कानपुर देहात 6 अगस्त 2024 *जनपद के उर्वरक प्रतिष्ठानों पर संयुक्त टीम द्वारा कुल 30 छापे डाले गए।
जनपद के उर्वरक प्रतिष्ठानों पर संयुक्त टीम द्वारा कुल 30 छापे डालकर 24 नमूने, 02 उर्वरक बिके्रताओं का उर्वरक प्राधिकार निलम्बित एवं 03 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।*
अपर मुख्य सचिव कृषि उ0प्र0 शासन के रेडियोग्राम के निर्देश के अनुपालन में जिलाधिकारी आलोक सिंह के द्वारा उर्वरक की गुणवत्ता एवं उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा कालाबाजारी रोकने तथा निर्धारित मूल्यों पर उर्वरक को उपलब्ध कराने एवं कृषकों में वितरण कराने के लिए जनपद में तीन संयुक्त टीमें गठित कर उनकों तहसील आवंटित कर उर्वरक प्रतिष्ठानों पर अचैक छापे डाले गये। जनपद में कुल 30 उर्वरक प्रतिष्ठानों पर छापे डालकर 24 नमूने ग्रहित किये गये, 02 उर्वरक बिके्रताओं का उर्वरक प्राधिकार निलम्बित एवं 03 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
जिला कृषि अधिकारी डा० उमेश कुमार गुप्ता एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, मत्स्य अवनीश कुमार यादव कानपुर देहात के द्वारा तहसील भोगनीपुर/सिकन्दरा में छापे की कार्यवाही की गयी। जिसमें 12 उर्वरक प्रतिष्ठानों पर छापे डालकर कुल 10 नमूने ग्रहित किये गये। अवस्थी खाद भण्डार बरौर एवं किसान सेवा केन्द्र पटेल चैक पुखरयां को अभिलेख अपूर्ण होने के कारण, कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। काॅमन सर्विस सेन्टर बरौर के द्वारा कोई भी अभिलेख मौके पर नही दिखये न ही स्टाक एवं रेट बोर्ड मौके पर था जिससे इनका उर्वरक बिक्री प्राधिकार निलम्बित किया गया।
उप कृषि निदेशक कानपुर देहात एवं जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी कानपुर देहात के द्वारा तहसील अकबरपुर एवं मैथा में 07 उर्वरक प्रतिष्ठानों में छापा डालकर 07 नमूने ग्रहीत किए गये। मै0 विन्ध्यवासिनी टेªडर्स रनियां कानपुर देहात स्टाक मिलान न होने के कारण, कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी एवं सहायक आयुक्त खाद्य कानपुर देहात के द्वारा तहसील डेरापुर एवं रसूलाबाद में 11 उर्वरक प्रतिष्ठानों में छापा डालकर 07 नमूने ग्रहीत किए गये। कटियार खाद भण्डार मुंगीसापुर को बन्द करके भाग जाने के कारण इनका उर्वरक बिक्री प्राधिकार निलम्बित किया गया।
समस्त उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया जाता है कि उर्वरक का वितरण निर्धारित मूल्य पर बिक्री करें। साथ ही स्टाक रजिस्टर वितरण रजिस्टर एवं स्टाक रेट बोर्ड आदि अभिलेखों को अद्यतन रखा जाये। यदि उर्वरक विक्रेता द्वारा उक्त निर्देशों का पालन नही किया जाता है तो उसके विरूद्व उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के प्राविधानों के अनुसार प्रभावी वैधानिक कार्यवाही की जायेगी।
*संवाददाता प्रशान्त शर्मा कानपुर देहात यूपी आजतक*

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