June 10, 2026

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कानपुर नगर 7 अप्रैल 26**शहरवासी सिर्फ राम भरोसे*भ्रष्टाचार की काली चादर ओढ़े हुए नगर निगम विभाग के अधिकारी बन चुके हैं कुंभकरण

कानपुर नगर 7 अप्रैल 26**शहरवासी सिर्फ राम भरोसे*भ्रष्टाचार की काली चादर ओढ़े हुए नगर निगम विभाग के अधिकारी बन चुके हैं कुंभकरण

*Breaking News kanpur*

कानपुर नगर 7 अप्रैल 26**शहरवासी सिर्फ राम भरोसे*भ्रष्टाचार की काली चादर ओढ़े हुए नगर निगम विभाग के अधिकारी बन चुके हैं कुंभकरण,,आस्था पर भी राजनीति की चली आंधी, वर्षों पुराना दुर्गा माता मंदिर हुआ ध्वस्त,,चढ़ गया भ्रष्टाचार की भेंट*

*क्षेत्रीय लोगों ने स्वयं कराया कार्य, व हटवाया मलवा और गिरे पेड़*

कानपुर नगर *शहर के नेहरू नगर क्षेत्र में स्थित वर्षों पुराना दुर्गा माता का मंदिर बीते शनिवार आई आंधी की मार तो झेल गया, लेकिन नगर निगम की तानाशाही, महापौर प्रमिला पांडेय की मनमानी और विभागीय भ्रष्टाचार के सामने टिक नहीं पाया*।

*वर्षों से मंदिर में लगे विशालकाय पेड़ की स्थिति को लेकर क्षेत्रीय लोगों और वार्ड 37 के पार्षद द्वारा कई बार नगर निगम को अवगत कराया गया, लेकिन शिकायतें अनसुनी रहीं। हुआ क्या आंधी में मंदिर पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर ढह गया और श्रद्धालुओं की भावनाएँ मलबे में दफन हो गईं, बल्कि पेड़ गिरने से मंदिर के साथ आस पास की दुकानें ढह गईं*।

*घटना के बाद जब मंदिर पर गिरे विशाल पेड़ को हटाने के लिए स्थानीय लोगों और पार्षद ने उद्यान विभाग को फोन किया, तो जो जवाब मिला वह कानपुर की प्रशासनिक व्यवस्था को शर्मसार करता है। अधिकारियों और कर्मचारियों ने साफ कहा* कि “महापौर बताएगी वहां कार्य कराएंगे।”

*यह बयान सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि इस बात का खुला सबूत है कि पार्षद और महापौर के विवाद की राजनीति में जनता को बली चढ़ा दिया गया है। वहीं महापौर के खास पार्षदों के वार्डों में तुरंत काम शुरू कराए गए, जबकि बाकी शहर खंडहर जैसा पड़ा रहा।*

*पूरा शहर आंधी में उजड़ा हुआ है अभी तक, लेकिन नगर निगम और उद्यान विभाग सिर्फ “ख़ास लिस्ट” के इशारों पर काम करता दिख रहा है। जनता परेशान, सड़कें टूटी, पेड़ गिरे, बिजली व्यवस्था चरमराई पर सिस्टम सिर्फ चहेतों की सेवा में तैनात रहा।*

*नगर निगम विभाग की यह कार्यशैली आज साफ दिखाती है कि विभाग एक सेवा संस्था नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार और पक्षपात का बड़ा अड्डा बन चुका है, जहाँ काम जनता के लिए नहीं, बल्कि सत्ता की मर्जी से होता है। कानपुर में आस्था से लेकर आम आदमी तक,,सब राजनीति की भेंट चढ़ते दिखाई दे रहे हैं।*

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