July 6, 2026

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रीवा6जुलाई26*मनगवां में सड़क के अभाव में गई आदिवासी महिला की जान? व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल,

रीवा6जुलाई26*मनगवां में सड़क के अभाव में गई आदिवासी महिला की जान? व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल,

रीवा6जुलाई26*मनगवां में सड़क के अभाव में गई आदिवासी महिला की जान? व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल, विधायक निधि को लेकर भी विवाद

 

रीवा*यह कोई आदिम युग का दृश्य नहीं, बल्कि 21वीं सदी के मध्यप्रदेश की एक ऐसी तस्वीर है जिसने विकास के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में ग्रामीण एक महिला को कीचड़ भरे रास्ते से चारपाई पर उठाकर अस्पताल ले जाते दिखाई दे रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, मनगवां विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत नदना डिहिया निवासी आदिवासी महिला रामकली रावत आकाशीय बिजली की चपेट में आ गई थीं। परिजनों का आरोप है कि गांव तक एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी क्योंकि सड़क चलने लायक नहीं थी। मजबूरी में परिजनों ने उन्हें करीब दो किलोमीटर तक चारपाई पर उठाकर मुख्य मार्ग तक पहुंचाया। आरोप है कि अस्पताल पहुंचने में हुई देरी के कारण उनकी मौत हो गई।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों और कुछ मीडिया रिपोर्टों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि संबंधित ग्राम पंचायत में सड़क निर्माण के लिए विधायक निधि से लगभग 5 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे। यदि यह दावा सही है, तो सवाल उठता है कि सड़क आज भी क्यों नहीं बनी? क्या राशि का उपयोग हुआ या नहीं? यदि हुआ तो उसका लाभ ग्रामीणों तक क्यों नहीं पहुंचा?
सोशल मीडिया पर मनगवां से भाजपा विधायक नरेंद्र प्रजापति की कार्यशैली को लेकर भी तीखी आलोचना की जा रही है। आलोचकों का आरोप है कि क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं—सड़क, स्वास्थ्य, पानी और बिजली—की अपेक्षा अन्य कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। हालांकि इन आरोपों पर विधायक का पक्ष सामने आना भी आवश्यक है।
यह घटना कई बड़े सवाल छोड़ जाती है—क्या किसी गरीब और आदिवासी परिवार की जान सिर्फ इसलिए चली जाए कि गांव तक सड़क नहीं है? क्या विकास के दावे केवल कागजों तक सीमित हैं? यदि सड़क निर्माण के लिए राशि स्वीकृत हुई थी, तो उसकी निष्पक्ष जांच क्यों न कराई जाए?
यदि ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह केवल एक महिला की मौत नहीं बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न होगा। अब जरूरत है कि जिला प्रशासन, संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई जनता के सामने रखें तथा दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई करें।

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