हरदोई14जून26*जेएमडी एसोसिएट फर्म और यूपी राज्य भंडारण गृह (इटारा पिहानी डिपो) से जुड़ा विवाद अब एक बेहद नाटकीय मोड़ पर आ गया है*।
*पिहानी (हरदोई)। हरदोई के पिहानी में जेएमडी एसोसिएट फर्म और उत्तर प्रदेश राज्य भंडारण गृह (इटारा पिहानी डिपो) से जुड़ा विवाद अब एक बेहद नाटकीय मोड़ पर आ गया है*।
पूर्व ब्लॉक प्रमुख एवं सहकारी शीतगृह के अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह राठौर पर जालसाजी का आरोप लगाने वाले डिपो मैनेजर सरोज कुमार वर्मा अब अपने बयानों से पूरी तरह पलट गए हैं. मैनेजर ने एक नोटरीकृत शपथ पत्र प्रस्तुत कर यह स्वीकार किया है कि मनोज सिंह के खिलाफ दर्ज कराई गई एफआईआर पूरी तरह से निराधार और प्रशासनिक दबाव का नतीजा थी. मैनेजर के इस यू-टर्न के बाद अब पूरे क्षेत्र के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
राज्य भंडारण गृह ग्राम इटारा पिहानी डिपो के मैनेजर सरोज कुमार वर्मा ने अपने शपथ पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि खाद्य एवं रसद विभाग के उच्च अधिकारियों द्वारा उन पर नाजायज प्रशासनिक दबाव बनाया गया था. उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने एक तैयार तहरीर पर उनसे जबरन हस्ताक्षर करवा लिए और पिहानी कोतवाली में मनोज सिंह राठौर के खिलाफ अपराध संख्या 312/2026 के तहत मुकदमा दर्ज करवा दिया था. मैनेजर ने अब साफ कहा है कि इस मामले से मनोज सिंह या उनके परिवार का कोई लेना-देना नहीं है, वे पूरी तरह निर्दोष हैं.
इस गंभीर मामले को लेकर पूर्व ब्लॉक प्रमुख मनोज कुमार सिंह राठौर ने प्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री असीम अरुण से मुलाकात की और उन्हें एक विस्तृत प्रार्थना पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है. राठौर ने मंत्री को बताया कि यह पूरा प्रकरण उनकी साफ-सुथरी राजनीतिक छवि को धूमिल करने की एक गहरी साजिश का हिस्सा था. उन्होंने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच कराई जाए ताकि साजिश रचने वाले असली चेहरे बेनकाब हो सकें.
मामले पर अपना पक्ष रखते हुए पूर्व ब्लॉक प्रमुख मनोज कुमार सिंह राठौर ने कहा कि, “मेरे खिलाफ दर्ज कराई गई एफआईआर पूरी तरह से झूठी, मनगढ़ंत और निराधार है. डिपो मैनेजर द्वारा खुद कोर्ट के समक्ष दिए गए शपथ पत्र ने यह साबित कर दिया है कि मुझे एक सोची-समझी साजिश के तहत फंसाया जा रहा था. मुझे प्रदेश सरकार और न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है, उच्च स्तरीय जांच के बाद वास्तविक स्थिति पूरी तरह साफ हो जाएगी.
इस पूरे घटनाक्रम पर संज्ञान लेते हुए प्रभारी मंत्री असीम अरुण ने निष्पक्षता का भरोसा देते हुए कहा कि, “यह पूरा मामला अब हमारे संज्ञान में आ चुका है. पूरे प्रकरण की गहराई से निष्पक्ष जांच कराई जाएगी ताकि सभी तथ्य स्पष्ट रूप से सामने आ सकें. जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमों के तहत आगे की उचित और कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.मैनेजर के इस हलफनामे के बाद अब पुलिस और खाद्य विभाग के उन अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं, जिन्होंने आनन-फानन में यह कार्रवाई की थी.

More Stories
उत्तर प्रदेश1अगस्त2026*यूपीआजतक न्यूज चैनल पर सुबह 10 बजे की बड़ी खबरें……………….*
नई दिल्ली1अगस्त जुलाई26* पत्रकारों की समस्याओं के समाधान का आश्वासन, विधानसभा उपाध्यक्ष को सौंपा ज्ञापन
नई दिल्ली1अगस्त26*लोकसभा ने जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित कर दिया है…