अयोध्या20फ़रवरी26*पंचायत चुनाव टलना लगभग तय, 26 मई के बाद ग्राम पंचायतों में प्रशासक तैनाती के आसार*
अयोध्या। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर असमंजस की स्थिति गहराती जा रही है। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 15 अप्रैल को प्रस्तावित है, जबकि वर्तमान पंचायतों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो रहा है। ऐसे में चुनाव समय पर संपन्न होना मुश्किल माना जा रहा है। जानकारों के मुताबिक, नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से मतदान संपन्न कराने तक कम से कम 25 दिन का समय आवश्यक होता है। 15 अप्रैल के बाद कार्यकाल समाप्ति तक केवल 41 दिन शेष रहेंगे। यदि इनमें से 25 दिन चुनाव प्रक्रिया में लगते हैं तो शेष 16 दिनों में आरक्षण निर्धारण, आपत्तियां और उनका निस्तारण जैसी प्रक्रियाएं पूरी करना संभव नहीं दिखता। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ही शासन द्वारा तय आरक्षण फार्मूले के आधार पर सीटों का आरक्षण किया जाएगा। इसके लिए पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन भी आवश्यक है, जिसकी प्रक्रिया अब तक शुरू नहीं हो सकी है। आरक्षित सीटों का प्रारूप जारी होने के बाद आपत्तियां ली जाती हैं और उनके निस्तारण के पश्चात अंतिम सूची प्रकाशित होती है। इस पूरी प्रक्रिया में ही कम से कम 15 दिन का समय लगने का अनुमान है। हालांकि प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर समय पर चुनाव कराने का दावा कर रहे हैं, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में इसे लेकर संशय बना हुआ है। पंचायत राज अधिनियम के अनुसार कार्यकाल समाप्त होने के छह माह के भीतर चुनाव कराना अनिवार्य है। इस आधार पर सरकार को 26 नवंबर से पहले चुनाव संपन्न कराना होगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2027 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव को देखते हुए पंचायत चुनाव को नवंबर तक टालने की रणनीति अपनाई जा सकती है। यदि 26 मई तक चुनाव नहीं हो पाते हैं तो ग्राम पंचायतों के संचालन के लिए प्रशासक नियुक्त किए जाने की संभावना है।
*अब सबकी निगाहें शासन के अगले कदम पर टिकी हैं।*

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