयोगशाला का विषय था इतना ही नहीं बालिका के परिजनों का कहना है कि बालिका के शरीर में 2 महीने बाद कपड़े थे उससे भी पहचान की गई है बालिका का शव नर कंकाल बन गया लेकिन शरीर पर कपड़े मौजूद थे यह बात भी लोगों को हजम नहीं हो रही है कुछ भी हो बालिका की मौत पर आनन-फानन में पुलिस का मुकदमा दर्ज कर लेना तमाम सवाल खड़े कर रहे हैं।

[4/1, 21:04] +91 6394 823 541: *तलाक के बाद पति को गुजारा भत्ता देगी पत्नी*

*निचली अदालत के फैसले को बांबे हाईकोर्ट ने रखा बहाल*

*दिल्ली* देश के ज्यादातर मामले में तलाक के बाद पति को अपनी पत्नी को गुजारा भत्ता देना पड़ता है, लेकिन महाराष्ट्र में एक ऐसा मामला सामने आया है जहां महिला अपने पूर्व पति को महीने का गुजारा भत्ता देगी. दरअसल हाल ही में महाराष्ट्र के नांदेड़ में एक मामला सामने आया है जिसमें स्थानीय कोर्ट ने महिला को अपने पूर्व पति को हर महीने 3,000 रुपये गुजारा भत्ता देने का निर्देश दिया था. अब उस फैसले को बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी बरकरार रखा है. इसके अलावा पूर्व पति की खराब आर्थिक स्थिति को देखते हुए कोर्ट ने जिस स्कूल में महिला पढ़ाती है उसे भी निर्देश दिया कि वह हर महीने महिला की सैलरी से 5 हजार रुपये काट कर कोर्ट में जमा करवाए.