April 21, 2026

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औरैया 01 जुलाई*तालाब की सरकारी भूमि पर किया अवैध कब्जा एसडीएम से शिकायत*

औरैया 01 जुलाई*तालाब की सरकारी भूमि पर किया अवैध कब्जा एसडीएम से शिकायत*

औरैया 01 जुलाई*तालाब की सरकारी भूमि पर किया अवैध कब्जा एसडीएम से शिकायत*

*क्षेत्रीय लेखपाल पर लगा धन लेकर कब्जा कराने का आरोप*

*विकासखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत जैतापुर के मजरा मिर्जापुर बैममशाह का मामला*

*औरैया।* विकासखंड कोतवाली क्षेत्र की ग्राम पंचायत जैतापुर के मजरा मिर्जापुर बैरमशाह में तालाब की सरकारी भूमि पर लेखपाल की सांठगांठ से एक ग्रामीण द्वारा कब्जा कर लिया गया। इस आशय की शिकायत ग्राम प्रधान द्वारा उप जिलाधिकारी औरैया से की गई है। जिस पर उप जिलाधिकारी द्वारा भौतिक सत्यापन कराया गया, जिसमें मामला सही निकलने पर तालाब की जगह को कब्जा मुक्त कराया गया है। इसके साथ ही ग्राम पंचायत में लेखपाल पर धन लेकर जगह पर कब्जा कराने का आरोप है।
ग्राम पंचायत जैतापुर के प्रधान अभिषेक यादव ने उप जिलाधिकारी औरैया को दिए शिकायती प्रार्थना पत्र में कहा है कि ग्राम पंचायत जैतापुर में तालाब में दर्ज गाटा संख्या 423 जिसका रकवा 0.1940 है , का स्थानीय लेखपाल निलेश कुमार ने भ्रष्टाचार कर अवैध धन उगाही करके ग्राम जैतापुर निवासी राकेश कुमार बाल्मीकि पुत्र रामरतन को मछली पालन के लिए सरकारी संपत्ति को गिरवी रख दिया गया है। कहा कि इस पूरे प्रकरण में ग्राम सभा/ ग्राम पंचायत से कोई प्रस्ताव/ अनुमति नहीं ली गई है। लेखपाल द्वारा ग्राम प्रधान और ग्राम सभा को बिना कोई सूचना सरकारी भूमि को आवंटित करना घोर भ्रष्टाचार हैं। इसके साथ ही प्रधान के अधिकारों का व्यक्तिगत हनन भी है। इसके अलावा ग्राम प्रधान ने कहा है कि ग्राम पंचायत में लेखपाल ने गांव के ही सर्वेश कुमार उर्फ खूंटी पुत्र राम दयाल को ग्राम पंचायत के मजरा मिर्जापुर बेरमशाह में झोपड़ी रखकर अवैध कब्जा करवा दिया है। ऐसी स्थिति में मौके पर धरातलीय सत्यापन कराने के साथ कब्जा धारक व क्षेत्रीय लेखपाल पर कठोर विभागीय कानूनी कार्रवाई किया जाना नितांत आवश्यक है। ग्राम प्रधान अभिषेक यादव ने बताया कि उनकी शिकायत पर एसडीएम ने तत्काल प्रभाव से राजस्व निरीक्षक को मौके पर भेज कर सत्यापन कराया। जिसमें मामले को सही पाया गया। इसी के चलते ग्राम समाज की जगह पर अवैध कब्जा कर बनाई गई झोपड़ी को हटवाकर कब्जा मुक्त कराया गया है, लेकिन अभी तक संबंधित लेखपाल के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है , जो चिंता का विषय है।

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