कानपुर नगर25फरवरी25*वृद्ध दंपति ने लखनऊ विधानभवन के सामने किया आत्महत्या का प्रयास
7 माह से लापता है बेटी, पुलिस प्रशासन की टीमें कर रही जांच
*_मोनू कुशवाहा_* यूपीआजतक
कानपुर बिल्हौर थाना क्षेत्र के मान निवादा गांव में सात माह से लापता बेटी से मिलने की आस लिए दर दर भटक रहे वृद्ध दंपति ने सोमवार को लखनऊ में विधानसभा भवन के सामने आत्महत्या करने का प्रयास किया। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस ने कोई घटना होने से पहले ही उन्हें पकड़ लिया।यह दंपति इससे पहले कानपुर पुलिस कमिश्नर कार्यालय के बाहर भी आत्महत्या का प्रयास भी कर चुके हैं।
बिल्हौर थाना क्षेत्र के मान निवादा गांव निवासी राकेश दुबे की 26 वर्षीय बेटी आंकाक्षा दुबे बीते वर्ष 31 अगस्त को घर से खेरेश्वर मंदिर के सरैया घाट पर दीपदान करने के लिए गई थी और उसके बाद वह वापस घर नहीं लौटी। उनकी शिकायत पर पुलिस ने जब मंदिर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो उसमें बेटी मंदिर से निकलकर ई रिक्शा से जाती हुई दिखाई दी। उन्होंने बताया कि उसका पीछा एक काली स्कॉर्पियो कर रही थी। पीड़ित दंपति ने शुरू से ही स्कार्पियो सवार बदमाशों पर बेटी का अपहरण कर उसे गायब करने अथवा उसकी हत्या कर देने की आशंका जाहिर की। पुलिस लगातार 50 से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी लेकिन पुलिस के हाथ अभी भी खाली है।,
सात माह से बेटी से एक बार मिलने की आस लिए तड़प रहे वृद्ध दंपति ने बिल्हौर से लेकर कानपुर तक सभी अधिकारियों से मामले की शिकायत की लेकिन आश्वासन के सिवा कुछ भी हाथ नहीं लगा। हताश पीड़ित दंपति ने दिसंबर माह में पुलिस कमिश्नर कार्यालय के बाहर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आत्महत्या करने का भी प्रयास किया था। लेकिन पुलिस की सक्रियता के चलते उन्हें बचा लिया गया था।
इसके बाद बीती 2 जनवरी को वृद्ध पति पत्नी बिल्हौर में कोतवाली गेट के सामने जीटी रोड पर धरने पर बैठ गए थे। तब भी पुलिस ने उन्हें समझा बुझाकर शांत करा दिया था। 12 फरवरी को वह एक बार फिर कलेक्ट्रेट के बाहर बीच रोड पर धरने पर बैठ गए थे। तब भी पुलिस की सक्रियता से कोई बड़ी घटना होने से बच गई। इसी बीच जांच कर रही पुलिस ने कोई सुराग हाथ न लगने पर मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी थी लेकिन क्राइम ब्रांच के हाथ भी अभी तक कोई सबूत नहीं लग सका।
रो रो कर दिन काट रहे वृद्ध दंपति का सब्र एक बार फिर टूट गया और दोनों पति-पत्नी लखनऊ विधानसभा भवन के सामने पहुंच गए और रोते बिलखते हुए आत्महत्या का प्रयास करने लगे। लेकिन एक बार फिर प्रशासन उन्हें बचा लिया।
घटना के बाद मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचने से लोगों में मामले कुछ ठोस कार्यवाही की आस जगी है। वहीं कुछ लोग यह कहते भी दिखाई दिए।, वही अपर पुलिस आयुक्त हरीशचंद्र ने मामले में टीम गठित कर अभियोग पंजीकृत कर लिया है।

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