अनूपपुर25मई24*मृत्युंजय आश्रम अमरकंटक में बही श्रीमद्भागवत कथा की बयार
शारदानंद सरस्वती जी की पुण्य स्मृति में हजारों महिलाओं को वितरित की गयी साडियां
अनूपपुर (ब्यूरो राजेश शिवहरे)यूपीआजतक
विश्व विख्यात समाजसेवी धर्म निष्ठ संस्थान स्वामी भजनानंद मृत्युंजय आश्रम अमरकंटक में ब्रम्हलीन परमपूज्य स्वामी शारदानंद सरस्वती जी की पुण्य स्मृति में 16 मई से 23 मई 2024 तक श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया । आश्रम के परमाध्यक्ष महा मंडलेश्वर स्वामी हरिहरानंद स्वामी जी महाराज के सान्निध्य में पवित्र नर्मदा तट पर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने केन्द्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल, उनके अनुज पूर्व विधायक जालम सिंह के साथ प्रतिदिन हजारों लोग शामिल होते रहे।
आश्रम के व्यवस्थापक समाजसेवी योगेश दुबे से प्राप्त जानकारी के अनुसार वैशाख शुक्ल अष्टमी गुरुवार 16 मई से पूरे विधि विधान के साथ श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ परमपूज्य सद्गुरुदेव श्रीमत परमहंस परिव्राजकाचार्य सचिदानंदस्वरुप अनंत श्रीविभूषित श्रोत्रिय ब्रम्हनिष्ठ श्री स्वामी शारदानंद सरस्वती जी महाराज के पुण्यस्मरण में शिवप्रिय मैकल शैलसुता सी की पावन भूमि पर कथाव्यास पूज्य श्री स्वामी सच्चिदानन्द सरस्वती जी महाराज काशी के मुखारविन्द से प्रारंभ होकर 22
मई को पूर्णता को प्राप्त हुआ।
सद्गुरुचरण चंचरीक महामंडलेश्वर स्वामी हरिहरानंद जी महाराज के स्नेहिल सान्निध्य में 23 मई को बुद्ध पूर्णिमा के पावन पर्व पर आश्रम परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमे लगभग दस हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने भोजन प्रसाद ग्रहण किया। इस शुभ अवसर पर लगभग तीन हजार मातृ शक्तियों को साडियां वितरित की गयीं।
यहाँ यह विशेष रुप से उल्लेखनीय है कि स्वामी हरिहरानंद सरस्वती जी के मार्गदर्शन में आश्रम द्वारा प्रतिदिन सैकड़ों नर्मदा परिक्रमा वासियों को आश्रय , भोजन प्रसाद प्रदान किया जाता है। इनके द्वारा गरीब जनजातीय हजारों बच्चों को नि: शुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है तथा सैकड़ों गरीब कन्याओं का विवाह करवाया जाता है।

More Stories
मथुरा 31 अगस्त 26*थाना गोवर्धन पुलिस एवं रिवार्डेड टीम व सर्विलान्स टीम की संयुक्त कार्यवाही में इनामी अपराधी गिरफ्तार ।*
मथुरा 31 अगस्त 26* मिशन शक्ति फेज 5.0 (द्वितीय चरण) के तहत महिला सशक्तिकरण और जागरूकता अभियान चला
मथुरा31अगस्त26* ‘मिशन शक्ति’ केंद्रों का उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित, उत्कृष्ट कार्य पर महिला कर्मियों को मिली ‘गुड एंट्री’*