August 7, 2026

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अयोध्या7अगस्त26*चकबंदी कार्यों की जिलाधिकारी ने की समीक्षा,पुराने वादों के शीघ्र निस्तारण के दिए निर्देश*

अयोध्या7अगस्त26*चकबंदी कार्यों की जिलाधिकारी ने की समीक्षा,पुराने वादों के शीघ्र निस्तारण के दिए निर्देश*

अयोध्या7अगस्त26*चकबंदी कार्यों की जिलाधिकारी ने की समीक्षा,पुराने वादों के शीघ्र निस्तारण के दिए निर्देश*

*10 वर्ष से अधिक एवं 5 वर्ष से अधिक लंबित वादों का प्रतिदिन सुनवाई के निर्देश*

*छ: माह में वादों के कराया जाए निस्तारण:जिलाधिकारी*

अयोध्या, 07 अगस्त 2026 (सू0वि0)*जिलाधिकारी श्री शशांक त्रिपाठी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में चकबंदी कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में चल रहे चकबंदी कार्यों तथा लंबित वादों के निस्तारण की प्रगति की तहसीलवार समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि 10 वर्ष से अधिक एवं 5 वर्ष से अधिक समय से लंबित चकबंदी वादों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।उन्होंने कहा कि पांच वर्ष से अधिक पुराने वादों को प्रतिदिन की सुनवाई में प्राथमिकता से लिया जाए, संबंधित पक्षकारों को अंतिम अवसर प्रदान करते हुए नियमानुसार शीघ्र सुनवाई पूरी कर वादों का निस्तारण कराया जाए। छह माह के भीतर लंबित वादों का निस्तारण हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि चकबंदी कार्यों में अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने जिला चकबंदी अधिकारी को निर्देशित किया कि जनपद की सभी तहसीलों में चल रहे चकबंदी कार्यों का समय-समय पर स्थलीय निरीक्षण करते हुए प्रगति की नियमित समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि चकबंदी प्रक्रिया का मूल उद्देश्य पात्र एवं प्रभावित काश्तकारों को समयबद्ध तरीके से न्याय दिलाना है, इसलिए हर हाल में पीड़ित को न्याय मिलना चाहिए।

समीक्षा के दौरान चकबंदी अधिकारी रुदौली, चकबंदी अधिकारी बीकापुर एवं चकबंदी अधिकारी मिल्कीपुर द्वारा पुराने वादों के निस्तारण में अपेक्षित प्रगति न पाए जाने पर जिलाधिकारी ने असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित पुराने वादों के निस्तारण में तेजी लाते हुए शीघ्र कार्रवाई पूर्ण करें और प्रगति से अवगत कराएं।

जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि रेस्टोरेशन की प्रक्रिया का अनावश्यक एवं बार-बार सहारा न लिया जाए तथा वादों की सुनवाई नियमानुसार करते हुए उनका प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।