औरैया 08 अप्रैल *बसों का परिचालन जनता के लिए बना परेशानी का शबब*
*औरैया।* किसी भी शहर या जिले के विकास में वहां की आवागमन व परिवहन व्यवस्थायें अहम भूमिका अदा करती हैं। लेकिन यह शहर का दुर्भाग्य ही कहा जायेगा कि यहां परिवहन के नाम पर सिर्फ रोडवेज ही है। शहर के लोगों को बाहर अन्य जगहों पर आने-जाने के लिए रोडवेज की बसों का ही सहारा लेना पड़ता है। लेकिन विडम्बना यह है कि एक तो यहां पर स्थित रोडवेज बस स्टैण्ड अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है, तो वहीं यहां पर जो बसें बाहर से आती या जाती हैं, उनका शहर के अंदर बस स्टैण्ड तक न आना शहर की जनता के लिए बड़ी परेशानी का सबब बना हुआ है।
वर्षों से बस स्टैण्ड व बसों के संचालन की खस्ता हाल दशा का दंश झेल रहे शहर के लोगों का आक्रोश यदा कदा महसूस किया जा सकता है। अब जब एक बार फिर सूबे में भाजपा की योगी सरकार 2.0 बनी है तो रोडवेज बस स्टैण्ड की हालत सुधारने और बाहर से आने वाली बसों को हाइवे से होते हुए अंदर डिपो तक आने की मांग ने जोर पकड़ लिया है। शहर की जनता के साथ साथ छात्र व युवा अब इस मांग को लेकर खुलकर सामने आये हैं और बीते कुछ दिनों से लगातार अधिकारियों से सम्पर्क साधने में जुटे हुए हैं। छात्र हित संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि इन समस्याओं से शहर की जनता को निजात दिलाने के लिए अब वह प्रयास कर रहे हैं। यदि उनकी आवाज नहीं सुनी गई तो वह अपने प्रयासों को आन्दोलन का स्वरूप देने से गुरेज नहीं करेंगे। छात्रों का कहना है कि न ही सरकारी बसे डिपो तक आती है और न ही डिपो के अधिकारी डिपो तक आते है। वहीं कानपुर की तरफ से आने वाली सरकारी बसे डिपो के अंदर न आकर सवारियों को डिपो से 2 किमी दूर इंडियन ऑयल/देवकली चौराहा पर ही उतार देती हैं, जिससे नगर की जनता को काफी तकलीफ का सामना करना पड़ता है। रात के समय में तो सवारियों को कोई प्राइवेट साधन भी नही मिलता है, जिससे उन्हें 2 किमी का सुनसान रास्ता पैदल ही तय करना पड़ता है और इस दौरान अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी स्वयं उठानी पड़ती है। इसी सम्बन्ध में क्षेत्रीय सहायक प्रबंधक को ज्ञापन देकर समस्या का निस्तारण कराने का प्रयास किया जा रहा है। बताया कि छात्र हित संगठन औरैया के कार्यकर्ता पिछले 2 दिनों से लगातार एआरएम से संपर्क की कोशिश कर रहे है लेकिन औरैया डिपो का रवैया इतना चिंताजनक है कि 2 दिनों में एआरएम साहब डिपो में उपस्थित ही नहीं मिले। छात्रों ने आक्रोशित लहजे में कहा कि यह शहर की एक प्रमुख समस्या है जिसके शीघ्र निस्तारण की मांग वह लोग कर रहे हैं। अगर उनकी मांग पूरी नहीं की गई तो वह लोग सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने पर भी विचार कर सकते हैं।

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