October 15, 2026

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मुजफ्फरनगर:15अक्टूबर26* एनएचएम संविदा कर्मचारियों के समर्थन में उतरे चौधरी नरेश टिकैत, मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

मुजफ्फरनगर:15अक्टूबर26* एनएचएम संविदा कर्मचारियों के समर्थन में उतरे चौधरी नरेश टिकैत, मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

मुजफ्फरनगर:15अक्टूबर26* एनएचएम संविदा कर्मचारियों के समर्थन में उतरे चौधरी नरेश टिकैत, मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

बोले—कर्मचारियों की सभी मांगें जायज, उत्पीड़नात्मक कार्रवाई बंद नहीं हुई तो सड़कों पर उतरेगी भारतीय किसान यूनियन

लोकेन्द्र गौतम
ब्यूरो चीफ सहारनपुर मंडल
यूपीआजतक

मुजफ्फरनगर, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का आंदोलन सातवें दिन भी जारी रहा। भारी बारिश के बावजूद कर्मचारियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय पर धरना देते हुए कार्य बहिष्कार जारी रखा। इसी बीच भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने आंदोलनरत कर्मचारियों के समर्थन में उतरते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है। उन्होंने कर्मचारियों की मांगों को जायज बताते हुए उनके समाधान की मांग की और उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने का अनुरोध किया।
टिकैत की चेतावनी—कर्मचारियों का उत्पीड़न बंद करें,,,
चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि महंगाई के मौजूदा दौर में कम मानदेय पर काम करने वाले संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। कर्मचारियों की मांगें जायज हैं और सरकार को उनका तत्काल समाधान करना चाहिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि संविदा कर्मचारियों के खिलाफ दमनात्मक कार्रवाई की गई और उनका उत्पीड़न बंद नहीं हुआ, तो भारतीय किसान यूनियन उनके समर्थन में सड़कों पर उतरने से पीछे नहीं हटेगी। टिकैत के इस रुख से आंदोलनरत कर्मचारियों को समर्थन मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मानदेय बढ़ाने की मांग,,,
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखे पत्र में चौधरी नरेश टिकैत ने एनएचएम संविदा कर्मचारियों को मिलने वाले मानदेय को कम बताते हुए महंगाई के अनुरूप उसमें सम्मानजनक वृद्धि किए जाने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को ऐसा मानदेय मिलना चाहिए, जिससे वे अपने परिवार का भरण-पोषण सम्मानपूर्वक कर सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि अपने मानदेय और अधिकारों के लिए कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा आंदोलन राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि उनके जायज अधिकारों और भविष्य से जुड़ा विषय है। सरकार को उनकी समस्याओं का गंभीरता से संज्ञान लेकर सकारात्मक निर्णय करना चाहिए।
भारी बारिश में भी सातवें दिन जारी रहा धरना,,,
एनएचएम संविदा कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष डॉ. सचिन जैन ने बताया कि भारी बारिश के बावजूद सातवें दिन भी कर्मचारियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पर धरना दिया और कार्य बहिष्कार जारी रखा। कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हुआ है।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, समान कार्य के लिए समान वेतन तथा अन्य लंबित मांगों का समाधान शामिल है। उनका कहना है कि सरकार को इन मांगों पर जल्द निर्णय लेकर कर्मचारियों को राहत देनी चाहिए।
कार्रवाई संबंधी पत्र से कर्मचारियों में रोष,,
डॉ. सुदेश वर्मा ने कहा कि प्रशासन की ओर से कार्रवाई संबंधी पत्र जारी किए जाने के बावजूद कर्मचारियों का आंदोलन जारी है। उनके अनुसार, कर्मचारियों की एकजुटता इस बात से स्पष्ट है कि वे निर्धारित समय पर धरने में शामिल हो रहे हैं और अपनी मांगों पर कायम हैं।
उन्होंने प्रशासन से अपील की कि कर्मचारियों के खिलाफ दमनात्मक कार्रवाई करने के बजाय वार्ता के माध्यम से समस्या का समाधान निकाला जाए। कर्मचारियों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष कर रहे हैं और सरकार से न्याय की अपेक्षा रखते हैं।
आपातकालीन सेवाएं फिलहाल बहाल,,,
स्टाफ नर्स डिंपल ने बताया कि आंदोलन के दौरान फिलहाल आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं बहाल रखी गई हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी जारी रखी और आंदोलन को जबरन दबाने का प्रयास किया, तो आंदोलन और व्यापक हो सकता है।
उन्होंने सरकार से कर्मचारियों की समस्याओं का जल्द समाधान करने की अपील की, ताकि आंदोलन समाप्त हो और स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य रूप से संचालित हो सकें।
टिकैत के समर्थन से आंदोलन को मिल सकता है बल,,
सातवें दिन भी धरने पर डटे कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में एकजुटता प्रदर्शित की। चौधरी नरेश टिकैत द्वारा मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कर्मचारियों की मांगों का समर्थन किए जाने के बाद आंदोलन को किसान संगठन का समर्थन मिलने का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया है। कर्मचारियों को उम्मीद है कि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर नियमितीकरण, समान कार्य के लिए समान वेतन और मानदेय से जुड़ी समस्याओं का समाधान करेगी।
धरने में शामिल प्रमुख कर्मचारी: डॉ. सचिन जैन, डॉ. राहुल वर्मा, डॉ. शमशेर, डॉ. विजीत, डॉ. रमाशंकर, जुनैद, रवि कुमार, लवलेश, डॉ. देवेंद्र, डॉ. प्रवीण, डॉ. सुधा, डॉ. वेद भूषण, डॉ. चेतन, डॉ. विकास, समीना नाज, निर्मला चौधरी, एहतेशाम, डॉ. गौरव, डॉ. आमिर, हिमांशु त्यागी और राकेश सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

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