July 15, 2026

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कानपुर नगर 4 अप्रैल 26*"आज़ादी के 78 साल बाद भी प्यासा है मेरा गाँव!"

कानपुर नगर 4 अप्रैल 26*”आज़ादी के 78 साल बाद भी प्यासा है मेरा गाँव!”

कानपुर नगर 4 अप्रैल 26*”आज़ादी के 78 साल बाद भी प्यासा है मेरा गाँव!” शिवराजपुर की जनता का दर्द—क्या यही है ‘विकसित भारत’ का चेहरा?

कानपुर नगर *आज बिल्हौर विधानसभा के शिवराजपुर ब्लॉक अंतर्गत गाँव सखरेज में जाकर जो मंज़र देखा, उसने दिल को झकझोर दिया। समाजवादी पार्टी की सरकार में बनी पानी की टंकी, जो कभी पूरे गाँव की प्यास बुझाती थी, आज भाजपा के 10 साल के कुशासन में ‘सफेद हाथी’ बनकर खड़ी है।

हकीकत की कड़वी घूँट:
📍 4 किलोमीटर का सफर: यहाँ के सम्मानित बुजुर्ग और युवा तपती धूप में 4-4 किलोमीटर दूर से साइकिलों और हाथों में डिब्बे लेकर पानी लाने को मजबूर हैं।
📍 माताओं-बहनों की पीड़ा: घर की महिलाएं दूसरों के दरवाजों पर जाकर पानी की भीख माँगने को विवश हैं। क्या एक बुनियादी सुविधा—’साफ पानी’—देना भी इस सरकार के बस में नहीं है?
📍 ब्राह्मण समाज का उत्पीड़न: क्या इस क्षेत्र में ब्राह्मण समाज के लोगों का बस यही अपराध है कि वे स्वाभिमान के साथ जीते हैं? आखिर क्यों उन्हें हर मूलभूत सुविधा के लिए तरसाया जा रहा है?

“वोट के लिए ‘राम-राम’, और काम के समय ‘काम तमाम’!”

सत्ता के सिंहासन पर बैठे लोगों को जनता की चीखें सुनाई नहीं देतीं। अधिकारियों की हया और जिम्मेदारी खत्म हो चुकी है। कागजों पर हम ‘विश्वगुरु’ बन रहे हैं, लेकिन हकीकत में हम अपने ही लोगों को पानी तक मुहैया नहीं करा पा रहे।

मेरा अल्टीमेटम:
मैंने संबंधित अधिकारियों से कड़े शब्दों में बात की है। उन्होंने 3 दिन का समय माँगा है। यदि 3 दिनों के भीतर पानी की सप्लाई बहाल नहीं हुई और टंकी चालू नहीं की गई, तो मैं समस्त पीड़ित ग्रामीणों के साथ तहसील और विभाग का घेराव करूँगी।

पानी के बिना कोई जीवित नहीं रह सकता, और जनता के जीवन से खिलवाड़ करने वालों को हम चैन से बैठने नहीं देंगे।

आपका अधिकार, मेरी लड़ाई!

आपकी,
रचना सिंह गौतम
(पूर्व प्रत्याशी, बिल्हौर विधानसभा)

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