औरैया01अक्टूबर*शिव का ध्यान कर कृष्ण ने कालिया नाग पर विजय पाई तो पूतना के विष को खत्म कर वध किया-आचार्य*
*फफूँद,औरैया।* विकास खण्ड भाग्यनगर क्षेत्र के गांव पीपरपुर में चल रही श्रीमद् भागवत महापुराण कथा के दौरान कथावाचक प्रयाग पीठाधीश्वर प.धराचार्य ने कृष्ण बाल लीला, पूतना उद्धार का प्रसंग सुनाया। परीक्षित रामा एवं बलराम दीक्षित ने आरती उतारी। महाराज ने बताया कि सुख के साथी तो सब होते हैं। सुख सबको चाहिए, लेकिन दुख का सहभागी कोई नहीं होता। पुण्य सबको चाहिए, लेकिन पाप किसी को नहीं चाहिए। लेकिन हमारे गोविंद, भक्तों के अनेकों जन्मों के अर्जित पाप को भी चुरा लेते हैं। बाल लीला का मनोहारी चित्रण कर पूतना उद्धार की कथा सुनाई।
भगवान कृष्ण की बाल लीला का वर्णन करते हुए कहा कि कृष्ण बाल लीला के रूप में काली नाग का वध किया। जिस समय ग्वाल बाल के साथ भगवान कृष्ण खेल रहे थे, उसी समय काली नाग पर भगवान ने प्रहार कर फन में नृत्य किया। इस दृश्य को देखकर नाग की पत्नियां भगवान के सामने अपना आंचल फैलाकर जीवन की भीख मांगने लगी।श्री कृष्ण भगवान को मरवाने के लिए राजा कंस के द्वारा पूतना सहित अनेकों राक्षसों को भिजवाया गया, जिनका श्रीकृष्ण भगवान ने वध कर गांव के लोगों की सुरक्षा की। बताया कि पूतना अपने स्तनों में जहर लगाकर भगवान के पास पहुंची और भगवान को शिशु रूप में उठाकर अपने स्तन का दूध पिलाने लगी, जिस पर भगवान श्रीकृष्ण ने भी भगवान शंकर का ध्यान किया क्योंकि शंकर जी ने समुद्र मंथन में से जितना विष निकला तो देवाधिदेव महादेव सब विष गए थे। इसलिए भगवान कृष्ण ने नेत्र बंद करके शिव का ध्यान किया। इसके बाद उन्होंने पूतना का वध भी किया और उसे मां की गति भी प्रदान की।उन्होंने बताया कि कैसा भी प्राणी हो भगवान के सन्मुख आ जाए तो वे उसका उद्धार कर देते हैं। भगवान भी ब्रज में रहकर माखन चोरी की लीला किए। आगे वृंदावन की सुंदर कथाओं का वर्णन किया। इस मौके पर सन्दीप दीक्षित, प्रदीप दीक्षित, सोनू पांडेय, विवेक दीक्षित, अनिल दीक्षित , ध्रुव, अनुपम तिवारी आदि व्यवस्था में जुटे रहे।

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