June 23, 2026

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अयोध्या२३ जून २०२६ * अयोध्या पहुंचीं उत्तर प्रदेश कांग्रेस की प्रवक्ता प्रियंका गुप्ता ने राम मंदिर में कथित दान घोटाले को लेकर सरकार और राम मंदिर ट्रस्ट पर गंभीर सवाल उठाए।

कौशाम्बी २३ जून २०२६ * यूपीआजतक न्यूज चैनल पर कौशाम्बी की कुछ महत्वपूर्ण खबरें

संयुक्त जिला चिकित्सालय से हर महीने सैकड़ो हेलमेट की होती है चोरी

गार्डों के पालतू लोग कर रहे हैं हेलमेट चोरी मरीज और परिजन परेशान

कौशांबी।*संयुक्त जिला चिकित्सालय मेडिकल कॉलेज मंझनपुर में बाइक खड़ी करने वाले मरीज और उनके परिवार की बाइक से हेलमेट चोर गिरोह सक्रिय है। कई महीनो से लगातार संयुक्त जिला चिकित्सालय मेडिकल कॉलेज में खड़ी बाइक से हेलमेट चोरी हो रहा है। बताया जाता है कि सुरक्षा ड्यूटी में लगे गार्डों के पालतू लोग हेलमेट चोरी कर रहे हैं जिससे हेलमेट चोरी पर रोक लगती नहीं दिख रही है। एक महीना पहले जिला चिकित्सालय के एक स्टाफ का हेलमेट मोटरसाइकिल में टंगा हुआ था जो गायब हो गया है। 5 मई को फिर जिला चिकित्सालय के स्टाफ नाथन सिंह के बुलेट मोटरसाइकिल से हेलमेट गायब हो गया है। प्रतिदिन आयुष चिकित्सालय के पास अपनी बुलेट मोटरसाइकिल खड़ी करके हेलमेट हैंडल में टांग देते थे 5 मई को ड्यूटी करने के बाद जब नथन सिंह बाहर निकले तो उनकी बुलेट मोटरसाइकिल से हेलमेट गायब था। काफी खोजबीन करने के बाद उनका भी हेलमेट नहीं मिला है। संयुक्त जिला चिकित्सालय से लगातार मोटरसाइकिल से हेलमेट चोरी किए जाने का यह मामला बड़ा गंभीर है। आखिर वहां दर्जनों गार्ड की ड्यूटी सुरक्षा में लगाई गई है तो सुरक्षा गार्ड क्या कर रहे हैं। लोगों ने बताया कि हेलमेट चोरी करने वाले गिरोह चोरी करने में मस्त हैं और गार्ड खैनी रगड़ने में मस्त रहते हैं।

 

फोटो खींचकर बाइक का ऑनलाइन चालान कर वीरता दिखा रही है यातायात पुलिस

जिले के विभिन्न सड़कों पर 8000 से अधिक विक्रम ऑटो सीएनजी अप्पे से 300 से 500 रुपए महीने की होती है वसूली

कौशांबी।*जिले की यातायात व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो गई है। जगह-जगह पर जाम लगता है जब कि यातायात व्यवस्था सुचारु करने के लिए जिले के विभिन्न चौराहा पर कई दर्जन होमगार्ड और पुलिस के जवानों की ड्यूटी लगाई गई है लेकिन होमगार्ड के जवान और पुलिस यातायात व्यवस्था को सुचारु करने में सफल नहीं दिखाई पड़ रही है। पूरे जिले के कस्बे बाजार में विक्रम, ऑटो, सीएनजी, एवं अप्पे चालकों का आतंक व्याप्त है। बिना लाइसेंस के ओवरलोड सवारी लेकर गलत स्थान पर पार्किंग करके विक्रम ऑटो सीएनजी अप्पे चालक व्यवस्था को चौपट कर रहे हैं लेकिन जिले के विभिन्न चौराहे कस्बे से चलने वाले लगभग 8000 विक्रम, ऑटो, सीएनजी एवं अप्पे पर यातायात पुलिस की कार्यवाही नहीं दिखाई पड़ रही है। पूरे दिन सड़कों पर निकलने वाले बाइक की फोटो खींचकर ऑनलाइन चालान कर यातायात पुलिस वीरता दिखा रही है। सूत्रों की माने तो पूरे जिले में संचालित ऑटो, सीएनजी, विक्रम एवं अप्पे से ₹300 महीने से ₹500 महीने तक की वर्दी के नाम पर वसूली खुले आम हो रही है जो जन-जन की जुबान पर है। वसूली के चलते यातायात पुलिस विक्रम, ऑटो, सीएनजी और अप्पे चालकों के ओवरलोड सवारी लेकर चलने से बीच सड़क पर पूरे दिन सवारी भरने के गुनाहों को माफ कर देती है। जनपद मुख्यालय सहित जिले के विभिन्न बाजार चौराहे पर आड़े तिरछे विक्रम ऑटो सीएनजी अप्पे खड़ी कर सवारी भरने के बाद उनके गुनाह माफ कर दिए जाते हैं। बिना लाइसेंस के चालक विक्रम ऑटो सीएनजी अप्पे सड़क पर निर्धारित गति से तेज स्पीड में वाहनों को दौड़ा रहे हैं जो प्रतिदिन दुर्घटना का कारण बन रहे हैं लेकिन उनके गुनाह माफ है। इतना ही नहीं जनपद मुख्यालय मंझनपुर से भरवारी मूरतगंज पूरामुफ़्ती होकर चलने वाले प्राइवेट बस को सरकार ने परमिट नहीं दिया है। मंझनपुर से इलाहाबाद की सड़क पर प्राइवेट बसों के संचालन का परमिट पूरी तरह से सरकार ने प्रतिबंधित कर दिया है लेकिन उसके बाद इस सड़क पर अवैध तरीके से 30 बस प्रतिदिन तीन चक्कर सड़कों पर दौड़ रही है। अवैध तरीके से सड़कों पर दौड़ने वाली 30 बस पर यातायात पुलिस की कार्यवाही नहीं दिखाई पड़ रही है लेकिन बाइक की फोटो खींचकर आन लाइन चालान कर पूरी वीरता यातायात पुलिस दिखाती है। बाइक का ऑनलाइन चालान कर यातायात पुलिस ने इस तरह से वीरता दिखाई जैसे वह दुश्मन देश से जंग जीत कर आ रही हो इतना ही नहीं जिले में 10000 से अधिक बिना परमिट के ट्रैक्टर की ट्रालियां सड़क पर ओवरलोड बालू लेकर दौड़ रही है। बताया जाता है कि इनसे 3000 महीने एंट्री के नाम पर यातायात पुलिस को मिलते हैं जिससे 10000 ओवरलोड बिना परमिट के ट्रैक्टरों पर भी यातायात पुलिस की कार्यवाही नहीं होती है। इतना ही नहीं कई हजार ट्रक और डंपर सड़कों पर ओवरलोड बालू लेकर दौड़ रहे हैं लेकिन इन वाहनों के भी संचालन पर रोक लगाने का प्रयास यातायात पुलिस द्वारा नहीं किया जा रहा है। जब कभी अधिकारियों का कठोर निर्देश मिला तो औपचारिकता निभाने के लिए कुछ वाहनों का चालान कर पूरी वसूली पर पर्दा डालने का प्रयास होता है जिससे यातायात पुलिस की वीरता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। यातायात संचालन को सुचारु न कर पाने वाले यातायात निरीक्षक के कारनामे पर यदि पुलिस अधिकारियों ने जांच कराई तो अवैध वसूली के इस बड़े खेल का भंडाफोड़ होगा।

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