औरैया02नवम्बर*युवती ने फांसी लगाकर की आत्महत्या*
*चाचा ने किराए का मकान लिया था, साफ-सफाई के लिए बुलाया था, पुलिस कर रही जांच*
*बिधूना,औरैया।* बुधवार की सुबह एक युवती ने पड़ोस में खाली पड़े मकान में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। स्वजनों को जानकारी हुई तो घर में कोहराम मच गया। परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना पर पुलिस टीम के साथ एसपी ने भी मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। घर के लोगों से बात करके जानकारी जुटाई।घटना बिधूना कोतवाली क्षेत्र के बरका पुर्वा गांव की है। गांव निवासी केशव सिंह की बेटी आशु यादव (18) का शव पड़ोस में बलराम सिंह यादव के खाली घर में दुपट्टे से लटकता मिला।बलराम का मकान दो दिन पहले आशु के चाचा यतनीश ने किराए पर रहने के लिए लिया था। इसकी साफ-सफाई करने के लिए चाचा यतनीश ने आशु को सुबह करीब आठ बजे बुलाया था। आशु अंदर साफ-सफाई कर रही थी, जबकि चाचा बाहर का कार्य कर रहे थे।बुधवार की सुबह करीब 9 बजे काम से फ्री होकर चाचा जब घर के अंदर पहुंचे, तो आवाज देने पर भी आशु कहीं नजर नहीं आई। इस पर उन्होंने किचन में जाकर देखा तो आशु का शव किचन के जंगले में दुपट्टे के सहारे लटकता मिला। इस पर चाचा ने उसको फंदे से नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।मृतका के पिता केशव सिंह ने बताया कि आशु एक सप्ताह पहले अपनी बुआ के घर किशनपुरा बरौनाकलां गई थी। वहां से दो दिन पहले ही गांव वापस आई थी। घटना की जानकारी मिलते ही एसपी चारु निगम सहित सीओ महेंद्र प्रताप सिंह, कोतवाल जीवाराम, चौकी इंचार्ज तन्मय चौधरी मौके पर पहुंचे।पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस दौरान पुलिस ने चाचा यतनीश का मोबाइल अपने कब्जे में लिया है। साथ ही शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। केशव के परिवार में पत्नी गीता देवी के अलावा दो बेटे अंकित व शिवम एवं चार बेटियां थीं। चार बेटियों में आशु तीसरे नम्बर की थी। उसकी दो बड़ी बहनों की शादी हो चुकी है। मां गीता देवी समेत परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा है।

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