November 2, 2026

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कानपुर नगर 2 नवम्बर 26*बिल्हौर में बदलाव की हुंकार: अरौल में मातृशक्ति का ऐतिहासिक समागम

कानपुर नगर 2 नवम्बर 26*बिल्हौर में बदलाव की हुंकार: अरौल में मातृशक्ति का ऐतिहासिक समागम

कानपुर नगर 2 नवम्बर 26*बिल्हौर में बदलाव की हुंकार: अरौल में मातृशक्ति का ऐतिहासिक समागम

​कानपुर नगर से राजेंद्र कुमार की विशेष रिपोर्ट | यूपीआजतक

​कानपुर/बिल्हौर। राजनीति और समाज का असली बदलाव तब शुरू होता है जब घर की चौखट लांघकर मातृशक्ति अपने अधिकारों और सम्मान के लिए एकजुट होती है। कुछ ऐसा ही ऐतिहासिक और अभूतपूर्व नजारा 01 नवंबर को बिल्हौर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कस्बा अरौल में देखने को मिला। यहाँ आयोजित ‘मातृशक्ति महिला सम्मान समारोह’ ने न केवल भीड़ के सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए, बल्कि यह आयोजन बिल्हौर की राजनीति और सामाजिक दिशा को बदलने वाला एक बड़ा टर्निंग पॉइंट बनकर उभरा। समारोह में उमड़ी हजारों की संख्या में माताओं, बहनों और बेटियों की ऐतिहासिक भागीदारी ने विरोधियों के हौसले पस्त कर दिए हैं, तो वहीं क्षेत्र में ‘परिवर्तन’ की एक नई बयार ला दी है।

​समारोह में महिलाओं का जो सैलाब उमड़ा, उसने साफ कर दिया कि अब बिल्हौर की महिलाएं मूकदर्शक नहीं हैं, बल्कि वे अपने हक, सम्मान और क्षेत्र के विकास के लिए खुद नेतृत्व करने को तैयार हैं। पंडाल में जहाँ तक नजर जा रही थी, सिर्फ और सिर्फ महिलाओं का हुजूम, सिरों पर लाल टोपियां, हाथों में बदलाव का संकल्प और जुबान पर अधिकारों की आवाज सुनाई दे रही थी।

​अर्पणा बंसल जैन का आह्वान: ‘संघर्षशील महिलाओं के साथ है समाजवादी पार्टी’

​समारोह की मुख्य अतिथि के रूप में समाजवादी पार्टी की राष्ट्रीय सचिव आदरणीय श्रीमती अर्पणा बंसल जैन जी ने शिरकत की। अरौल पहुंचने पर उनका ऐतिहासिक और जोशीला स्वागत किया गया। कार्यक्रम की आयोजक एवं 209-बिल्हौर विधानसभा से समाजवादी पार्टी की मजबूत दावेदार व संभावित प्रत्याशी रचना सिंह गौतम ने मुख्य अतिथि को बड़ी पुष्पमाला और स्मृति चिह्न भेंटकर उनका अभिनंदन किया।

​अपने संबोधन में अर्पणा बंसल जैन ने जनसमूह को देखकर गदगद होते हुए कहा, “आज अरौल की इस पावन धरती पर उमड़ा यह जनसैलाब कोई साधारण भीड़ नहीं है, बल्कि यह अन्याय, अत्याचार और दमन के खिलाफ उठी हुई बिल्हौर की वो ताकत है जिसे अब कोई रोक नहीं सकता। यहाँ की माताओं और बहनों ने जो उत्साह दिखाया है, वह पूरे उत्तर प्रदेश की महिलाओं के लिए एक मिसाल है।”

​रचना सिंह गौतम के संघर्षों की दिल खोलकर सराहना करते हुए उन्होंने कहा, “रचना सिंह गौतम कोई चुनावी नेता नहीं हैं, बल्कि वह पिछले 12 वर्षों से लगातार बिना किसी पद के, हर मौसम में, दिन-रात जनता के बीच रहकर गरीबों, शोषितों, मजदूरों और महिलाओं की आवाज बनी हुई हैं। उन्होंने यहाँ की बहनों के आंसू पोंछे हैं और उनके हक की लड़ाई लड़ी है। समाजवादी पार्टी हमेशा जमीनी स्तर पर संघर्ष करने वाले अपने ऐसे कार्यकर्ताओं और समर्पित बेटियों का सम्मान करती है और उन्हें आगे बढ़ाती है।”

​रचना सिंह गौतम का भावुक उद्बोधन: ‘आपका सम्मान ही मेरा जीवन है’

​जब कार्यक्रम की आयोजक रचना सिंह गौतम मंच पर आईं, तो पूरा पंडाल ‘रचना सिंह गौतम संघर्ष करो, हम तुम्हारे साथ हैं’ और ‘मातृशक्ति जिंदाबाद’ के नारों से गूंज उठा। हजारों महिलाओं के इस असीम प्यार को देखकर रचना सिंह गौतम अत्यंत भावुक हो गईं।

​अपने ऐतिहासिक और दिल को छू लेने वाले संबोधन में उन्होंने कहा, “आज अरौल की यह धरती केवल एक समारोह की गवाह नहीं है, बल्कि यह हमारी माताओं और बहनों के स्वाभिमान की गवाह है। हमारी बहनें और माताएं सुबह चार बजे उठती हैं। घर का चूल्हा-चौका संभालती हैं, बच्चों को तैयार करती हैं और फिर पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खेतों और खलिहानों में पसीना बहाती हैं।

वे इतनी मेहनत करती हैं, लेकिन कभी अपने संघर्ष का बखान नहीं करतीं। मैं आज आप सभी माताओं-बहनों के चरणों में अपना हाथ रखकर यह प्रतिज्ञा करती हूँ कि यदि आपका यह स्नेह, आशीर्वाद और विश्वास मेरे साथ रहा, तो मैं आपके सम्मान पर कभी कोई आंच नहीं आने दूंगी। आपका मान-सम्मान ही मेरा सबसे बड़ा आभूषण है और आपकी हर छोटी-बड़ी लड़ाई अब मेरी अपनी लड़ाई है।”

​प्रशासनिक भ्रष्टाचार और दलाली पर तीखा प्रहार

​क्षेत्र की जमीनी समस्याओं पर बात करते हुए रचना सिंह गौतम ने स्थानीय प्रशासन और थाने-तहसील में व्याप्त अव्यवस्थाओं को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, “आज बिल्हौर विधानसभा के थानों और तहसीलों में गरीबों की कोई सुनवाई नहीं है। वहाँ दलालों का बोलबाला है, गरीबों और लाचारों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है और अधिकारी अपनी मनमानी पर उतारू हैं। मैं पूछना चाहती हूँ कि क्या लोकतंत्र में जनता को सिर्फ वोट देने के लिए ही समझा गया है? हम इस दलाली, भ्रष्टाचार और गरीबों के अपमान के तंत्र को उखाड़ फेंकने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके लिए हम सबको एकजुट होना होगा, क्योंकि लोकतंत्र में सबसे बड़ी ताकत जनता और खासकर हमारी मातृशक्ति है।”

​’जब आप खड़ी होंगी, तो बदलाव को कोई रोक नहीं पाएगा’

​समाजवादी विचारधारा की मूल भावना को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा, “आदरणीय अखिलेश यादव जी की समाजवादी नीति हमेशा समाज के हर वर्ग, विशेषकर महिलाओं और पिछड़ों को बराबरी का अधिकार देने की रही है। जब तक समाज की अंतिम महिला को उसका अधिकार और सुरक्षा नहीं मिल जाती, तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा। यह लड़ाई सिर्फ रचना सिंह गौतम की नहीं है। यह लड़ाई बिल्हौर की हर उस चाची, ताई, भाभी, दादी और बहन की है जो सम्मान से जीना चाहती है। हमारा संकल्प है कि बिल्हौर के किसी भी गरीब या जरूरतमंद को अपने हक के लिए किसी के सामने गिड़गिड़ाना न पड़े।”

​परिवर्तन का लिया गया ऐतिहासिक संकल्प

​समारोह के अंत में उपस्थित हजारों महिलाओं ने हाथ उठाकर और एकजुटता प्रदर्शित करते हुए यह प्रतिज्ञा ली कि वे आने वाले समय में क्षेत्र में सामाजिक न्याय, महिला सुरक्षा, सम्मान और चहुंमुखी विकास के लिए एकजुट होकर काम करेंगी। इस आयोजन ने न केवल बिल्हौर विधानसभा के राजनीतिक समीकरणों को हिलाकर रख दिया है, बल्कि यह भी साबित कर दिया है कि अरौल की इस ऐतिहासिक भूमि से जो परिवर्तन की चिंगारी उठी है, वह आने वाले चुनाव में एक बड़ी क्रांति का रूप लेगी।

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