रीवा29जून25*फर्जी अनुकंपा नियुक्ति आदेश देने वाले नियोक्ता सुदामा लाल गुप्ता पर क्यों नहीं हुई F I.R*
जबकि किसी भी शासकीय विभाग में जो हस्ताक्षर अधिकारी होता है। उसकी पूर्ण जबाब दारी मानी जाती है। सबसे बड़ी बात है की प्रार्थी को यूनिक आईडी कैसे मालूम किस यूनिक आईडी से आवेदन एवं आदेश दिए गए हैं। इस पूरी कहानी में निलंबन नहीं प्रशासन को सुदामा लाल गुप्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर पूरी कहानी का खुलासा करना चाहिए चूंकि सुदामा लाल गुप्ता हनुमना से अपने आप को आर. एस. एस. का सक्रिय सदस्य सहित सहयोगी साबित कर आर. एस. एस. के सहयोग से कुर्सी हासिल करने की कहानी गढ़ते हैं। जबकि जिला शिक्षा अधिकारी की कुर्सी बोलीं लगा कर खरीदने की रीवा में प्रथा है जिला पंचायत सीईओ की भागीदारी रहतीं हैं?

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