June 24, 2026

UPAAJTAK

TEZ KHABAR, AAP KI KHABAR

हरदोई23जून26*हरदोई के गोपामऊ से पूर्व चेयरमैन हाजी जाहिद खां ने पेश की हिन्दू मुस्लिम एकता की मिसाल

हरदोई23जून26*हरदोई के गोपामऊ से पूर्व चेयरमैन हाजी जाहिद खां ने पेश की हिन्दू मुस्लिम एकता की मिसाल

हरदोई23जून26*हरदोई के गोपामऊ से पूर्व चेयरमैन हाजी जाहिद खां ने पेश की हिन्दू मुस्लिम एकता की मिसाल

हरदोई के गोपामऊ से एक सुखद तस्वीर निकल कर सामने जो वास्तव में इंसानियत की मिसाल पेश करती है
पूर्व चेयरमैन हाजी जाहिद खां बने हिन्दू मुस्लिम एकता की मिसाल
आज के समय में, जब समाज को सबसे अधिक आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द की आवश्यकता है, ऐसे दौर में गोपामऊ नगर से एक ऐसी प्रेरणादायक घटना सामने आई है, जिसने यह साबित कर दिया कि इंसानियत हर धर्म और जाति से ऊपर होती है। यह घटना केवल एक बेटी के विवाह की नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं, सामाजिक जिम्मेदारी और गंगा-जमुनी तहजीब की जीवंत मिसाल है।
गोपामऊ के मोहल्ला खारीकुआं निवासी स्वर्गीय विजय पटवा के निधन के बाद उनका परिवार गहरे संकट में आ गया था। परिवार में एक दिव्यांग पुत्र और एक अविवाहित पुत्री रीतू थीं, जिनके सिर से पिता का साया उठने के बाद जीवन की राह बेहद कठिन हो गई थी। ऐसे मुश्किल समय में नगर के पूर्व चेयरमैन हाजी जाहिद खान एवं पूर्व चेयरमैन श्रीमती परवीन खान ने आगे बढ़कर इस परिवार का सहारा बनने का संकल्प लिया और मानवता की ऐसी मिसाल पेश की, जिसकी जितनी प्रशंसा की जाए, वह कम है। दिनांक 22 जून 2026 को रीतू का विवाह हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार राठौर मैरिज लॉन में पूरे हर्षोल्लास, गरिमा और पारंपरिक रीति से संपन्न कराया गया। इस विवाह की संपूर्ण जिम्मेदारी हाजी जाहिद खान और श्रीमती परवीन खान ने अपने अभिभावकत्व में निभाई। उन्होंने विवाह की सभी व्यवस्थाएं स्वयं कराईं और एक पिता-माता की भूमिका निभाते हुए बेटी रीतू का कन्यादान कर भावुक मन से उसकी विदाई की। विदाई के समय उपस्थित लोगों की आंखें नम थीं। यह केवल एक बेटी की विदाई नहीं थी, बल्कि यह वह क्षण था जिसने समाज को यह संदेश दिया कि सच्चे रिश्ते खून के नहीं, बल्कि प्रेम, अपनत्व और जिम्मेदारी के होते हैं। समारोह में नौशाद नदवी, बब्बे खान, सलमान खान, सभासद पति नदीम सागरी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे और नवदंपति को सुखद एवं मंगलमय वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं दीं।
यह आयोजन हिंदू-मुस्लिम एकता की ऐसी मिसाल बन गया, जिसने समाज को यह संदेश दिया कि धर्म कभी भी इंसानियत की राह में बाधा नहीं बनता। जब दिलों में प्रेम, सम्मान और एक-दूसरे के प्रति अपनापन हो, तब समाज में भाईचारे की ऐसी प्रेरक कहानियां जन्म लेती हैं। गोपामऊ की यह घटना गंगा-जमुनी तहजीब की उस समृद्ध परंपरा को और मजबूत करती है, जो सदियों से भारत की सांस्कृतिक पहचान रही है।
वास्तव में, हाजी जाहिद खान और श्रीमती परवीन खान का यह कार्य केवल एक सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि मानवता के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उनका यह कदम समाज के लिए प्रेरणा है और आने वाली पीढ़ियों के लिए यह संदेश भी कि इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं होता।

Taza Khabar