कानपुर नगर12जून24*डॉ0 गौर हरि सिंहानिया जी के जन्मदिवस की पुण्य स्मृति के अवसर पर भूले बिसरे गीत (मधुर गीतों की संगीतमय शाम)” का आयोजन किया गया।
मर्चेन्ट्स चैम्बर ऑफ़ उत्तर प्रदेश की कल्चरल कमेटी द्वारा डॉ0 गौर हरि सिंहानिया जी के जन्मदिवस की पुण्य स्मृति के अवसर पर भूले बिसरे गीत (मधुर गीतों की संगीतमय शाम)” का आयोजन किया गया।
इस सांस्कृतिक सत्र से पूर्व चिलचलाती उमस भरी गर्मी में प्रातः 11:00 बजे से सायंकाल 04:00 बजे तक शरबत वितरण का आयोजन आमजनों हेतु किया गया, जिसमें लगभग 4000 राहगीरों ने मीठे व ठण्डे शरबत आनन्द लिया तथा चैम्बर की इस पुण्य कार्य के लिए भूरी-भूरी प्रशंसा की।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में मर्चेंट्स चैम्बर के पूर्व अध्यक्ष- डॉ0 इन्द्र मोहन रोहतगी, मुकुल टण्डन, ए.के. सरोगी, स्वतंत्र सिंह, अवध दुबे, महेंद्र मोदी तथा चैम्बर के उपस्थित सभी सदस्यों ने भी ने दीप प्रज्जवलित कर स्वर्गीय डॉ0 गौर हरि सिंहानिया जी को श्रृद्धा सुमन पुष्पांजलि एवं माल्यार्पण किया। डॉ. रोहतगी ने स्वागत भाषण दिया।
इसके पश्चात् कल्चरल कमेटी के चेयरमैन- स्वतंत्र सिंह जी द्वारा सायंकाल 07:00 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम “भूले बिसरे गीत” में भव्य गीतों की श्रृंखला का संचालन किया गया।
कपिल शर्मा ने ‘मुसाफिर हूं यारों…’, शैलजा कुशवाहा ने ‘जब प्यार किया तो डरना क्या …’, अंजलि ने ‘धीरे-धीरे मचल ऐ दिल बेकरार …’ , रोहित ने ‘ओ माझी रे…’, डुएट गानों में प्रस्तुति देते हुए कपिल – दीपिका ने ‘तेरे मेरे मिलन की रैना…’, कपिल – अंजलि ने ‘ऐ रात भीगी-भीगी …’ , रोहित – शैलजा ने ‘गाता रहे मेरा दिल …’ तथा कपिल, समृद्धि व दीपिका के संयोजन में ‘लेकर पहला पहला प्यार …’ अत्यंत ही खूबसूरती से श्रोतागणों के सामने प्रस्तुत किया गया । इस कड़ी में शशांक दीक्षित – ‘पिया रे पिया रे ओ रे पिया …’ , प्रियांशी पांडे – ‘हमरी अटरिया पर आजा रे सांवरिया …’ तथा शानवी जायसवाल द्वारा ‘मोहे भूल गए सांवरिया …’ आदि गीतों को प्रस्तुत किया गया।
वाद्य यंत्रों पर प्रस्तुति देते हुए डॉक्टर ए.एस. प्रसाद ने ‘आगे भी जाने ना तू…’ तथा ‘पुकारता चला हूं मैं…’ एवं डॉक्टर आई एम रोहतगी ‘ने जाने कहां मेरा जिगर गया रे…’ व ‘प्यार हुआ इकरार हुआ…’ पर प्रस्तुति देकर समस्त श्रोतागणों को थिरकने पर विवश कर दिया।
कार्यक्रम के अंत में अन्य कुछ प्रसिद्ध गीतों, जैसे ‘रंगीला रे…’, ‘बाबूजी धीरे चलना…’, ‘चलते-चलते यूं ही कोई मिल गया था…’, ‘आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे…’ एवं अन्य गीतों को प्रस्तुत किया गया।
गायकों का साथ देने के लिए वाद्य – यंत्रों, ‘सिंथेसाइजर पर राजा चौधरी’, ‘तबला व ढोलक पर मनीष…’ तथा ‘कीपैड पर रोशन अली…’ ने अपनी उंगलियों के जादू से गायकों की मधुर आवाज को सुमधुर कर दिया।
सांस्कृतिक सत्र के अन्त में फरमाइश गीतों का भी एक सत्र आयोजित हुआ, जिसका सदस्यों ने अपने-अपने मनपसन्द गीतों का भरपूर आनन्द लिया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में डॉ. जे.एन. गुप्ता, टीकम चंद सेठिया, योगेश अग्रवाल, विश्व नाथ गुप्ता, गुलशन धूपर, यतीन्द्र शुक्ल, पंकज जैन, अजीत कुमार ठाकुर तथा मर्चेन्ट्स चैम्बर के सदस्यगण तथा कानपुर के गणमान्य नागरिक सपरिवार उपस्थित रहे।

More Stories
भागलपुर28अप्रैल26*नेशनल कैडेट कोर एनसीसी में भैया/बहनों का चयन
मैहर28अप्रैल26*‼️गर्मी में जीव-जंतुओं की प्यास बुझाना: हमारी संवेदनशील जिम्मेदारी,,रवींद्रसिंह (मंजू सर) मैहर की कलम से।
नैनीताल28अप्रैल26*गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के नए कुलपति की नियुक्ति